Exploring Thessaloniki – Greece’s Most Unique & Historic City
यह देख लो भाई यह हैं सभ्य लोग जब इनको अपने पे पड़ती है ना लेकिन उन्हें क्या लगता होगा ना राजाओं को कभी ऐसा लगा ही नहीं होगा ना कि यार यह सब कुछ और यहां पर जो सिस्टम होता है ना वो होता है ये इस पे सारे युद्ध का जो सीन होता है वो बनाया गया था लेकिन बहुत बुरी बीमारी हुई उसको हाथ पैर सूझ गए किडनी और वो और शहर के बीचोंबीच एक और खंडर आ गया है जो कि ईंटें वगैरह देख लो आज तक 2000 साल से ज्यादा हो गए छोटे बच्चे तक को मरवा देते थे समुंदर डरावना सा हो जाता जब युद्ध लड़े जाते हैं ना यार तो बहुत ही क्रूललिटी भी होती है। बेटा भी मार दिया, वाइफ भी मार दी, मां भी मार दी। [संगीत] ट्रैवल करना हो ना तो फिटनेस का बहुत ख्याल रखना पड़ेगा आपको। उसकी वजह बताता हूं। अभी हम हैं साइपरस के शहर अयनापा में और यहां से हम जाने वाले हैं ग्रीस के शहर थेसोलोनी की और हम यहां से लेंगे बस पहले जो हमें ले जाएगी एयरपोर्ट और एयरपोर्ट से हम जाएंगे थेसोलनी की। अब वजह क्या है फिटनेस की? तो अगर हम यहां से टैक्सी बुक कर रहे हैं जहां से हमें बस मिलने वाली है तो वो है सिर्फ 1 कि.मी. और जो टैक्सी है वो मांग रही है 11 से 12 मतलब 1100 से 1200 भारतीय रुपए सिर्फ 1 कि.मी. के और 2 मिनट का ही रास्ता दिखा रही है। 2 मिनट में पहुंचा देगी। पैदल जाएंगे तो 13 मिनट का रास्ता है। तो 1 कि.मी. ही सिर्फ पैदल चलना है। इतनी फिटनेस होनी चाहिए कि हम बाहर आ रहे हैं तो यूरोप में खासकर तो 2 5 10 कि.मी. भी चलना पड़े तो हम चल सकें। तो इसलिए एक तो फिटनेस जरूरी है और अगर यहां से एयरपोर्ट जा रहे हैं जो कि 53 कि.मी. है तो उसके ले लिए 65 यूरो। 65 का मतलब 6500 भारतीय रुपए हो गए। यूरो आज एक यूरो 100 भारतीय रुपए के बराबर है। तो हमने डिसाइड किया कि हम पैदल ही चले जाएंगे। चलते हैं सफर शुरू करते हैं ग्रीस थैसोलिस का। और मेरे साथ तो एक ये हमसफर भी होता है ना हमेशा। और इसका वेट 22 से 23 किलो होता ही होता है कम से कम। तो इसको भी साथ रखना पड़ता है। तो उसके लिए भी फिटनेस बहुत जरूरी है। यह अपना हॉस्टल था यार। ये हॉस्टल्स वगैरह में ना लोग बाग मिल जाते हैं तो मन लग जाता है। मन मंगाने के चक्कर में ही आए थे। अभी हमने अपार्टमेंट बुक किया हुआ है थैसोलिनिकी में। देखेंगे थेसोलिनिकी को क्यों? थैसोलिनिकी क्यों चुना? थैसोलिनिकी एक बहुत ही हिस्टोरिकल जगह है ग्रीस की और ग्रीस का दूसरा सबसे बड़ा शहर है आफ्टर एथेंस। तो वहां जा रहे हैं और मुझे लगा था कुछ अलग शहर देखते हैं यार। ग्रीस एथेंस दुनिया ही जानती है। ठीक है ना? मैंने कहा कुछ अलग शहर को इस बार चुनते हैं। तो हमने थेसोलिकी को चुना। तो भाई हमें जाना है अभी ऐसे पैदल और मेरे को एक और बात पता थी कि आगे ढला नहीं है तो हमें ज्यादा लगेज के साथ तकलीफ होने नहीं वाली और यूरोप में ना माहौल जो है वो ठीक रहता है। पैदल चलने का माहौल है यहां पर। फुटपाथ्स होते हैं, साफ-सुथरी सड़कें और मौसम ठीक रहता है तो पैदल चला जा सकता है। 1 2 कि.मी. तो कोई मतलब बात ही नहीं है यूरोप में। यह गोरे भी कम नहीं होते। इनको मौका लगना चाहिए। बस फाइन वगैरह से यह बहुत डरते हैं। नहीं तो यह भी गंद मचा के रखें। हर जगह ऐसा जहां भी कोना मिल रहा है ना वहां गंदगी दिख रही है क्या मुझे? और ये आया नापा मैंने आपको बताया था कि ये एक पार्टी प्लेस है। तो जहां भी कूड़ा दिख रहा है ना जो वो तो यार बीियर या दारू। बीियर की पेटियां ही ज्यादा दिखती है यहां। और आप सब लोग भी भाई एक हर्जी हर वीडियो में करता हूं शायद मैं अपने देश को साफ रखो। शहर को साफ रखो। अपने एरिया को साफ रखो। अभी हम फोर्थ नंबर पे हैं वर्ल्ड में और यूरोप में सिर्फ जर्मनी को छोड़ दें तो सारे यूरोप को हमने इकोनमी में पीछे कर दिया। लेकिन इनकी ये साफ सफाई है जिसको ये हमारे को गलत मानते हैं। अपने आप को सही मानते हैं। अगर साफ सफाई कर देंगे ना हम बस तो हम नंबर वन पे हैं। नंबर वन मान लेना जो हमारी गंदगियां दिखती है ना इनको। ये बस उसी की बात करते हैं। हाय हाय इंडिया गंदा नहीं तो इनको मजा बड़ा आता है इंडिया आ के क्योंकि इन्हें सस्ता ही बहुत पड़ता है इंडिया। और ये देखो ये घर। मैं इसको समझ नहीं पाया था। कल देखा मैंने कहा यह मुझे तो लग रहा है इसने पुराने कूड़े गरगढ़ से सजा रखी है भाई ने चीजें लेकिन यह कभी लग रहा था कबाड़ खाना ही है और मुझे लग रहा है ये सजा रखा है क्योंकि देखो ये फुटपाथ जो है इसका ये साफ है और वहां पर देखो पीछे स्विमिंग पूल है वो भी साफ है। इट मींस जो घर है वो तो यूज़ होता ही है। और ये देखो ये कूड़ा कचरा सारा ना संभाल के संजो के रखा हुआ है। कुछ भी चीजें यहां रख दी और वो अच्छी लग रही है। अब ये घर ही है। आपको लग रहा है या ये कबाड़ खाना है थोड़ा बताना यार मैं मुझे कभी घर लग रहा है कभी भंगारखाना देखो यार लेकिन सजा रखा है है ना ये खड़ी कर रखी है टूटी फूटी है मूर्तियां लेकिन खड़ी सी कर रखी है चलो अच्छा है अच्छा लग रहा था लेकिन जैसा भी है और ऑन है बी वेयर ऑफ डॉग भी है। निकलो यहां से। देखो ये बोल्ट जो है ना पैसे तो लेगी लेकिन आएगी लिमोज़िन आपको लेने। Mercedes की लंबी सी बना रखी है लिमोज़न स्टाइल में। व यहां आ गए हम अंकल के पास। हमने स्कूटी जो अपनी राम प्यारी थी वो दे दी और मैं यहां पर अपना एक बैग रख दिया था। थैंक यू सो मच। यार। बढ़िया आदमी है ये। बहुत अच्छे इंसान है ये। अंकल। थैंक यू सो मच फॉर एवरीथिंग। एंड दिस इज फॉर यू। ओ थैंक यू। सर इन्होंने मेरा एक बैग रख लिया था। मैं स्कूटी पे आया। मैं बैग रख के आया क्योंकि मुझे पता था कि मुझे पैदल ही आना होगा। फालतू पैसे हो तो आप लोग दे सकते हो। मेरे को तो लगा नहीं देने चाहिए 1 कि.मी. के लिए 1200 भारती जून इज द बेस्ट टाइम हियर। इट्स अ लॉन्ग डे या एंड इन जुलाई लॉट ऑफ़ पीपल देर कमिंग अगेन एंड अगेन इन सेप्टेंबर। इन सितंबर या बट सितबर इज अ शॉर्टर डे स्मालर डे इट्स अबाउट अबाउट लाइक नाउ 32 32 एंड सितंबर आल्सो 32 वेदर या 32 32 32 इट्स अ गुड वेदर इन सितंबर इन सितंबर गुड फॉर गुड फॉर द ओनली थिंग इट्स अ शॉर्टर डे ओके सो लॉन्ग लाइफ सी यू थैंक यू सर ऑल द बेस्ट थैंक यू थैंक यू सर एंड टेक केयर यू टू एंड इंडियन आल्सो इफ एनी इंजन कम प्लीज हेल्प हिम ओके डू रेस्पेक्ट हिम थैंक यू सो मच यार भाई बता देते हैं हम इंडियन है ठीक रहता है क्योंकि अंकल ने मेरे को बहुत प्यार दिया कहते यार तू बहुत अच्छा इंसान है मैंने कहा मैं इंडियन हूं ध्यान रखना कोई भी इंडियन आएगा सारे अच्छे होंगे तो हम पहुंच गए हैं जहां से हमें बस मिलनी है और अभी टाइम हुआ है 10:35 11:10 की बस है और यहां पे यूरोप में जो ट्रांसपोर्ट सिस्टम है ना वो तो बढ़िया रहता है। देखो स्कैन फॉर लाइव बस अराइवल स्कैन कर सकते हैं और सारे रूट्स वगैरह लिखे होते हैं। बस पता होना चाहिए आपको कौन से रूट की बस कहां जाएगी और वो Google से पता लग जाता है। फिलहाल जो बस जाएगी ना वो जाएगी कैपनोस शटल बस। तो कैपनोस एक सर्विस है बस की वो लेके जाते हैं एयरपोर्ट सर्विस है उनकी ज्यादा। तो यहां से हमारे लगेंगे 12 यूरो। यहां से 53 कि.मी. का सफर है जो कि लगभग 40 मिनट में तय हो जाता है एयरपोर्ट तक। और एक यूरोप का और चक्कर है अगर कभी आप आए तो बस अगर आ रही है ना तो यह रुकेगी नहीं स्टॉप पे अपने आप अगर आप हाथ नहीं देंगे तो सर्विस ठीक है बसों की हर 15 मिनट बाद है और लोग ज्यादातर यही यूज करते हैं 2 पर रूट की टिकट है एक बार बैठ के चाहे एक स्टॉप पे उतर जाओ चाहे आप पूरे रूट पे चले जाओ और बस चलती है लगभग यहां पर 22 घंटे और 11:00 बजे के बाद रात के थोड़ी फ्रीक्वेंसी कम हो जाती है सुबह 3:00 से 5:00 बजे तक बसेस नहीं चलती बाकी सारे टाइम चलती है 11:00 बजे तक रात के फ्रीक्वेंसी सी हर 15 से 20 मिनट में है। बस आ गई भाई। ये है कैपनोस कोचिस। चलो जी। इंस्पेक्टर साहब थे ये टिकट चेक कर दी इन्होंने। मेरी तो यहीं कर ली थी टिकट चेक। लो जी पाजी बैठ गए बस में 11:10 पे बस यहां पर खड़ी है। देख लो टाइम से आ जाते हैं ये लोग। बिल्कुल टाइम को तो कोशिश भी मत करना। कभी ऐसी जगहों पे आओ तो दोप मिनट लेट हो सकते हैं। मतलब ही नहीं इनके लेट होने का। बहुत ही लाखों में से एक चांस होगा ये लेट हो जाए। [संगीत] पूरे टाइम पे पहुंचा दिया। इसी टाइम पहुंचाना था। 11:50 पे 11:50 पे पहुंचा दिया। अपना बैग लेते हैं। अंदर चलते हैं। चेक इन करते हैं। और ट्रॉली वगैरह का फ्री का चक्कर यूरोप में कहीं नहीं होता। ₹ है ट्रॉली की फीस। अपनी ट्रॉली ऐसी चल लेती है। सही है। लार्नका इंटरनेशनल एयरपोर्ट। यह यहां के शहर के नाम पर ही पड़ा हुआ है। लार का शहर है। उसी के नाम पर एयरपोर्ट का नाम है। थसोलिनी की जाने के लिए हमने इस बार कराई है वि एयर की फ्लाइट जो लगभग 2 घंटे 10 मिनट में हमें पहुंचा देगी थसोलेनी की। थैसोलिनी की हवाई दूरी की बात करूं तो लगभग 1200 कि.मी. है लारनाका से थैसोलेनी की। अब कहने को तो विच एयर जो है ना वो एक बजट एयरलाइन है। लेकिन 2 घंटे 10 मिनट की फ्लाइट का हमें जो फेयर पड़ा है वो पड़ा है लगभग 20,000 भारतीय रुपए जिसमें 20 केजी का एक बैग शामिल है। चेक इन हो गई। इमीग्रेशन हो गया और सिक्योरिटी भी हमने क्लियर कर दिया। चेक इन पे मांगा सिर्फ पासपोर्ट क्योंकि इस बार हमने ऑनलाइन चेक इन करा ली थी और इमीग्रेशन वाले तो अब हंसी मजाक करते हैं। बस उन्होंने भी वीजा देखा। पासपोर्ट पे जो चेक इन वाले थे उन्होंने भी वीजा देखा। दोनों जगह बस वीजा देखा और कुछ नहीं पूछा। जाने दिया और सिक्योरिटी में इस बार ऐसा हुआ पहली बार के लगेज हुआ ऐसे ही जाने दिया जो मेरे बैग थे नहीं तो खुलवाते हैं इलेक्ट्रॉनिक्स माइक वगैरह कैमरा वगैरह कुछ ना कुछ होता ही है ऐसा इलेक्ट्रॉनिक्स के वो निकाल लेते हैं कि बहुत सारा इलेक्ट्रॉनिक है तेरे पास क्या-क्या है तो होता कुछ नहीं है पावर बैंक माइक यही चीजें होती है उसमें तो खैर इस बार आसानी से हमारा जो है सिक्योरिटी क्लियर हो गया और अगर आपको कभी किसी बड़े वीजा के लिए सही गाइडेंस चाहिए चाहे बात हो वर्क वीजा की स्टडी वीजा की या टूरिस्ट वीजा की यूके यूएस ऑस्ट्रेलिया न्यू न्यूजीलैंड, शैनगन कहीं का भी जो भी बड़ा वीजा है उसके लिए आप संपर्क कर सकते हैं ग्रीनलैंड ओवरसीज कंसलटेंट कंपनी को जो कि है चंडीगढ़ में और सबसे मुझे इनकी जो खास बात है ना वो लगी कि भाई जो भी इनकी आपसे बात होगी उसको यह रिटन नोटरी पेपर पे लिख के देंगे कि भाई हमारी आपकी यह बात हुई है ताकि कोई भी कभी भी कंफ्यूजन पैदा ना हो इनके और आपके बीच में। तो कभी भी बड़े वीजा के लिए आपको चाहिए जो भी गाइडेंस उनका जो नंबर है वो आपको मैं डिस्क्रिप्शन बॉक्स में डाल दूंगा। एड्रेस नंबर वगैरह सब कुछ आपको मिल जाएगा। तो कभी भी आप जाएं कहीं भी बड़े वीजा के लिए कोई भी कंसलटेंसी चाहिए एक बार जरूर कॉल करके देखना। आपको फर्क महसूस होगा क्योंकि आपने कई जगह किया होगा वीजा अप्लाई। कई जगह से कंसलटेंसी ली होगी। डॉक्यूमेंट्स बनवाए होंगे। लेकिन एक बार अगर आप इनसे कॉल करके देखेंगे आपको बातों से ही फर्क पता लग जाएगा। तो ग्रीनलैंड ओवरसीज कंसलटेंट कंपनी से आप संपर्क कर सकते हैं बड़े वीजा के लिए। और यह है लारना का एयरपोर्ट का ड्यूटी फ्री काउंटर और सारा शॉपिंग एरिया। अल्कोहल की तो बहुत ही रेंज है इनके पास। अल्कोहल और परफ्यूम की। सारी रेंज है। लेकिन ये रेंज मिलेगी जाते हुए। आते हुए इतनी कुछ खास नहीं थी। जाते हुए तो बहुत बड़ा ड्यूटी फिश एरिया है इनका। काफी बढ़िया है। टॉपर वन की देखो कितनी वैरायटी है इनके पास चॉकलेट की। ये डिपार्चर तो इनका लारना का बढ़िया है। [संगीत] हमने लिया अभी एक चिकन सैंडविच जो कि है 6.85 मतलब 685 भारतीय का एक सैंडविच मिला है एयरपोर्ट पे। और ये बजट फ्लाइटों का एक और चक्कर होता है कि पानी भी नहीं देते इसमें। तो हमेशा पानी की बोतल जरूर साथ रखें और बहुत से एयरपोर्ट्स पे जो है वो पानी मिल जाता है। तो उसे फिर दोबारा फिल कर दें। सिक्योरिटी में आपको पानी नहीं लाने देंगे। तो सिक्योरिटी से पहले पी के आइए खाली बोतल जरूर रखें। नहीं तो दो से ढाई का जो है वो पानी मिलेगा। ₹250 की बोतल पानी की मिलेगी। हमेशा मैंने आपको पहले भी बताया कि जब भी किसी एयरपोर्ट पर जाएं तो एक बार अपना ना गेट नंबर चेक कर लें। कहां है। कहीं आप मान लो जाके बैठते हो लाउंज वगैरह में तो पहले गेट देख लें। कितनी दूरी पे मैं हर बार कहता हूं क्योंकि मैंने बहुत लोगों की फ्लाइट मिस होते हुए देखी है और अभी हम जा रहे हैं अपने गेट पे। ये देखो अपना गेट भी है ना जो ये यहां पर गेट्स थे सारे वो नीचे हैं। एक अपनी बहन मिल गई थी इंडियन लड़की थी पंजाब से। उस बहन ने बता दिया कहते हैं नीचे जाना नीचे आपका गेट। ओके जी। अब हमारा गेट नंबर है 11। पास में ही है। बोर्डिंग स्टार्ट हो गई है भाई। और जो ये चिकन सैंडविच खाया था ना हमने ये बहुत स्वाद था। ₹685 का जरूर था लेकिन व था। स्वाद लगाया और अंदर आते ही यहां पर बोर्डिंग एरिया में भी इन्होंने मांगा मेरे से पासपोर्ट और वीजा चेक किया। तो यूरोप में है तो वीजा बार-बार चेक होना ही है। [संगीत] विज एयर का जहाज तो काफी बड़ा है। और विज एयर जो है वो हंगरी की एयरलाइन है। लो कॉस्ट बजट एयरलाइन है। जैसे मैंने आपको पहले भी बताया। फ्लाइट में बोर्ड हमने कर लिया है और यह जो एयरक्राफ्ट है इसका मॉडल नंबर है एयरबस 321 और ये है कुछ नजारा इस फ्लाइट का लेकिन कोई इंफोटेनमेंट सिस्टम कहीं कोई चार्जिंग प्लग कुछ भी नहीं है। आजकल ये जो बजट एयरलाइंस है ना इनका ज्यादा रिवाज चल गया है क्योंकि फेयर्स भी बहुत महंगे हो गए हैं और जो ये विज एयर है ना ये एप्रोक्समेटली 200 डेस्टिनेशंस को कवर करती है यूरोप अफ्रीका मिडिल ईस्ट वगैरह की तरह और लकीली इस बार हमें मिली है विंडो सीट विंडो सीट का कोई बहुत लालच नहीं होता अपने को लेकिन क्या है कि वीडियो के लिए अच्छी रहती है विंडो सीट नजारा दिखता है जाने वाले शहर का और आने वाले शहर का जैसे कि मैंने आपको पहले भी बताया कि इस बार हमने सोचा था कि कुछ अलग अलग जगहों पे जाएंगे जानीमानी जगहों के अलावा जैसे एथेंस है उसे जानते हैं आप सब लोग लेकिन थैसोलिनी की क्या है शायद आप में से बहुत से लोग जानते हो या ना जानते हो थैसोलिनी की एक नाम है और इतिहास में एक बहुत बड़ी हस्ती से यह नाम जुड़ा हुआ है किस-किस को पता है जिसे पता है वो कमेंट कर दो बाद में मैं बता दूंगा लेकिन जिनको पता है वो कमेंट अभी करना बाद में ढूंढ के नहीं करना तो थैसोलिनिकी को जो भी जानते हैं वो कमेंट करें जो नहीं जानते वो भी बताना कि नहीं जानते लेकिन थैसोलिनिक एक बहुत बड़ा नाम है बहुत बड़ी हस्ती से यह नाम जुड़ा हुआ है। यह एक नाम है और एक लेडी का नाम है। यह भी आपको मैं बता देता हूं। 1:50 की फ्लाइट थी। 1:40 हो गया है और अभी भी लोग आ रहे हैं। इन्होंने कहा था 1:20 पे हम गेट बंद कर देंगे। 10 1215 मिनट में टेक ऑफ कर लेती हैं ये। और ये जो बजट एयरलाइंस है ना ये अपने टाइम के लिए जानी जाती हैं सारी जगहों पे। ये टाइमली पहुंचा दिया करती हैं। कोई प्रॉब्लम ना हो तो कई बार ना ज्यादा खुश नहीं होना चाहिए। हमें विंडो सीट मिली थी ना। ये भी विंडो सीट है। खैर लेकिन वहां पर एक फैमिली आ गई। उन्होंने रिक्वेस्ट की कह रहे आप हमारी सीट पे चले जाओगे। वो भी विंडो सीट है। मैंने कहा चलो चला जाता हूं। हमारी सीट 29 है। फिर हमें मिली 33A 33 ए पे आया तो उन्होंने कहा कि यार मेरी फैमिली है। आप चेंज कर लोगे वो भी विंडो सीट है। तो हम 35 ए पे हैं। अभी ये मुझे भैया की फैमिली लग रही है। के ये ना बोल दें कि यार सीट दे दो। तो फिर ये विंडो सीट भी छोड़नी पड़ेगी फैमिली के लिए प्यारे-प्यारे बच्चों के लिए। है ना? और बोर्डिंग पास उन्होंने मुझे अपना दे दिया है। ये बोर्डिंग पास ये है भाई खूबसूरत लार्गा का एयरपोर्ट जो बिल्कुल बीच के किनारे है। और यह है भूमध्य सागर जिसे इंग्लिश में कहते हैं मेडिट्रेनियन सी और हम रुक सकते थे यहां भी। लारना का भी अच्छी जगह है और फिर इसके बाद पाफोस है वो भी काफी अच्छा है। लीमा सोल है इनका शहर वो भी काफी अच्छा है और कम से कम अगर साइप्रास ही आना है तो 12 से 15 दिन चाहिए सारी जगह को घूमने के लिए कम से कम लेकिन बीच लाइफ ज्यादा है सब जगह इन जगहों पे ये बीच रिसोर्ट्स वगैरह हैं पापोस में और हिस्ट्री भी है जो एफ्रोडाइट थी जो ग्रीक गॉड थी कहते हैं कि उनका जो जन्म है वो पापोस में हुआ था [संगीत] आजकल भाई तालियां बजा करती है लैंडिंग पे 4 बजने में दो-ती मिनट रह गए हैं जब हमारी फ्लाइट ने लैंड कर लिया है ग्रीस के थसोलोनी की एयरपोर्ट पर 4:02 पर पहुंच गई है फ्लाइट थसोलनी की में और अगर समय की बात करूं तो भारत से 2ाई घंटे पीछे है ग्रीस जो कि सेम टाइम होता है साइपरस का और किसी-किसी जगह पर यह डे लाइट सेविंग का यूज़ करते हैं। मतलब 1 घंटा आगे पीछे हो जाता है किसी-किसी एरिया में। लेकिन जहां पर हम हैं अभी थसोलिनी में यहां पर जो है साइपरस वाला सेम टाइम है जो कि है 2ाई घंटा भारत से पीछे। इसका मतलब अभी यहां 4:00 बजे हैं तो भारत में बजे होंगे शाम के 6:30 और निकलते हुए ना हमेशा बैक पॉकेट जरूर चेक करें अपनी। ऐसा लगता है हमें कुछ नहीं रखा था हमने। नहीं ऐसा नहीं होता। हम कई बारी नींद वगैरह में रख देते हैं और भूल जाते हैं। तो प्लीज यह जरूर चेक करनी है। मेरे साथ खुद हुआ है। एक बार मैं अपनी घड़ी छोड़ चुका हूं। एक आध बार कुछ सामान छूट जाता है। लगता है हमने तो कुछ रखा ही नहीं होगा। ध्यान नहीं देते। थके ज्यादा होते हैं। तो ये हमेशा चेक करनी। [संगीत] कर गए हैं शेंगन में। साइपरस जो था वो शेंगन का पार्ट नहीं था लेकिन ग्रीस जो है वो शेंगन में आता है। वेलकम टू ग्रीस कार रेंटल ऑफिसिसेस। कार रेंटल ऑफिस तो है लेकिन बंद पड़े हैं और कोई सिम वगैरह की कोई शॉप किसी तरह की यहां नहीं है। कोई ड्यूटी फ्री एरिया नहीं है अराइवल्स में और 4:30 बज चुके हैं। ये बंद भी होती है तो भाई हो सकता है 5:30 6 बजे बंद होती हुई तो 4:30 ही बंद है। लेकिन हां यहां पर ये कारent के ऑफिसेस हैं। कहीं Vodafone का वो तो दिख रहा है। थैंक यू सर। कहीं शैडो में Vodafone दिख रहा था मुझे अभी। चलो हमारे पास तो है इंतजाम अभी। हमारे पास है ई सिम जो शायद यहां काम करेगी। एयरपोर्ट अराइवल टर्मिनल से बाहर आ गए हैं हम और हम लेने वाले हैं सिटी सेंटर के लिए बस। यहां से मिली है हमें टिकट जो कि मिली है 2 की जहां हमें जाना है सिटी सेंटर की तरफ वो यहां से लगभग 15 कि.मी. की दूरी पर और आधे घंटे में बस पहुंचा देगी हमें। बस का नंबर है 1X। ज्यादातर जो यूरोपियन कंट्री है वहां पर यह एयरपोर्ट शटल बसेस चला करती हैं। तो कभी भी यूरोप की कंट्री में जाए तो एयरपोर्ट शटल बस लेके आप सिटी सेंटर या जहां भी आसपास जाना है वहां जा सकते हैं। चेक कर सकते हैं। सिटी सेंटर तो बसेस जाती ही हैं। और इमीग्रेशन पर हमसे कोई भी सवाल नहीं पूछा। शेंगन वीजा हमारे पासपोर्ट में था। उन्होंने अपने आप ही शेंगन वीजा सर्च कर लिया और शेंगन वीजा से 27 कंट्रीियां जो हैं यूरोप की हम ट्रैवल कर सकते हैं। उसके अलावा भी बहुत सी कंट्रीज हैं जो शेंगन वीजा पर एंट्री दे देती हैं या ऑन अराइवल वीजा दे देती हैं। और वीजा शेंगन की बात करूं तो बहुत सारी ऑलरेडी वीडियोस बनी हुई हैं। तो शेंगन वीजा चाहिए। ग्रीस में हम एंट्री कर चुके हैं। ये पहला जो देश है वो है जहां हम शेंगन ज़ोन में आए हैं। साइपरस जो था वो शेंगन ज़ोन में नहीं था। ये देख लो भाई ये हैं सभ्य लोग। जब इनको अपने पे पड़ती है ना तो ये सारे काम करते हैं। ये भागते भी हैं। लाइनें भी तोड़ते हैं। यह बियरें भी रोड पे तोड़ते हैं और गंदगी भी मचाते हैं। सब कुछ करते हैं। [संगीत] 4:00 बजे के आसपास फ्लाइट लैंड हो गई थी और लगभग पौने दो घंटे हो गए हैं सिटी सेंटर तक पहुंचते हुए बस लेने में। तो अभी हम पहुंच गए हैं थसोलिनिकी सिटी सेंटर के पास ही। यहीं पर हमने जो है इस बार अपना अपार्टमेंट बुक किया है। और जैसे ही हम घुसते हैं शहर में ये सारे ओल्ड स्ट्रक्चर हमें देखने को मिलते हैं। ओल्ड बिल्डिंग्स देखने को मिलती हैं। ये आर्क एक गेट सा बना हुआ है। और मैंने आपसे पूछा था थैसोलिनी की कौन थी? मैंने आपको बता दिया था कि वह एक लेडी थी और थैसोलिनी की जो थी वह एलेक्जेंडर द ग्रेट सिकंदर महान की बहन थी। सिकंदर महान जो थे वह मेसडोनिया के राजा फिलिप टू के बेटे थे और फिलिप टू ने एक और लेडी से शादी की दूसरी शादी की यानी कि और उससे एक बेटी का जन्म हुआ जिस बेटी का नाम था थैलोसिनिकी। सो थैलोसिनिकी जो है वो सिकंदर महान की बहन हाफ सिस्टर थी और थैलोसिनकी के जो हस्बैंड थे कैसेंड्रा उन्होंने इस शहर को बसाया था और अपनी वाइफ के नाम पे इस शहर को रखा था और बहुत बड़ा इतिहास है इस बारे में यह शहर जो है 315 बीसी में बिफोर प्राइस 315 यानी कि लगभग 2340 साल हो गए हैं शहर को बसे हुए और कैसेंडर और एलेक्जेंडर का जो इतिहास है वह भी एक बहुत क्रुलिटी वाली बात है उसको भी बाद में बात करेंगे और कई बार मेरे मुंह से थैसोलिनिकी की जगह थैलोसिनिकी निकल जाए ना तो समझ लेना मतलब क्या है क्या मैं आपको बता रहा हूं। यहां पर जो है वो इंग्लिश बहुत कम दिख रही है। बसों में भी थे वहां भी इंग्लिश में कुछ नहीं लिखा हुआ था। सारा ग्रीक में लिखा हुआ था। इनकी जो भाषा है वो ग्रीक है और बहुत पुरानी भाषा है। एलेक्जेंडर ग्रेड की जब हम बात कर रहे हैं तो आप समझ सकते हैं कि कितनी पुरानी यह जगह होगी और यह 2340 साल पुराना शहर बसा हुआ है और ग्रेविटी देखो हर शटर पे हर दीवार पे ये तो मुझे लग रहा है थोड़ी इन्होंने फैशन के लिए बना रखी है लेकिन बहुत सी मैंने दीवारों पे देखी है ग्रेविटी ये मैंने पहले भी पूछा था यार बताना ये शरारती बच्चे करते हैं या सजावट के लिए खुद ही लोग करवाते हैं शरारती बच्चों के भी काम होते हैं मुझे लगता है कुछ-कुछ सजावट का भी होता है ये देखो अब ये सजावट तो होगी और एक यह बिल्डिंग काफी देर से दिख रही है जिसका नाम है रोटंडा यह बनाई गई थी 36 बीसी के आसपास लगभग 2300 साल पहले यह भी बनी थी बिल्डिंग और राजा ग्लेरियस जो थे जो रोम के राजा होते थे उन्होंने अपने लिए यह मकबरा बनवाया था अपना लेकिन वो यहां पर है नहीं पता नहीं वो कहां पर गुजरे क्या हुआ लेकिन उन्होंने बनवाया था यह मकबरा अब जो है यह एक म्यूजियम है अंदर चर्च भी दिख रही है और यहां पर जो है कभी ऑटोमस कभी बेजेंटाइन जब बेजेंटाइन आए उन्होंने इसको चर्च बना दी ठीक है ऑटोमंस आए उन्होंने यहां पर मस्जिद बनवा दी आज ये म्यूजियम है और अंदर चर्च है टिकट लगती है जाने के लिए 10 इस चर्च को देखने की 10 टिकट है तो बाहर से ही दिख रही है सब कुछ बस यही एक वो है और इतिहास है इसके पीछे जो मैंने आपको बताया और रोमन साम्राज्य के बारे में तो आपने सुना ही होगा तो रोमन राजा ने बनवाया था लेकिन उन्हें क्या लगता होगा ना राजाओं को कभी ऐसा लगा ही नहीं होगा ना कि यार ये सब कुछ हमारा नहीं रहेगा एक दिन और सिकंदर महान जहां हम हैं ये जगहें सिकंदर महान से ताल्लुक रखती हैं मेसडोनिया का हिस्सा हुआ करती थी हालांकि सिकंदर महान कभी खुद यहां नहीं आए क्योंकि उनके मरने के बाद उनके गुजरने के बाद ही यह जो शहर है बसा कैसेंडर ने बसाया था मैंने आपको बताया कैसेंडर वगैरह की बात करते रहेंगे इतिहास में मुझे थोड़ी सी रुचि है और सिकंदर महान जो थे कैसेंडर उनका बहुत अच्छा दोस्त था और बाद में ऐसी दुश्मनी बनी हुई। मतलब के सिकंदर महान के गुजरने के बाद जब उनका राज्य छिन्न-भिन्न हुआ तो उनके राज्य को बांटने के लिए आपस में बहुत सारे जो उनके सेनापति थे जो भी थे उनके साथी उन्होंने जगह-जगह विद्रोह किया तो कैसेंडर उनमें से एक थे जो कि राजा फिलिप जो कि थे सिकंदर महान के फादर उनके सेनापति के बेटे होते थे और सिकंदर महान के साथ ही पड़े बड़े हुए थे। जब सिकंदर महान गुजर गए तो मेसडोनिया पे राज करने के लिए उन्होंने सबसे पहले सिकंदर महान की जो मदर थी उनको ही मार दिया। फिर उसके बाद जो सिकंदर महान की वाइफ थी कुछ सालों बाद उन्हें भी मार दिया और उनका बेटा था 13 14 साल का उनको भी मार दिया शासन के लिए और फिर खुद भी बड़ी बुरी मौत मरा कैसेंडर ना मरा तो वैसे ही था बीमारी की वजह से लेकिन बहुत बुरी बीमारी हुई उसको हाथ पैर सूझ गए किडनी और वो सब कुछ फेल हो गए उसके लीवर किडनी वगैरह बेटा भी मार दिया वाइफ भी मार दी मां भी मार दी एलेक्जेंडर द ग्रेट की सोचो आप अलेक्जेंडर द ग्रेट के साथ हुआ क्या जिसने दुनिया जीती उनके जाने के बाद उनके के खास दोस्तों ने ही उनके पूरे परिवार को खत्म कर दिया और पूरी नस्ल की नस्ल ही मिटा दी। कहीं कोई अलेक्जेंडर गेट का जो भी वंशज था कोई नहीं छोड़ा। तो भाई ये आ गया हमारा स्टे जहां पे हम रुकने वाले हैं। है तो बिल्कुल सिटी सेंटर के बीच इस बार मैंने लोकेशन चुन के ली थी और यहां पर जो सिस्टम होता है ना वो होता है यह। आप इसको जो है यहां से ओपन हो जाएगा। इसमें होगी चाबी और 3102 तो आई थिंक यही था कोड। ओके चाबी अब मिल गई है फ्लैट की यह फिर बंद कर दिया लॉक ला ये चाबी मिल गई चलते हैं हम अंदर फ्लैट में ये अपना रहने का ठिकाना है यहां पर थसोलनिकी में बढ़िया ठीक है कॉफी टी ये किचन फ्रिज इधर बाथरूम सही है अभी तक तो परफेक्ट है सब कुछ खूबसूरत आराम से सोएंगे लेकिन हॉस्टल का भी सिस्टम बढ़िया ही रहता है यार। और यहां पर आकर फिर प्लग बदल गया और यह फिर टू पॉइंट वाला हो गया। वहां पर वो थ्री पॉइंट वाला लग रहा था साइपरस में। तो यहां पर जो है यह लगेगा भाई सॉकेट में प्लग और वैसे तो बाहर जब भी आए तो एक वो मल्टीप्लग ट्रेवल अप्टर चाहिए ही होता है हमारे को ना छोटी सी जगह को इन्होंने कितना बढ़िया बना दिया। देखो यहां किचन का भी आ गया सिस्टम। फ्रिज वगैरह भी आ गया। बाथरूम आ गया। इधर मैंने अलमीरा को खोला। इसमें वाशिंग मशीन भी है। बेड भी आ गया। सब कुछ आ गया। टीवी वगैरह एसी सब कुछ आ गया। देखो यहां से नीचे सारा सिटी सेंटर दिख रहा है। लेकिन सब कुछ क्वाइट है। बिल्कुल क्वाइट है। मैंने आपको पहले भी बताया 5:00 बजे के बाद तो इनको बहुत सवार हो जाता है। और आज है संडे। संडे को तो सब कुछ खाली है। शाम के 8:10 हुए हैं और हम निकले हैं थोड़ा सा बाहर टहलने। थैसो लेने की को सुहाना मौसम और टेंपरेचर है। 27° सेल्सियस। हम जा रहे हैं ऐसे ही रैंडम घूमने। [संगीत] एक बार फिर से उसी बिल्डिंग के बाहर आ गए हैं जिसको कहते हैं रोटुंडा। मैंने आपको पहले ही बताया था राजा ग्लेरियस जो थे रोमन राजा उन्होंने अपने लिए समाधि स्थान बनाया था। लेकिन उनकी समाधि यहां पर है नहीं। और इतिहास में यह भी नहीं पता कि वो कहां गुजर गए। कैसे उनकी डेथ हुई यह भी नहीं पता। बिल्लियां देखो आंटी जी बिल्लियों को खाना खिला रही है। कितनी बिल्लियां हैं और देखना कितनी है। एक दो तीन चार पांच छ सात 8 9 बहुत सारी थी अभी यहां कम हो गई। कबूतरों की तरह बिल्लियां हैं यहां पर। जैसे कबूतर होते हैं ना ऐसे ही बिल्लियां हैं। और शायद मैंने आपको पहले भी बताया था थेसोलिनी की जो है वो ग्रीस का दूसरा बड़ा शहर है आफ्टर एथेंस। और यह जो आर्क है, यह भी आर्क ऑफ गैलेरियस के नाम से ही है। राजा गैलेरियस की जीत के उपलक्ष में यह बनाया गया था। उनकी खुशी में बनाया गया था। और यह दर्शाया गया था कि कैसे-कैसे उनकी सेना ने जीत दर्ज की। ये सब उस टाइम के पेंटिंग्स मान लो, फोटो मान लो जैसे हम वीडियोग्राफी वगैरह करते हैं। ये उस टाइम की याद को ताजा करने के लिए आर्क बनाया गया था। इस पे सारे युद्ध का जो सीन होता है वो बनाया गया था। लगभग लगभग 2330 साल पुराना आर्क है ये। मतलब 2330 साल पहले भी क्या नक्काशी किया करते थे ना लोग। इतना अच्छा बनाया होगा उस टाइम। ईंटें वगैरह देख लो आज तक 2000 साल से ज्यादा हो गया और इसको भी 2000 साल से ज्यादा हो गए जगह को। एज इट इज़ सी हैं। अभी भी जब हम उतरे थे तब तो सब कुछ खाली था। मुझे लगा था सब बंद है। आज क्या करेंगे निकल के? लेकिन अब निकले हम तो रौनक हो गई है सारे रोडों पे। और शॉप्स जो हैं ज्यादातर पिज़्ज़ा की चौथी शॉप है जो मैं देख रहा हूं। वैसे जो खाना है यहां का ग्रीक जो फ़ूड है वह पिज़्ज़ा नहीं है। और यह पास्ता कॉकटेल नूडल। ये देखो ये देखते हैं क्या है। पास्ता कॉकटेल नूडल। मुझे लगा कुछ अलग चीज होगी। कह रहा नहीं पास्ता और कॉकटेल मतलब ड्रिंक ले लो और पास्ता अलग से ले लो। पास्ता कॉकटेल हो गया। मुझे लगा कुछ अलग से मिला रहे हैं पास्ता में जिसे पास्ता कॉकटेल बोल रहे हैं ये लोग। खैर, यह देखो सब कुछ। फिर वो पिज़्ज़ा की शॉप गई एक पीछे। यह चिप्स वगैरह है और यह है चिकन। ओके केएफसी टाइप। अभी जिस जगह पे हम हैं ना यह मेन टूरिस्ट एरिया में से एक है। और देखो ये भी पुराने रंस बचे हुए हैं। सब 2000 साल पुराने हैं। ज्यादातर जो रंस हैं वो रोमन टाइम के ऑटोमंस टाइम वगैरह के हैं। ये जो हैं ये शायद रोमन टाइम के होंगे क्योंकि बिल्कुल रून हो चुके हैं और हो सकता है थैसोलिनी के टाइम के भी हो। फ्लैट बढ़िया लग रहे हैं। मुझको तो गाजियाबाद के जो अपने वसुंधरा वगैरह है ना वैशाली वसुंधरा उनकी याद दिला रहे हैं। यह और दीवार पे ग्रेविटी देखो कितनी बढ़िया लग रही है। सच में ऐसा लग रहा था कोई देख रहा है जैसे माहौल अच्छा है। खुशनुमा सा आई लव थसोलनी की सविनियर शॉप। हम अपनी मैगनेट ले लेते हैं पहले ही। और शहर के बीचोंबीच एक और खंडर आ गया है जो कि बहुत ऐतिहासिक है। यह भी राजा गैलेरियस ने बनवाया था। यहां पर पहले एक बेसिलका हुआ करती थी जैसा यहां लिखा है और एक रथदौड़ के लिए मैदान हुआ करता था। पहले बड़ा मैदान हुआ करता होगा। अब तो बिल्डिंग वगैरह बन गई। यहां पर लिखा हुआ है द बसिलका एंड द हिप्पोड्रोम। तो बसिल्लका हुआ करती थी। राजा गैलेरियस को थसोलोनिक बहुत पसंद था और उन्होंने इसको अपने राज्य की राजधानी बनाया था। और राजा गैलेरियस की जो कहानी है ना भाई वो ईसा के बाद की है। ईसा पूर्व की नहीं है। शायद मैंने ईसा पूर्व बोला होगा पहले। ईसा पूर्व का समय होता है ईसा मसीह की मृत्यु से पहले का समय और ईसा बाद का समय या ईस्वी जिसे हम कहते हैं वह समय होता है ईसा मसीह की मृत्यु के बाद का समय तो राजा गैलेरियस जो थे वो ईसा मसीह की मृत्यु के बाद थे पिट्ज़ा और जिलेटो की सबसे ज्यादा यहां पर शॉप्स हैं। पिज़्ज़ा और जिलेटो को देख के ना ऐसा लग रहा है आज भी यहां पर रोम का प्रभाव हो। हर थोड़ी दूर पे एक खूबसूरत पुरानी चर्च आ जाती है और धर्म की बात करूं तो 90 से 95% जो लोग हैं वह ईसाई धर्म को मानते हैं ग्रीस में। ग्रेविटी देखो हर जगह कर देते हैं। यह कैसे छोड़ दी भाई बिल्डिंग इतनी साफ कर देंगे अभी काम इनका भी और छोड़ा इस बोर्ड को भी नहीं। अब यह तो शरारत ही है। इसको तो शरारत ही कहेंगे। क्यों कर देते हैं यार? पता नहीं जो यूरोप में रहते हैं आप में से यार बताना ये क्या चक्कर है? बिल्डिंग बढ़िया लग रही है यार देखने में। [संगीत] चलते-चलते हम पहुंच गए हैं एक बहुत ही हैपनिंग जगह पे जो है सागर का किनारा एजेंसी है ये। एजेंट सी कहते हैं इसको। बहुत ही खूबसूरत लग रहा है और थोड़ा सा शाम को जो है ना समुंदर डरावना सा हो जाता है। मुझे ऐसा लगता है। लेकिन यहां का जो पानी है ना वो थोड़ा काला सा है और जो साइपरस वाला पानी था ना वो बहुत साफ था। वो था मेडिट्रेनियन सी। यह है एजेंसी। और एज सी के ही किनारे पे जो है ग्रीस के मायोकेनस और सेंटोनी वगैरह दीप पड़ते हैं। 9:00 बजने में 5 7 मिनट हैं अभी। और अब हो रहा है सनसेट 9:00 बजने में 5-7 मिनट के। लोग बाग फोटोग्राफी कर रहे थे सनसेट की। और यह सामने जो आप टावर देख रहे हैं ना यह थसोलेनी की किंग और ग्रीस की वन ऑफ द आइकॉनिक बिल्डिंग है। इसको कहते हैं अभी वाइट टावर। और वाइट टावर जो है वो 12वीं शताब्दी में बनवाया गया था। बेजंटाइन जो एंपायर था उन्होंने बनवाया था इसको। फिर ऑटोमस ने जो है इसको एक जेल की तरह यूज किया और यहां पर जो है वो कैदियों को फांसी वगैरह की सजा जो है मौत की सजा दी जाया करती थी। फिर जब 1912 में ग्रीस के कब्जे में आया यह क्षेत्र तो यह म्यूजियम बना दिया गया। इस टावर को वाइट कर दिया गया क्योंकि पहले इसको ब्लड टावर के नाम से जाना जाता था जब ऑटोमन एंपायर यहां पर था। यह साइपरस में भी था ब्लैक फॉल्स पायलट ऑफ द कैरेबियंस। इसका पूछ लिया मैंने। यह कह रहे हैं बस अपने खाने पीने के पैसे दो अंदर और कोई भी इसकी फीस नहीं है एंट्री। 30 मिनट के लिए क्रूज जाता है और 30 मिनट में घुमा फिरा के लाएगा। अभी 9:30 बजे जाएगा और 9:00 बजे हैं। तो हम जो है आगे वाला भी देख लेते हैं। उसमें क्या है? उसमें काफी भीड़ लगी हुई है। दो क्रूज खड़े हैं यहां पर। और ये भी वही सीन है। अपना खाना पीना लो और अंदर बैठ जाओ। [संगीत] वो तो 9:30 बजे चलेगा तब तक हो जाएगा अंधेरा। तो हम इसी में चलते हैं। मी डोंट नजब [संगीत] आई डोंट नारथिंग इफ इट्स मी आई विल टू प्लेस बट इफ यू डू शो [संगीत] हो लाइक वी स्टोरी [संगीत] बढ़िया रहा ग्रूज़ का एक्सपीरियंस यार। अच्छे से नजारे भी देखे। थोड़ी थकान हो रखी थी। बैठ के आनंद भी ले लिया तो आराम भी मिल गया और नजारे भी दिख गए। खाने में फिर वही सैंडविच खाया है और दिन में भी एक सैंडविच ही खाया था। आज तो घर वाले भी बोल रहे हैं कह रहे वापस आजा। वो बेचारे मुझे राजे की तरह रखते हैं। छह टाइम खाना देते हैं अलग-अलग तरीके का और ट्रैवलिंग में यार सारा बॉडी बिल्डिंग और सारी पावर लिफ्टिंग ना धरी रह जाती है। ये देख लो बीच की लाइन में कोई नहीं चल रहा क्योंकि ये साइकिल वालों के लिए और जो ई स्कूटर होता है उसके लिए लाइन बनी हुई है। क्रूज से आगे चलते-चलते एक स्टैचू आ गया है जो है एलेग्जेंडर द ग्रेट का स्टैचू। उसके लिए कुछ भी असंभव नहीं जो प्रयत्न करेगा। देयर इज नथिंग इंपॉसिबल टू हिम हु विल ट्राई। एलेक्जेंडर द ग्रेट ने कहा था। और यह जो मेसडोनिया एरिया है उसको भी एलेक्जेंडर द ग्रेट के नाम से जाना जाता है। थैसोलिनिकी जो है वो शहर बाद में बसा था जब एलेक्जेंडर द ग्रेट की मृत्यु हो गई थी। यहां से 45 कि.मी. दूर ही है। पहला एरिया जहां पर हुआ था एलेग्जेंडर द ग्रेट का जन्म। जो लोग इतिहास को जानते हैं, वह जानते हैं कि एलेक्जेंडर द ग्रेट सिकंदर महान का जो शासन था, वह मेसडोनिया से लेकर भारत तक पहुंच गया था। और जब वह भारत पहुंचे, तो उनका युद्ध हुआ राजा पोरस से। राजा पोरस एक बहुत ही शूरवीर योद्धा थे। भारत के सुपुत्र थे यार भारत का नाम आता है ना मेरे रोंगटे खड़े हो जाते हैं। क्योंकि ना राजा पोरस की बहादुरी को देख के ना एलेक्जेंडर द ग्रेट भी प्रभावित हुए थे। उन्होंने पूछा था राजा पोरस से कि आपके साथ क्या सलूक किया जाए? जब राजा पोरस हार गए थे इनसे लेकिन राजा पोरस ने बहुत अच्छा युद्ध लड़ा था कहते हैं और राजा पोरस ने बोला जो एक राजा दूसरे राजा के साथ करता है यह लाइन भी इतिहास में लिखी हुई है और एलेक्जेंडर द ग्रेट ने क्या किया था उनका पूरा राज्य छोड़ दिया था उनको जहां के वो राजा थे वहां का राजा बनाए रखा और उसके बाद क्या हुआ एलेक्जेंडर द ग्रेट की जो सेना थी उन्होंने कहा कि हम इससे आगे नहीं जाएंगे और भारत की जो भी सेना थी आगे भी जो राजा थे उनकी जो वीरता थी। उनके किस्से सुन के और थकान के कारण एलेक्जेंडर द ग्रेट की सेना ने मना कर दिया था आगे जाने से। तो एलेक्जेंडर द ग्रेट को भारत के जो एरिया में जहां वो थे पोरस राजा पोरस के एरिया में वहां से वापसी लौटना पड़ा था और रास्ते में बेबीलोन में उनकी मृत्यु हो गई थी। और जो उनकी मृत्यु हुई थी वो बीमारी वगैरह के कारण से हुई थी। तो भारत के शूरवीर योद्धाओं के आगे अलेग्जेंडर द ग्रेट की जो सेना थी वह भी पीछे हटने को तैयार हो गई पहली वजह यह थी कि वह बहुत थक चुके थे। यहां से जाते हुए मेसडोनिया से लेके जब तक वह भारत पहुंचे तब तक वह बहुत थक चुके थे। दूसरी वज़ह थी जो राजा पोरस ने युद्ध लड़ा था वैसा युद्ध किसी भी राजा ने अभी तक नहीं लड़ा था उनके आगे। तो उनको लगा कि भारत में और भी जो राजा हैं और भी जो सेना होगी वो भी इसी तरह से बहादुर होगी। तो उनकी सेना ने हथियार डाल दिए थे राजा सिकंदर के आगे सिकंदर महान के आगे कि हम अब युद्ध नहीं लड़ेंगे। हमें वापसी अपने घर जाना है। तो विश्व विजेता कहे जाने वाले सिकंदर महान की सेना और सिकंदर महान को भारत से वापसी लौटना पड़ा। लेकिन आपको एक बात बताऊं आज ना थोड़ी देर के लिए एयरपोर्ट से आते हुए मेरा इंटरनेट बंद हो गया था। और थोड़ी देर के लिए ऐसा लगा कि दुनिया बस खत्म सी हो गई कि किससे क्या पूछे कुछ पता नहीं लगा। और यह देखो 2340 साल पहले 2340 साल 320 ईसा पूर्व तो इनकी मृत्यु हो गई थी। 2345 साल हो गए। 2345 साल पहले यहां से मेसीडोनिया से लेके भारत तक चले गए और दुनिया फतेह करी 32 साल की उम्र में। सिर्फ 32 साल की उम्र थी जब ये गुजर गए। तो भाई वाकई एक बहुत जो इतिहास में इनका बड़ा नाम है वो बिल्कुल सही है और किसी ना किसी वजह से है। जो लोग इतिहास नहीं जानना चाहते हो सकता है वो बोर हो रहे हो मेरी बात से। लेकिन आपको बताऊं कि जो सिकंदर महान थे वो कोई बहुत लंबे चौड़े नहीं थे। लेकिन अपनी स्ट्रेटजी की वजह से वो जाने जाते थे। जो भी युद्ध उन्होंने लड़े उसमें कुशल स्ट्रेटजी की वजह से वो जीते। रणनीति के राजा सिकंदर महान जब युद्ध लड़े जाते हैं ना यार तो बहुत ही क्रुलिटी भी होती है। क्रूर हो जाते हैं वो शासक जो दुनिया को जीतते चले जाते हैं। लेकिन कहते हैं कि कर्मों का फल यहीं मिलता है। इसी दुनिया में इसी जन्म में मिल जाता है। सिकंदर महान के साथ भी ऐसे ही हुआ। जब 320 ईवी पूर्व उनकी मृत्यु हुई तो उनके शासन के लिए उत्तराधिकार के लिए उनके जितने भी जो सेनापति वगैरह थे वो सब आपस में लड़ने लगे और कहीं-कहीं का उन्होंने शासन ले लिया। लेकिन यहां का जो कैसेंडर था जो राजा जहां पर हम हैं थैसोलिनिकी में यहां का जो राजा था उसने सिकंदर महान की मां उनकी पत्नी उनके बच्चे तक को मरवा दिया। मतलब के इतना बड़ा राज्य स्थापित करने वाले सिकंदर महान जिन्हें 2340 साल बाद भी दुनिया जान रही है। जिन जो मतलब आप ये समझ लो सिकंदर का नाम जब तक मानवता का नाम रहेगा शायद जिंदा रहेगा। तो उस सिकंदर महान का वंश पूरा का पूरा उजाड़ दिया गया। कुछ ही सालों में कुछ ही सालों में उनकी जो बच्चा था वो तो 13 14 साल का हुआ था। उसे बचपन से पाला गया। दुनिया को दिखाने के लिए जो भी थोड़े से ऐसे लोग होते हैं ना जो सिकंदर महान को चाहते थे तो उनके बच्चे को रखा गया बड़ा होने तक जैसे ही 14 साल का बच्चा हुआ तो जो कैसेंडर था उन्होंने उसको भी मरवा दिया कहते हैं कि कोई जहर वगैरह दे दिया गया। छोटे बच्चे तक को मरवा देते थे। उस समय में क्या होता था कि जो भी 14 साल का बच्चा होता था वो राजा बनने लायक हो जाता था। तो वह अपना उत्तराधिकार ना मांगने लग जाए इसलिए उस बच्चे को भी मरवा दिया और सिकंदर महान का पूरा वंश का वंश कुछ ही सालों में खत्म कर दिया लगभग 510 साल में बिल्कुल खत्म हो गया वो बच्चा भी पला क्योंकि छोटा था वो नहीं तो सिकंदर महान के जाने के एकद साल में ही सब कुछ खत्म हो गया था तो देखो क्रुलिटी जो है क्रूरता और जो पाप किए उसका फल यहीं मिला चाहे वो कोई भी हो चाहे वो सिकंदर महान हो चलते चलते बोलते हैं भाई फ्रिज मैगनेट जो हमारा सेवनियर है हम हर जगह से इकट्ठा करते हैं वो भी ले लेते हैं। भाई साहब आपकी कमी रह गई थी। नहीं नहीं नहीं नहीं आप तो हंसते भी नहीं अच्छे लग रहे हैं। देख रहे हो हालात और ये स्क्वायर भी बहुत पॉपुलर है यहां पर। यह खुला डुला्वय है जो वो बीच फ्रंट तक ही जाता है [संगीत] और घड़ी चल रही है ये 12:00 बजने में रह गए हैं 5 मिनट और इस जगह ने तो मुझे जयपुर की याद दिला दी [संगीत] और दोनों ही साइड ऐसी है आमनेसामने कोई सरकारी बिल्डिंग लग रही है भाई हर जगह ना ग्रीक भाषा में ही लिखा है इंग्लिश इंग्लिश इंग्लिश का कोई चक्कर नहीं है। कोई मोन्यूमेंट हो, कोई स्टचू हो, कुछ भी हो, सिर्फ और सिर्फ ग्रीक में ही लिखा है। एक ये मजेदार चीज है। ये कितनी बढ़िया लगती है। खड़ी हुई छोटा सा खिलौना सा लगती है रोड पे खड़ी। और यार यहां पर पानी लेने लगा मैं। ये जो है ये 2 की मिली है। छह बोतल। 1.5 लीटर की बोतल 2। ₹200 की छह बोतल मिल गई और एक बोतल ले रहा था तो 80 सेंट की है। और छह बोतल ले रहे हैं तो है 2 का पैक। सस्ता है पानी। पानी की बोतल कुछ ज्यादा ही भारी लग रही है अब क्योंकि अभी थोड़ी सी दूर और पैदल चल के जाना है और वापसी सुबह यहीं आना है। एक टूअर लेने वाले हैं हम यहां से तो आपसे मिलेंगे अब अगली वीडियो में तब तक के लिए अपना ख्याल रखें। नमस्ते शुक्रिया जय हिंद। [संगीत] यू गिव मी माय फेम
Welcome to Thessaloniki, Greece’s vibrant cultural capital! Known as the “Bride of the Thermaic Gulf,” this historic city beautifully blends ancient heritage with modern charm. From Roman, Byzantine, and Ottoman landmarks to lively seaside promenades, Thessaloniki is a treasure trove for history lovers and travelers alike. Walk through the White Tower, explore the old Ano Poli district, taste mouthwatering Greek delicacies, and feel the city’s youthful energy in its bustling markets and cafes. Whether it’s golden sunsets over the Aegean Sea or the timeless aura of centuries-old monuments, Thessaloniki promises a journey that will stay in your heart forever.
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38 Comments
King Porus or Poros; his kingdom lay between Jhelam and Chinab river in Punjab.
Sikandar Mahaan😅
Sir ek naya trend chalao apne subscriber ko bhi apne saath ek choti si trip sponser karo jo ghume nhi sakte
Oh bahi indains 50 km v chal skte veere
To Good🙂
👍❤️😊🙏🇮🇳 Kolkata India
They have bad reviews on google please check before recommending
❤❤❤🎉🙏👍
मैं 1000 वॉ लाइक किया
Jay Hind… very good vidios…
You are great man
❤
Apki video mai Hype button reflect nhi ho rha
Cho*tiya 😂
Uncle ab chahe like kare ya na kare comments kare ya na kare aapko koi farak nahi padta kiyon ki aapko like aur comment karne wale aur batere hai ab hamari aapko koi jarurat nahi ok uncle thik kaha na ❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤
Waise Toa Sare Video Manoj ji Ek Se Badhker Ek Hoti Hain Kisi Ek Ki Taarif Nahi Ki ja Sakti Amazing Shayed Qissa Hai Sikandar Bhi Duniya Se Khali Hath Gya Thaa Log Misal Date Hain 😢😢
comes from Thessalonike, the wife of King Cassander of Macedon and half-sister of Alexander the Great.
बहुत ही शानदार वीडियो भाई जी 🙏🙏🙏
सिकंदर महान क्यो था
और उसको सिकंदर क्यो कहते है
भाई गाँव मे भी जाने का कस्ट करो
سکندر اعظم ❤
Greece ke history btane main itne involved hogye ke night sea view sab dikhana bhul Gye even walking around square you missed a indian restaurant which was closed
Manoj Ji,
What did you find major differences between Greece and Turkey as they are neighbouring countries but have different religions.
Manoj ji you are giving very good message to our Indias to keep Indian clean. I live in London and my many white colleagues visited India. Most of them said India is a fantastic country but it is dirty and smelly. I feel embarrassed when I hear these remarks. Some of them said they would not go back.
I have visited poor countries but still very clean. It doesn't cost much to keep our country clean. Keep spreading the message.
In Greece people express political views through art, rest is a lack of enforcement against vandalism.
Beautiful video ❤❤❤❤❤❤
मनोज भाई ट्राय के योद्धा अखिलिस के जन्म स्थान को दिखाये
ਮਹਾਰਾਜਾ ਰਣਜੀਤ ਸਿੰਘ
Very good presentation thank you from hyderabad india
Manoj bhaiya ab toh Namankur ka BALKAN video ageya. aap Greece Complete kariye jaldi jaldi 🤣 . lots of Love ❤❤
Meine shahr ka naam Solanki pad liya tha.
Superb video Manoj sir
जय हिन्द 🇮🇳🙏
Mai to bahot time se bol rha tha aapse ki alexender ki dharti par jao….
👍
इस शहर का नाम Bible में वर्णित है संत paul ने yha church बनवाया था
Manoj bhaiya 🙏🙏🧿🧿🇮🇳🇮🇳🪬🪬
Manoj bhai aap bahot achche insan hain