Thailand Tour Vlog: Complete Travel Information of Ayutthaya Bangkok Pattaya and Buriram

दोस्तों थाईलैंड दक्षिण एशिया में बसा हुआ बेहद खूबसूरत देश है यह देश अपने बीचेस नाइट लाइफ के लिए दुनिया भर में मशहूर है थाईलैंड में पटाया बैंगकॉक कराबे जैसे शहर घूमने के लिए दुनिया भर से टूरिस्ट यहां पहुंचते हैं हमने भी थाईलैंड की यात्रा की हम अपनी यात्रा में अयु थाया बूरीराम बैंकॉक पटाया पहुंचे यह सभी शहर बेहद खूबसूरत हैं अयथा या और बूरीराम तो ऐतिहासिक शहर हैं और यहां का कनेक्शन सीधा अपने इंडिया से है अयो थाया को नाम मिला भारत के अयोध्या से तो बूरीराम में ऐसा शिव मंदिर है जिसे देखकर आपको निश्चित ही हमारी संस्कृति और इतिहास पर गर्व होगा इस वीडियो में आपको थाईलैंड यात्रा की पूरी जानकारी मिलेगी रात 1:30 बजे स्वर्ण भूमि हवाई अड्डे पर पहुंच चुका था स्वर्ण भूमि एयरपोर्ट बेहद खूबसूरत और बहुत बड़ा है यहां आपको सिम कार्ड खरीदने के लिए करेंसी एक्सचेंज करने के लिए ऑप्शंस मिल जाते हैं एयरपोर्ट का इंफ काउंटर है यहां से आपको इंफॉर्मेशन मिल जाएगी और फिर आगे कार के कार रेंटल्स के और कुछ लखनऊ से लेकर चला था भारत से ईवीजा भी लेकर चला था उसके बावजूद इमीग्रेशन पर मुझे एक घंटे से ज्यादा का वक्त लग ही गया प्रोसेस पूरा होने के बाद मैंने अपना बैगेज लिया और करने लगा सुबह का इंतजार दोस्तों मैं बैंकॉक के स्वर्ण भूमि हवाई अड्डे पर हूं और मैंने ई वीजा लिया हुआ था उसके बाद भी मुझे एक घंटे से ऊपर का समय लग गया पूरे प्रोसेस को लेकर मैंने करेंसी इंडिया में ही एक्सचेंज करा ली थी और करेंसी के लिए आप यहां पे एटीएम है यहां पे एक्सचेंज काउंटर्स है आप वहां जा सकते हैं और बट क्योंकि मुझे उसकी जरूरत नहीं है अभी तो मैं वहां नहीं जा रहा हूं अब मैं वेट कर रहा हूं मेट्रो सर्विसेस शुरू होने का बैंकॉक में चार रैपिड ट्रांजिट सिस्टम हैं इनमें से एलिवेटेड लाइन बीटीएस यानी बैंकॉक मास ट्रांजिट सिस्टम स्काई ट्रेन है अंडरग्राउंड और एलिवेटेड लाइन एमआरटी यानी मेट्रोपॉलिटन रैपिड ट्रांजिट है एलिवेटेड एयरपोर्ट रेल लिंक भी है और पाटली एलिवेटेड एसआरटी रेललाइन है अगर आपको इसकी सही जानकारी नहीं है तो आप भी मेरी तरह गच्चा खा सकते हैं स्वर्ण भूमि एयरपोर्ट से ट्रेवल करने के लिए आपको एयरपोर्ट रेल लिंक की जरूरत होती है और यह सर्विस शुरू होती है सुबह 6:00 बजे मैंने सब कुछ कर लिया था और अभी 3:30 भी नहीं बजे थे तो एयरपोर्ट पर ही एक कोने में सो गया कुछ देर बाद आंख खुली तो हाथ मुंह धोकर चल दिया एयरपोर्ट रेल लिंक की ओर स्वणभूमि एयरपोर्ट पर एयरपोर्ट रेल लिंक की दो लाइनें हैं सिटी लाइन और एक्सप्रेस लाइन सिटी लाइन बैंकॉक और स्वर्ण भूमि के केंद्र में फाया थाई जिले तक फैली हुई है यह 30 मिनट में दोनों सिरों को जोड़ती है जबकि एक्सप्रेस लाइन पड़ोसी मकास से हवाई अड्डे के बीच बिना रुके चलती है सिर्फ 15 मिनट में दूरी को तय करती है दोनों लाइनें सुबह 6:00 बजे से आधी रात तक चलती हैं मैंने सिटी लाइन पकड़ी और वह भी मकास स्टेशन तक किराया था 35 स्थाई भात यानी भारत की करेंसी के हिसाब से 990 से थोड़ा कम मकास स्टेशन है एयरपोर्ट रेल लिंक पर यहां उतरकर एक वॉकवे यानी फुटओवर ब्रिज आपको लेकर जाता है एमआरटी के फेट चाबी स्टेशन पर पैदल एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन पहुंचने में 5 से 8 मिनट लग जाते हैं फेर चापी से बांग सू स्टेशन तक आने के लिए हर 5 मिनट में एक ट्रेन है टिकट की कीमत 45 स्थाई भात है इस यात्रा में 21 मिनट लगते हैं जब मैं बांसू स्टेशन पहुंचा तब मेरा नया संघर्ष शुरू हुआ थाईलैंड में अगर आपकी किस्मत अच्छी है तो शायद आपको टूटी-फूटी अंग्रेजी बोलने वाला कोई सिटीजन मिल जाए मेरे साथ थोड़ा उल्टा हुआ बांगस के जिस स्टेशन पर मैं सबसे पहले पहुंचा पता चला कि वहां से अयथा या की ट्रेन जाती ही नहीं है मुझे सड़क पार करके बांग सू ग्रैंड स्टेशन में जाना होगा ग्रैंड स्टेशन ऐसा ग्रैंड है कि यहां कोई कुछ बताने वाला ही नहीं मिलता लेकिन शुक्र हो एक बुजुर्ग महिला का जिसने मेरे साथ लंबी दूरी तक चलकर ना सिर्फ मुझे ट्रेन का टिकट खरीद वाया बल्कि वह जगह भी बताई जहां से मुझे प्लेटफॉर्म पर जाना था अयु थाया की ट्रेन की टिकट मेट्रो से सस्ती थी सिर्फ 20 बात में ंगसु से अयथा या पहुंचने में एक घंटे से थोड़ा कम वक्त लगता है मेरी टिकट ऑर्डिनरी क्लास की थी टिकट में अक्षरों की भाषा थाई थी तो कंफर्म करने के लिए मैंने google2 या को जांचा और टिकट की लिखावट से उसका मिलान किया अक्षर जब मेल खा गए तब राहत मिली बांसू ग्रैंड स्टेशन बहुत बड़ा है प्लेटफॉर्म के लिए एंट्री ट्रेन आने से 15-20 मिनट पहले ही होती है जब मैं प्लेटफॉर्म का रास्ता खुलने का इंतजार कर रहा था तब एक और महिलाओं का ग्रुप आया और मेरे बगल में खाली पड़ी कुर्सी पर बैठ गया इन्होंने मुझे बनाना और स्वीट डिश ऑफर की यह खाकर थोड़ा चैन मिला थाईलैंड एक टूरिस्ट फ्रेंडली कंट्री है टूरिस्ट को परेशानी ना हो इसका ख्याल सभी रखते हैं बांसू ग्रैंड स्टेशन से गाड़ी चली तो ट्रेन में अलग-अलग तरह के सामान बेचने वाले भी आए यहां मैंने देखा कि महिलाएं मेकअप को किस कदर अहमियत देती हैं ट्रेन में सामान बेचने आई महिला और एक लड़की ने पहले खुद को तैयार किया और फिर सामान बेचना शुरू किया मैंने इसी महिला से जैक फ्रूट लिया यह जैक फ्रूट मुझे मिला 50 भात में हालांकि अयु थाया में यही फ्रूट मैंने दोबारा खाया और वह भी सिर्फ 20 भात में रास्ते में डॉन मुआंग स्टेशन भी आया यहीं पर बैंगकॉक का दूसरा एयरपोर्ट भी है और उसका नाम भी डॉन मुआंग ही है ट्रेन 8:4 पर बांसू स्टेशन से चली थी और ठीक 9:4 पर यह पहुंच गई अयोध्या या पर थाईलैंड में हर पब्लिक प्लेस पर आपको राजा की तस्वीर दिखाई देती है अयोधा में भी ऐसा ही है यहां स्टेशन पर आपको लॉकर वॉशरूम फ्री वाटर वाईफाई मोबाइल चार्जिंग की सुविधा मिलती है सबसे बड़ी बात यह कि यहां पर आपको अयोध्या शहर का मैप भी मिलता है और वह भी बिल्कुल फ्री लॉकर में एक सामान के 10 बात लिए जाते हैं और बदले में 24 घंटे तक आपका सामान रखा जाता है वॉशरूम में नॉर्मल तीन थाई भात लगते हैं और शावर के 10 भात दोस्तों बैंकॉक से एक घंटे की जर्नी के बाद मैं अयोध्या आ चुका हूं और अयोध्या से अयोधा पहुंचने का जो एक जो पड़ाव है वो मैंने पूरा कर लिया है अय्याया के आगे जो ट्रेन जाती है वो बनमा जाती है और जो पीछे जो स्टेशन था वो बान फो था बान फो और ये ट्रैक देखिए नया स्टेशन बन गया है लेकिन यहां जो ट्रैक है जो स्टेशन है प्लेटफॉर्म है वो बराबर ही है लगभग [संगीत] दोस्तों वेटिंग रूम है यहां का और मैंने इंफॉर्मेशन काउंटर से जो मैप है वो फ्री मिलता है यह मैप है मेरे पास देखिए मैंने ले लिया है मैप और मैप लेने के बाद मैंने ट्रेन का पता कर लिया है खैर अभी मुझे दो घंटे और यहां बिताने है यह देखिए यह भी मैप दिया हुआ है यू आर हेयर यहां से हमें एक नदी पार करनी होती है होटल तक जाने के लिए य टिकट काउंटर है यहां से भी इंफॉर्मेशन आपको मिल जाती है यही एंट्रेंस है मेन एंट्रेंस बिल्डिंग का स्टेशन [संगीत] का दोस्तों यहां पर ना नियम जो है ना लोग उनको स्ट्रिक्टली फॉलो भी करते हैं अगर मास्क का ही नियम हम ले मैंने लोगों को स्ट्रिक्टली मास्क लगाए हुए देखा है हर जगह जो थाई पीपल है वो ऐसे ही कई तरह के नियम है जो लोग यहां के फॉलो करते हैं दोस्तों यह अयथा स्टेशन पर वॉशरूम है और थ्री बात है इसका जो चार्ज है वॉशरूम जाने का नहाने का जो है ववर का व 10 बात है और मेरे होटल में जोरी चेक इन है वह 2 बजे से है तो पहले मैं यहां पर फ्रेश हो गया हूं मैंने अपना सामान भी रख दिया है अब मैं आसपास घूमू थोड़ा सा और जो चीजें देखने लायक है कुछ देख लूंगा स्टेशन के आसपास फिर मैं निकलूंगा अपने होटल के लिए लगभग तीन से चार घंटे में यहां आप करेंसी जमा करते हैं बाद ये देखिए इधर ये इधर और यहां से एंट्री होती है मैं निकल रहा दोस्तों अयथा रेलवे स्टेशन के जस्ट बगल में ऊपर देखिए थाई फ्लैग है और यह बगल में है ये बौद्ध मंदिर आइए देखते हैं इस मंदिर को जो थाई संस्कृति है और जो भाषा है इन सभी में भारतीयता का प्रभाव आपको दिखता है चाहे नृत्य हो चाहे यहां का रामायण हो आप जानते ही है सुनते आए हैं हर चीज य देखिए रामायण की मुद्राएं हैं वह है मुझे भूख लगी है और मैं कुछ खाने की तलाश में हूं कुछ मिल नहीं रहा है यह जो है वह मेरे काम का नहीं है बहुत ही प्यारा घर है बहुत ही खूबसूरती से इसको पेंट किया गया है देखिए दोस्तों मैं थाईलैंड में ही हूं और यह युथा या के स्टेशन का दूसरी तरफ वाला हिस्सा है और जस्ट मैं गांव में वक कर रहा हूं ये गांव का एरिया है और आप देखेंगे कि किस तरह से घर बने हुए हैं सब हर्ट टाइप के घर बने हुए हैं बहुत छोटे-छोटे घर बने हुए हैं और बहुत ही प्यारा माहौल है शांति वाला माहौल है प्लेजट माहौल है ये किस तरह से घर बने हुए हैं लाइंस लोग एकदम शांति से कोई भागा दौड़ी है ही नहीं एक थाय बच्चा यह आ गई भैया यहां की मालगाड़ी तेल और डीजल लेकर जो भी हो इसके अंदर दोस्तों कल रात को जब फ्लाइट यहां उतर रही थी मेरी बैंकॉक में मैंने ऐसा स्ट्रक्चर देखा कि हर चीज एकदम स्ट्रक्चरल शेप में लगी मुझे और ऐसा लगा कि दिवाली मन रही हो रात के 1:30 बजे यहां पे पूरा रोशनी से जगमगाया हुआ बैंकॉक दिख रहा था प्लेन से और कमाल की खूबसूरती थी कमाल की तरीके से उसको बनाया गया था और आज सुबह ज जिस स्टेशन से मैंने ट्रेन पकड़ी यहां आने के लिए वो स्टेशन तो और भी अद्भुत था जैसे हम लोग मैंने बताया आपको जैसे कि कोई हम लोग मेगा स्ट्रक्चर की हम कल्पना करते हैं ना बुलेट ट्रेन या कोई ऐसा कोई स्ट्रक्चर उसका तो वैसा ही उसको बनाया गया है कमाल के इन्होंने एकदम सिस्टमिक ढंग से हर चीज बनाई है इन लोगों ने स्टेशन के ठीक सामने आ गया हूं खाने की तलाश में पहले पहले कुछ देखते हैं कुछ अगर अच्छा मिल जाए जो हमारी पसंद पर खरा उतरता हो तो वही खाया जाए अयथा स्टेशन से बाहर आकर मैंने आसपास के एरिया को एक्सप्लोर किया एक बेहतरीन बौद्ध मंदिर दिखाई दिया और एक जगह गणपति और त्रिदेव की मूर्ति भी दिखाई दी थाईलैंड में हिंदू 1 फीदी से भी कम हैं लेकिन हिंदू देवताओं की पूजा 96 फीदी से ज्यादा आबादी वाले बौद्ध भी करते हैं ऐसा क्यों है यह भी आप इस सीरीज के वीडियो में आगे जानेंगे आसपास खाने पीने के ऑप्शंस भी मिलते हैं हालांकि मुझे अपने लिए कोई भी खाने का ऑप्शन नहीं मिला सीधा सामने जाकर नदी पार करने के लिए फेरी सर्विस भी मिलती है 10 भात में मैं उसे कर सकता था लेकिन सामान का बोझ उठाकर चलने की हिम्मत नहीं थी तो 70 भात में टुकटुक को बुक किया दोस्तों यह मैंने टुकटुक किया है 70 बाथ में होटल तक के लिए कुछ नहीं तो मतलब बाकी तो 150 100 120 मांग रहे थे तो बारगेन करा के मैंने 70 प ले आया इनको मैं कोई नहीं लगेज काफी ज्यादा है एक बार सेट हो जाऊ अभी आज नहा लू फिर एवरीथिंग विल गेट ओके य देख सामने पासक नदी है बाइक भी मिती है रेंट पर देखिए बाइक का जो चार्ज है वो 250 बात है और जो साइकिल का चार्ज है वो 50 नहीं 60 बात है शाम को 7 बजे तक की सेवाएं होती है यह टुक टुक मैंने अंदर से किया है बाहर देखिए स्टेशन के पास जो है वो काफी महंगे मिल रहे [संगीत] थे तो मैंने अंदर गया भाई साहब हाथ ला वो मान नहीं रहे थे तो मैंने फाइनली बाद की अंदर जाके तो हो गया बात अयो रेलवे स्टेशन से पीयू गेस्ट हाउस की दूरी 2.7 किमी की है यह दूरी सड़क मार्ग से है अगर रास्ते में नदी पर फेरी सर्विस को लेकर यहां तक पहुंचा जाए तो दूरी थोड़ी कम हो जाती है पीयू गेस्ट हाउस में मैंने डॉरमेट्री का कमरा बुक किया था 300 भात में यानी इंडियन करेंसी में 50 ब्रेकफास्ट इंक्लूडेड फुल पैसा वसूल डील थी दोस्तों हर रोज एक वाटर बॉटल एक शैंपू सोप पाउच और साथ में फ्रेश टावल भी हां डोमेट्री में एक समस्या आन खड़ी हुई चार्जिंग की समस्या सुलझाने के लिए मैंने उनसे मदद मांगी और गेस्ट हाउस में पूरी मदद मिली और समस्या भी दूर हो गई मैं इस गेस्ट हाउस को फाइव में से फाइव रेटिंग दूंगा यह गेस्ट हाउस अयथा हिस्टोरिकल साइट से नजदीक है आप भी अगर रूम ले तो अयथा हिस्टोरिकल साइट के नजदीक ही उसे बुक कराए आयो थाया पहुंचने तक की कहानी यहीं तक दोस्तों जिसका कोई नहीं उसका तो फ्रूट चार्ट है यारों तो मैंने फिर से फ्रूड चार्ट के भरोसे अपनी शाम की जो मेरी खुराक है उसको पूरा कर का मैंने ठान लिया है और मैंने ले लिया है अनानास इसको कहते हैं अंग्रेजी में पाइनएप्पल और यह मुझे पड़ा है 20 बाद का मैं फिर से अपने जो गेस्ट हाउस है पीयू गेस्ट हाउस की तरफ बढ़ रहा हूं अभी मैं जस्ट बाइक बुक करने के लिए गया था मेरी बात हो गई है 250 बाथ में मैं एक दिन के लिए जो स्कूटी है सॉरी स्कूटी में रें पर ले सकता हूं कल मैं लूंगा स्कूटी रेंट प क्योंकि कल सुबह मुझे 7:00 बजे से मेरा सफर शुरू हो युया के लिए इन साइकिले भी रेंट पर मिलती हैं और इनका जो रेट है वह कहीं 50 बात है कहीं पर 60 बात भी है पर डे का दोस्तों थाया में मैं इस वक्त खड़ा हूं किंग उथ के मॉन्यूमेंट पर किंग उथ का एक और नाम है रामा बोधी फर्स्ट और यह वही नायक हैं जिसने 1351 में इस शहर की स्थापना की थी हालांकि मैं आपको इस शहर के बनने से पहले की कहानी भी बताऊंगा और दिखाऊंगा लेकिन अभी बात करते हैं किंग उथ की किंग उथ के एंसे स्स जो थे वो बेसिकली चाइनीज थे और इन्होंने जो अपनी ट्रेड की शैली थी मतलब इकोनॉमिक्स और जो ये व्यापार की शैली से इतना सबको प्रभावित कर दिया कि फिर चा बुरी करके एक कोस्टल एरिया है थाईलैंड में वहां पर इन्होंने अपनी सत्ता स्थापित भी कर ली लेकिन क्या हुआ कि बाद में एक महामारी आई और महामारी से बचने के लिए उन्होंने कदम रखा एक ऐसी जमीन पर जो चारों तरफ से नदियों से घिरी हुई थी महामारी से अपने राज्य को बचाने के लिए और हम सभी पढ़ते हैं कि नदियों के किनारे ही सभ्यताओं का उदय हुआ है राज्य बने हैं और इसी पर चलते हुए उन्होंने यहां पर अयथा की स्थापना की किंग थोंग ने दोस्तों मैं आपको एक बात और बताऊं कि किंग थोंग के अंदर हिंदू धर्म और बौद्ध धर्म को लेकर समान रूप से सम्मान का भाव था देखिए हिंदू धर्म को लेकर यहां पर जो सम्मान का भाव है आप हर जगह देख सकते हैं वो इसलिए है क्योंकि खमेर उस भाव को लेकर आए थे अपने साथ खमेर वही राजवंश था जो कंबोडिया से यहां पर आया था और अयथा के बनने से पहले वो एक शहर बना चुके थे जिसका नाम था वाट अयोध्या मैं वहां भी आपको लेकर जाऊंगा जब किंग उथ का कोरोनेशन हो रहा था तो आपको यह जानकर हैरानी होगी कि उन्होंने आठ ब्राह्मण वाराणसी से बुलाए थे अपने कोरोनेशन के लिए उनको जो पूरा जो क्रिया था पूरी पूरा जो जो भी शपथ ग्रहण था जो भी कोरोनेशन में जो भी काम होते हैं उन सभी को पूरा करने के लिए और यह आठ ब्राह्मण जो थे यह खमेर भाषा को भी जानते थे तो आप जान सकते हैं खमेर जो राजवंश था वह हिंदू धर्म को लेकर कितना ज्यादा सहिष्णु था कितनी एक्सेप्टेंस थी खमेर राजवंश के अंदर हिंदू धर्म को लेकर जो पूरी जो संस्कृति थी खमेर की वो प्रभावित दिखती है हिंदू धर्म से और उसी का असर है कि आज भी आप अयु थाया और थाईलैंड में हिंदू धर्म के निशान मजबूती से देखते हैं दोस्तों भारत के आठ ब्राह्मणों के सुझाव पर ही किंग थोंग ने चार मंत्रालयों को बनाया और ये जो चार मंत्रालय थे वो थे मिनिस्ट्री ऑफ इंटीरियर मतलब गृह मंत्रालय और मिनिस्ट्री ऑफ ट्रेजरी मतलब जो राजकोष मंत्रालय होता है वह और मिनिस्ट्री ऑफ द किंग्स हाउस होल्ड और चौथा जो मंत्रालय था वो था मिनिस्ट्री ऑफ एग्रीकल्चर तो यह जो चारों मंत्रालयों को बनाने की जो नीव रखी गई वह भारत के ब्राह्मणों के सुझाव पर किंग थोंग ने रखी थी और आज मैं किंग थोंग के उसी मोनुमेंट्स दे रहे हैं कांस की मूर्ति है ब्रॉन्स की प्रतिमा है यह अयोध्या जब अपने पूरे वैभव काल में था अपने टॉप एरा में था अपने स्वर्णिम काल में था तब यहां के जो संबंध थे वह भारत के मुगलों से भी थे और इवन फ्रांस के जो राजा थे उनसे भी इनके संबंध थे तो हर जगह जो दरबार थे उनमें इनके लोग बैठा करते थे दोस्तों इस मॉन्यूमेंट को लेकर एक बात और मैं बताऊं कि आपको वो यह है कि 1968 से 1970 के बीच इस मॉन्यूमेंट को बनाया गया जो ये आप देख रहे हैं थोंग की प्रतिमा को और 24 जून 1970 को इसका उद्घाटन हुआ मतलब इसको खोला गया हम लोगों के लिए यह मूर्ति क्यों बनाई गई यह भी काफी जानना जरूरी है ऐसा इसलिए क्योंकि लोग सोचते थे कि यह शहर जब बना तो बदकिस्मत रहा है यह शहर क्योंकि जब इसको बनाया गया उसके बाद से ही लगातार बर्मीज ने इस पर अटैक किया वह 1767 में कामयाब भी हुए और आखरी में बर्मीज कामयाब हुए उन्होंने इस पूरे शहर को उजाड़ दिया तो वो लोग जो सोचते थे वो सोचते थे कि जो शहर है ये कड है इसको अभिशाप मिला हुआ है तो यह जो सोच थी उसको अब यह सोच चली आ रही थी अभी तक तो इसको खत्म करने के लिए लोगों ने क्या सोचा जो य प्रशासन था कि हमें जो राजा है उसकी याद में कुछ करना चाहिए तो जिसने इस शहर को बनाया तो सम्मान देने के लिए ताकि जो सोच है वह खत्म हो सके और यह उन्नति अभी भी यहां इस शहर में थोड़ी उन्नति हो सके तो इस मूर्ति को यहां पर बनाया गया दोस्तों यह जो थोंग की मूर्ति है यह दक्षिण दिशा की ओर वाट फ्रा राम की ओर देख रही है वो है वाट फ्रा राम और यहीं पर इनको दफनाया गया था मृत्यु के बाद पीयू गेस्ट हाउस है जहां मैं रुका हुआ हूं अयोध्या के अंदर और यहां का जो सिटिंग है आप देख सकते हैं एरिया काफी अच्छा है अंदर स्टडी के लिए भी अरेंजमेंट है ब्रेकफास्ट में भी कई ऐसा आइटम्स है जो वेजीटेरियंस के लिए बेहतर ऑप्शंस है तो काफी सही जगह है ऐसी जगहो पर यह होता है कि अगर बारिश होने लग जाए तो यू कैन स्टे यर आप यहां पढ़ाई कर सकते हैं बैठ सकते हैं कपशप कर सकते हैं तो आप बोर नहीं होते हैं यह दोस्तों देखिए हॉस्टल है उधर और यह कुछ घर बने हुए हैं जब बाहर निकलते हैं तो बगल में ही ये देखिए ल्री भी है पर किलो के हिसाब से लोग चार्ज करते हैं कपड़ों का जो होता है फिर इधर फूड ड्रिंक यह सब है लेकिन जो राहत मिली मुझे वो कल मिली यह देखकर कि जो यह रेस्टोरेंट है यहां वेजिटेरियन फूड भी बनता है और मैंने यहां पर फिर फ्राइड राइस लिया था इसी जगह पर और फिर इधर कई बार है जो बाहर आती है यहां पर वो शाम को ही आती है यह सब अभी सबने दुकान समेट रखी है रात के बाद अभी अब दोपहर के बाद ये लोग खोलते हैं अपनी शॉप्स को 200 मास्क 2 लडी दोस्तों यह स्कूटी है 250 बात है इसका प्राइस इंडियन करेंसी के हिसाब से अगर हम बात करें तो 600 से ज्यादा पड़ता है यह प्राइस पर डे के हिसाब से और इसमें ऑयल और यह सब चीजें आपको ही करवानी होती है मैंने इनसे साइकिल की बात की थी लेकिन साइकिल से मेरा जो सफर है वो टाइम टेकिंग हो जाएगा इसलिए मैंने स्कूटी हाइड करने का फैसला किया है दोस्तों थाईलैंड में ट्रैफिक का नियम इंडिया की तरह ही है यहां भी आपको जो व्हीकल है अपना वो लेफ्ट साइड में लेकर चलना होता है रोड के किनारे किनारे तो यहां पे बहुत ज्यादा दिक्कत नहीं आती आपको व्हीकल ड्राइव करने को लेकर तो आप इजली हायर कर सकते हैं स्कूटी गाड़ी या जो भी आप चाहे साइकिल भी ले सकते हैं आप और यह सब चीजें हैं और एक जो मैंने एक टर्म सुना था यहां पर आने से पहले वो था इंटरनेशनल लाइसेंस का कि आपको स्कूटी अगर आपको रेंट पर लेनी है तो आपके पास इंटरनेशनल लाइसेंस होना चाहिए मैंने ू पर कई मैंने वीडियोस देखकर मैंने सुना था लेकिन जब मैंने स्कूटी हायर की मैंने ओनर से बात की इसकी तो उन्होंने कहा नहीं आपके पास अपना लाइसेंस होना चाहिए बस ट्स इनफ दोस्तों किंग के मॉन्यूमेंट से साढ़े किलोमीटर आगे मैं आ चुका हूं और यहां आने के लिए मैंने अयथा की जो सीमा है बॉर्डर का जो उसका जो बॉर्डर है थाया का रिवर बॉर्डर को मैंने क्रॉस किया है पासक नदी को पार करने के बाद मैं यहां पहुंच गया हूं और यह है वाट अयोध्या कहते हैं इसको और बेसिकली इसकी इंपॉर्टेंस क्या है यह जान लीजिए आप इसकी इंपॉर्टेंस यह है कि 1350 और 51 में 1350 और 51 में जब किंग थोंग ने अयथा को अपने कैपिटल बनाया था उसके पहले भी ये जगह मौजूद थी और इसे वाट अयोध्या के नाम से जाना जाता था और यह किसने बनाया था यह बनाया था हमेर डायनेस्टी ने खमेर राजवंश ने इसको बना दिया था और यहां पर खमेर का ही कब्जा था और अयोध्या की जो निशान थे वो 1351 में नहीं शुरू होते हैं वो 1351 से पहले भी यहां मौजूद थे थाईलैंड के अंदर दोस्तों हम सभी पढ़ते हैं कि 1351 में यानी 1351 में अयथा शहर को बनाया गया किंग थोंग के जरिए लेकिन यह जो जगह है वाट अयोध्या कहते हैं इसको यह जगह बताती है कि जो ह्यूमन सेटलमेंट था यहां पर वो 1351 से पहले भी मौजूद था और तब यह वाट अयोध्या नाम की जगह भी थी इसका सीधा सा मतलब यह है कि किंग युथ ने इसी से प्रेरणा लेते हुए अय्याया नाम चुना और अपने शहर की स्थापना भी की छठी से 11वीं शताब्दी के बीच यहां पर द्वारावती काल था और द्वारावती के एरिया में यहां पर जो आबादी थी वह अच्छी खासी संख्या में थी और ऐसा भी बताया गया है कि 850 एडी में ेर ने इस जगह को अपने कब्जे में लिया था और यहां पर अपनी मजबूत पकड़ बना ली थी और उन्होंने ही खमेर ने ही इस जगह का नाम सबसे पहले अयोध्या रखा था और इस जगह को बाद में अनवर हता जो राजा थे पगा राजवंश के उन्होंने कब्जे में लिया और यह बर्मीज शासन था और बर्मीज ने यहां पर 100 साल से भी ज्यादा वक्त तक राज किया और यही वजह है कि बर्मीज इसे अपना मानते रहे और इस शहर पर बाद में हमले भी करते रहे दोस्तों यहां पर आपको थाई लैंग्वेज ही हर जगह दिखाई देती है इवन इंग्लिश भाषा भी नहीं दिखाई देती है और भाषा का संकट जो है वह गंभीर है तो मैंने क्या किया एक मैंने रास्ता निकाला है जो यह शब्द लिखे हुए हैं थाईलैंड की भाषा में मैंने इनको ट्रांसलेट किया है फोटो ट्रांसलेशन मैंने यूज किया है और इन दो जो वरियर्स है इनको समझने के लिए मैंने क्या किया कि ये जो हेन का टेंपल है इसके ठीक सामने यह मूर्तिया है और यहां पर पीछे इनके बारे में लिखा हुआ है तो मैंने इस फोटो को मैंने कैप्चर किया अपने कैमरे में और कैमरा जो बता रहा है वह यह बता रहा है कि यह जो दोनों हैं किंग नरेश सुवान द ग्रेट और किंग एका तोत सोत हैं और इन दोनों ने थाईलैंड को बचाने के लिए लड़ाइयां लड़ी तो यह वाट अयोध्या में ही इनके बारे में जानकारी दी हुई है दोस्तों वाट खुद दव पर खड़ा हूं यह जो टेंपल है इसके बारे में बताया गया है कि ये ईस्ट में अयोधा सिटी आइलैंड के बाहर स्थित है वहीं वाट अयोध्या के पास स्थ है लेकिन इसके बारे में जो एक अहम बात है वो यह है कि कि ये द क्रॉनिकल्स ऑफ अयथा के मुताबिक यह मोनेस्ट्री जो है यह किंग तारा जो राज था उसके किंग बोरोमा कोस ने इसको इसका जीर्ण उधार कराया था 1711 में लेकिन आर्कलॉजिकल एविडेंस कहते हैं कि यह टेंपल अयथा पीरियड के पहले ही बना दिया गया था और बनज ने जब इनवेजन किया उसके बाद 1767 में जब इस शहर को तबाह किया तब इसका जो पूरा जो पूरा यह जो आर्किटेक्चर है पूरा एबंडेंट हो गया उसके बाद दोस्तों इसमें बताया गया है कि यह पश्चिमी शैली से बना हुआ है वेस्टर्न शैली है इसकी बिल्कुल लग लग भी रही है किंग बोरो मार्कोस ने इसका इंस्पेक्शन भी किया था एक या दो महीने के लिए और उसके बाद उन्हें इसी जगह दफन भी किया गया यह है यह है द लो वॉल रेक्टेंगल ब्रिक है सराउंडिंग द बुद्धिस्ट एरिया 102 मीटर विथ एंड 122 मीटर लेंथ वो देखिए दोस्तों दीवार किस तर से टेढ़ी कर दी गई है तो पूरा शहर जब ध्वस्त किया गया तो एकदम बर्बाद कर दिया बर्मीज ने बड़े ही लीथल बहुत ही कहते हमलोग बहुत ही विनाशकारी हमला हुआ था यह अयोध्या पर यह हाल किया है ये तो खैर एक ही टेंपल है बाकी तो हर टेंपल का यही हाल है और कुछ बचा नहीं है किसी में खाली पत्थर देखने लोग आते हैं दोस्तों देख रहे हैं आप कितनी शांति है और रोड के किनारे पेड़ लगे हुए हैं आपको अगर छाव मिल जाए तो आप रुक भी सकते हैं जैसे मैं रुका हुआ हूं देखिए धूप बहुत तेज है तो मैं थोड़ा सा आराम कर रहा हूं मैंने फुल स्लीव्स की मैंने टीशर्ट पहनी हुई है वेल प्लान बनाया गया है शहर को वेल स्ट्रक्चर्ड है पूरा शहर यहां का यह अयो हिस्टोरिकल सेंटर है यहां पर आप म्यूजियम घूम सकते हैं और जगहों को जान सकते हैं हिस्ट्री को जान सकते हैं द फेयर इज अराउंड 100 बाथ पर पर्सन यह आप कर सकते हैं यहां पर दोस्तों यहां आने से पहले मैंने टूरिजम अथॉरिटी अयु थाया से मैंने संपर्क किया था और उनसे मैंने जाना चाहा था कि मैं जो सवालों के जवाब चाहता हूं डॉक्यूमेंट्री बनाने के लिए या ब्लॉग बनाने के लिए वो आपसे चाहिए तो उन्होंने मुझे रेफर किया था मिस जयादा स्वत चोपान के पास अभी थाईलैंड में पौ बजने वाले हैं और डेढ़ घंटे आ गए हैं इंडिया से ये समय तो अभी वो मीटिंग में है और मैं यहां पर 2 बजे आऊंगा उनसे फिर से मिलने के लिए जब वो मुझे अपने सवालों के जो मेरे सवाल हैं उनके व जवाब मुझे देंगी आइए बढ़ता हूं सफर में आगे यहां ट्रांसलेशन के जरिए पता किया गया कि मैं क्या बोल रहा हूं ये लोग जानते नहीं है ना इंग्लिश ना हिंदी तो खैर दूर की बात है तो थाई लैंग्वेज को ट्रांसलेट थाई लैंग्वेज इन्होने ट्रांसलेट किया और नथिंग वेजिटेरियन इज हियर कुछ भी वेजिटेरियन नहीं मिलता कहीं भी नहीं मिलता है अगर आप खाटी वेजिटेरियन है तो तो बहुत मुश्किल है यहां पर टिक पाना तो आई एम ड्रिंकिंग दिस वन कोकोनट मुझे दो बजे का टाइम दिया गया है तो बीच में सोचा मैं कुछ खा लू नहीं खाने के लिए कुछ मिल ले ना मुझे इन्होने फिर से ट्रांसलेशन के जरिए पता किया और अब मैं यह पी रहा हूं नारियल पानी 20 बात का है मतलब 50 का है बड़ा मुश्किल है दोस्तों दोस्तों मैं अभी आ गया हूं एलिफेंट रॉयल क्राल विलेज जो है सुवान पलिक में और अयु थाया के अंदर यह हाथियों का गांव है अय थाया में आप देख सकते हैं हाथी विशाल हाथी यहां बांधे गए हैं कुछ के दांत है कुछ के नहीं है और अब आपके मन में यह सवाल आया होगा कि हाथी यहां क्यों बांधे गए हैं तो मैं बता दूं कि इन हाथियों का जो इस्तेमाल होता है वह जो हिस्टोरिकल पार्क है वहां पर हाथियों की राइड होती है और हाथियों की राइड का जो फेयर है वह 300 बात से लेकर सा स बात है और उसके लिए इन हाथियों का इस्तेमाल होता है और हाथी है बहुत ही मोटा खर्चा आता है इनके ऊपर देखिए यह ना पाइनएप्पल के आपको जो है वो पत्ते दिखाई दे रहे होंगे पाइनएप्पल जो आता है इनके लिए तीन चार दिन में जो फेयर है उसका ट्रक भर के आता है वह 30 से 400 हजार बाद का पाइनएप्पल आता है जो यह खाते हैं और भी कई खर्चे हैं इनके ऊपर तो यह एनजीओ है जो इन हाथियों के ऊपर काम भी कर रहे हैं एनजीओ एलिफेंट स्टे एनजीओ के कुछ लोगों से मेरी बात हुई तो दरअसल वो क्या करते हैं कि जो हाथी रिटायर्ड हो जाते हैं या कुछ मैड हो गए पागल हो गए थी या जो बीमार हो गए जो इस्तेमाल जिनका जिनका इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है तो उनका वो लोग ख्याल रखते हैं और अगर कोई हाथी पागल हुआ मान लीजिए तो उसको ट्रेंकुलाइज करके दवा देके थोड़ा इलाज करके थोड़ा बहुत इलाज करके उनको वह जंगल में फिर छोड़ते हैं या जू में या कहीं जंगल में छोड़ते हैं बेसिकली उनको वो और जिन हाथियों को बीमारी हो गई है या इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है तो उनका वो लोग ख्याल रखते हैं तो यह है हाथियों का गांव यहां अयोध्या में दोस्तों हाथी हमेशा से शाही सेना का हिस्सा रहे हैं और यह जो आप मूर्तियां देख रहे हैं यह दिखा रही हैं कि हाथियों ने किस तरह से युद्धों में हिस्सा लिया पुराने जमाने में निश्चित ही यह शाही सेना का हिस्सा रहे होंगे लेकिन बाद में जब युद्धों का दौर खत्म हो गया तब जरूरत महसूस हुई होगी कि इन हाथियों का क्या किया जाए और तभी इस विचार ने जन्म लिया होगा कि इन्हें सवारी के रूप में इस्तेमाल किया जाए और फिर हाथियों को सवारी के रूप में इस्तेमाल किया जाने लगा और इससे कमाई भी की जाने [संगीत] लगी अभी मैं खड़ा हूं थाई बोट म्यूजियम में और यह अया हिस्टोरिकल पार्क से डेढ़ किलोमीटर दूर है बट लगता नहीं कि यहां पर कोई है लेटर बॉक्स में चिट्ठियां रखी हुई हैं और अगर मैं यहां दिखाऊं तो य देखिए केले वहीं पर रखे हुए हैं पानी का गिलास वहीं रखा हुआ है लग रहा है बहुत दिन से रखा हुआ है दोस्तों मैं युया के हिस्टोरिकल पार्क ऑफिस में बैठा हुआ हूं जितना एरिया है युया का यह 14.8 स्क्वा किलोमीटर का एरिया है बहुत ही जरा सा एरिया है और इसकी आबादी 50000 ही है और हमारा अगर एनडीएमसी जो न्यू दिल्ली मसिल कॉर्पोरेशन है उसकी बात करें तो उसका एरिया इसका तिगुना है और पॉपुलेशन की ती 35 लाख के आसपास है यहां पर मैंने दोस्तों एक चीज देखी है हर चीज एकदम सिस्टमिक लोग ड्राइव कर रहे हैं अगर मैं स्कूटी चला रहा हूं तो मेरे पीछे जो गाड़ी वाला है वो रेस्ट ड्राइविंग करके मुझे ओवरटेक नहीं कर रहा है मैं खुद साइड हो रहा हूं तब वो आगे गाड़ी निकाल रहा है ट्रैफिक का सेंस गजब का है मैंने किसी भी गाड़ी को अब तक रेस्ट डाइविंग करते हुए यहां पर नहीं देखा है और सब एकदम लेन में चल रहे हैं लाइट को फॉलो कर रहे हैं हर चीज बहुत ही व्यवस्थित है यहां पे एंक्रोचमेंट तो नाम की चीज है ही नहीं मैंने सेकंड चीज जो मैं खाने जा रहा हूं सुबह से अभी तक ब्रेकफास्ट के बाद ब्रेकफास्ट को हटाते हैं तो पहली चीज मैंने खाई थी आयल पानी और उसके अंदर का जो हम लोग मलाई बोलते हैं वो और दूसरी चीज अब मैं स्ट्रॉबेरी मिल्क मैं पी रहा हूं यहां पे जस्ट थाया का जो ऑफिस है टूरिजम का ऑफिस है थाया हिस्टोरिकल ऑ थाया हिस्टोरिकल पार्क का जो ऑफिस है उसके बगल में ही यह कॉफी शॉप है और यहां पर देखिए मतलब शहरों शहर है काफी बड़ा लेकिन लोग अंग्रेजी तक नहीं जानते हैं पूरे देश की एक ही भाषा है और लोग उसी भाषा पर अड़क रहते हैं पढ़ा लिखा आदमी भी इंग्लिश नहीं जानता यहां पे तो अगर आप आए तो आपको भाषा का संकट यहां पे होना लाजमी है हिंदी तो खैर हम भूल सकते हैं लेकिन अंग्रेजी तो एक हम लोग समझते हैं कि हां भाई वी कैन कम्युनिकेट इन इंग्लिश एनी वेयर इफ यू गो लेकिन यहां पर ये धारणा भी टूटती हुई दिखाई देती है यहां पर लोग सिर्फ थाई भाषा से ही कनेक्टेड हैं और वो कुछ और लगता है सीखना चाहते ही नहीं है वो उसी में खुश है जैसे उनके अर आपको दिखेगा भी नहीं कि हां यार हम सी ले ताकि हमारे कस्टमर बन जाए ताकि हम कमाई कर ले नहीं वो लोग उसी से खुश है और उनका जो चल रहा है जैसे चल रहा है अच्छा चल रहा है उनके लिए यह भावना है उनके [संगीत] अंदर भाई लोगों कॉमिनेशन देखिए यह स्ट्रॉबेरी मिल्क यह ठंडा पानी और यह गर्म दूध और यह भैया गमला रखा हुआ है जस्ट दिखाने के लिए तो यह मैं पी रहा हूं हिस्टोरिकल पार्क के जस्ट बराबर में एक कैफे है वहां पर अयथा हिस्टोरिकल पार्क के ऑफिसर से क्या बात हुई इसकी चर्चा अगले वीडियो में हालांकि यह मुलाकात बहुत ही अच्छी रही और ऑफिसर्स बहुत ही कोऑपरेटिव भी थे दोस्तों मैं आ गया हूं श्री चरण शिपयार्ड में जो अयोध्या में है और अयोध्या के काल में एक बड़ी बात यह है कि यह जगह जो थी वह नदियों के बीचोबीच थी आप नदियों के कि बसते हुए शहर देखते होंगे लेकिन यह शहर ऐसे बनाया गया कि इसे चारों तरफ से नदी ने घेरा हुआ था चाओ फाया रिवर पासक नदी ने इसको चारों ओर से घेरा हुआ था थाया का जो साम्राज्य था इसमें बेसिकली जो व्यापार होता था वह नदी के द्वारा ही होता था और आप देखेंगे अगर नक्शे को तो समंदर के रास्ते जो एक रास्ता अंदर चाओ प्राया रिवर के लिए निकलता है थाईलैंड में तो चाओ प्राया रिवर और पासक नदी जिसके बीच में बीचोबीच यह शहर बना हुआ है वहां सबसे बड़ा साधन जो था वो जहाज का ही था तो यह जहाज तब ऐसे ही बना करते थे जैसे आज बनते हैं और देखिए यह जहाज ही संजीवनी थी पूरे अयथा साम्राज्य की और वक्त बदल गया है लेकिन आज भी यह जहाज नहीं बदले हैं [संगीत] देखिए दोस्तों नए जहाज बना देते हैं ना पुराने जहाज को रिपेयर करके लोग ये पुराने जहाज [संगीत] है दोस्तों जाओ माय सोय डॉर्क मार्क शाइन यह वो टेंपल है जो एक चाइनीज राजकुमारी के नाम पर बनाया गया यह वो राजकुमारी थी जिसने सियाम यानी थाईलैंड के महाराज के लिए अपनी जान दे दी थी चाइनीज इस शाइन को बहुत मानते हैं और वो इसलिए मानते हैं क्योंकि चाइना की एक प्रिंस थी एनिया और चाइना के महाराज थे और उनकी बेटी हुई सोई डॉर्क मार्क ये प्रिंसेस थी और उन्होंने शादी कर दी इनकी फ्रा जाओ साई नाम फ्यूंग के साथ जो स्याम के राज कुमार थे जब राजकुमारी यहां पहुंची तो कोई उनको लेने नहीं आया और इससे वह नाराज हो गई और फिर जो जो फराज जाओ साई नाम फिंग थे उन्होंने उन्होंने ना तो किसी को भेजा और यह भी टीज कह के संदेश और यह संदेशा भिजवाया कि अगर वह बाहर नहीं आना चाहती तो अपने शिप में ही रहे जहाज में ही रहे जहाज यहीं किनारे पर आया था देखिए तो क्या हुआ कि इससे राजकुमारी को इतनी तकलीफ पहुंची कि उन्होंने अपनी जान दे दी वहीं पर और फिर राजकुमार को बहुत दुख पहुंचा उन्होंने फिर आखिर में यहां पर उनके लिए मंदिर बनाया दोस्तो एक हाथियों का गांव वो था और एक हाथियों का गांव यह है वहां पर जो हाथी थे वह बेसिकली रिटायर्ड हो चुके हाथी थे और यहां पर जो हाथी हैं वह अभी काम में लाए जा रहे हैं देख रहे हैं आप इनको ऊपर जो है वह सिटिंग भी लगाई गई है और ऊपर इनके शॉल भी है शाम को होटल पहुंचते पहुंचते भूख अपनी चर्म सीमा पर पहुंच चुकी थी सो यहां पर सबसे पहले झटपट खाया फ्राइड राइस इसे मेरा ब्रंच भी समझिए और डिनर भी दोस्तों अभी मैं अयथा की नाइट मार्केट में आ चुका हूं और शाम होते ही यहां पर जो बाजार है वह गुलजार हो जाता खाने पीने से लेकर खरीदने तक के कई आइटम्स है यहां पे तो आइए आपको दिखाता हूं इस मार्केट को और अगर आप यहां पे आए तो अपने लिए क्या लेकर जा सकते हैं यह भी आप सोच सकते [संगीत] हैं दोस्तों बगल में यह चाओ फ्रायर रिवर है और इसी रिवर के किनारे यह है युथ रोड जहां पर लगती है यह नाइट मार्केट दोस्तो देखिए यहां पर लॉटरी की टिकट्स भी मिलती है थाईलैंड में बट मुझे यह नहीं पता प्रोसेस क्या होता है इनको लेने के बाद अगर आपकी लॉटरी लग गई तो आप पैसा कैसे लेंगे यह नहीं पता मुझे यह प्राइस है और पूरा थाई लैंग्वेज में य पर लिखा हुआ है थाईलैंड यात्रा के तीसरे दिन हमने अयथा या हिस्टोरिकल पार्क को विजिट किया और यहां बोट राइड भी की यह दिन पूरा पैक्ड रहा थाईलैंड के अयथा या शहर की स्थापना 1351 में हुई थी फाइन आर्ट्स डिपार्टमेंट ऑफ थाईलैंड बताता है कि इस शहर को 4 मार्च 1351 के दिन बसाया गया था वह शुक्रवार का दिन था अयोध्या से अयोध्या की अपनी यात्रा में मैंने थाईलैंड को बहुत करीब से जानने की कोशिश की इस वीडियो में मैं आपको अयथा या हिस्टोरिकल पार्क के बारे में दिलचस्प जानकारी दूंगा साथ ही परदेश के इस सफर में वह पल भी बताऊंगा जब अपने भारतवासी मुझे मिले एक ग्रुप दक्षिण भारत के आंध्र प्रदेश से था और दूसरे भाई साहब हरियाणा से थे सफर बहुत दिलचस्प रहने वाला है आइए इसकी शुरुआत करते हैं अयथा या का ऐतिहासिक शहर श्यामी साम्राज्य की दूसरी राजधानी थी सुखताल की पहली राजधानी थी अयथा या 14वीं से 18वीं शताब्दी तक फला और फुला इस दौरान यह दुनिया का सबसे बड़ा [संगीत] कॉस्मोप्रोफ बुरी की नदियां समंदर को सीधा इस शहर से जोड़ती थी इस शहर पर दुश्मन के होने वाले हमले रोके जा सकते थे और यहां बाढ़ का भी खतरा नहीं था अयथा या हिस्टोरिकल पार्क एक ऐसी जगह है जहां दुनिया भर से टूरिस्ट आते हैं इस हिस्से में अयो थाया के पुराने शहर प्रा नखो स अय्याया प्रोविंस के खंडहर हो चुके हिस्से शामिल हैं अय्याया शहर की स्थापना 1351 में राजा रमा बोधी फर्स ने की थी जिनका एक नाम किंग यथोंगी था अयथा शहर में यह साक्ष्य मिले हैं कि अयथा की बसावट से पहले यहां अयोध्या नाम का एक शहर मौजूद था अयोध्या से भी पहले जाएं तो मून द्वारावती पीरियड में यहां अच्छी खासी आबादी थी वजह थी इसका नदियों से घिरा होना कुदरत ने इस शहर को तोहफे में यों की एक ऐसी बाउंड्री दी जिसने इसे कारोबार के लिए एकदम मुफीद बना दिया समंदर के रास्ते बड़े-बड़े जहाज सीधा चाग फाया रिवर होते हुए यहां पहुंच जाया करते थे लगभग 850 ईसवी में खमेर ने इस क्षेत्र पर कब्जा कर लिया था और फिर उन्हीं ने बसाया एक नया शहर अयोध्या अयथा का शुरुआती इतिहास इसी खमेर सेटलमेंट से जुड़ा हुआ है यह शहर कभी साउथ ईस्ट एशिया में सबसे संपन्न शहरों में शामिल हुआ करता था लेकिन 186 7 में बर्मा की सेना ने इसे तबाह कर दिया बर्मीज ने इससे पहले बर्सों यहां पर हमले किए वह युद्ध में हारते रहे लेकिन हमले करते रहे उन्होंने भी इस शहर पर खमेर की सत्ता कमजोर पड़ने के बाद लगभग 100 साल तक शासन किया था 1767 में वह युद्ध जीते और आज शहर का जो स्वरूप है वह बर्मीज हमले का ही असर है 1976 में साइट को ऐतिहासिक पार्क घोषित किया गया पार्क के एक हिस्से को 1991 में यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल यानी यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट घोषित किया गया वर्ल्ड हेरिटेज साइट का कुल क्षेत्रफल 299 यानी 289 हेक्टेयर है हिस्टोरिकल पार्क साइट में वाट छाई वतम वाट का साथरा थिराज वाट खुदी दव वाट लोकाया सुथम वाट महाथा वाट फनन चोइंग विहारा फ्रा मखन बोपेट वाट फ्रा राम वाट फ्रा सी सनफिट वाट रचा बुराना वाट चाई मखन प्रा चदी सूर्य थाई अयथा हिस्टोरिकल स्टडी सेंटर जपनीज विलेज डच विलेज बान लांडा वाट फू खाओ थोंग एलिफेंट कैंप शामिल है वाट फ्रा सी सनफिट वाट महा थाट वाट रच्चा बुराना वाट फ्रा राम वाट छाई भतर म और वाट महायोग की टिकट एक साथ खरीदने का ऑप्शन टूरिस्ट को मिलता है इनकी टिकट 220 भात की है यानी ₹5000000 जो टूरिस्ट सभी छह जगह नहीं घूमना चाहते हैं वे अक्सर अलग-अलग टिकट खरीदते हैं सफर की शुरुआत हुई सुबह-सुबह वाट रच्चा बुराना से वाट रच्चा बुराना अयु थाया हिस्टोरिकल पार्क में स्थित एक बौद्ध मंदिर यानी कि वाट है मंदिर का मेन प्रांग शहर में बेहतरीन है अयथा के आइलैंड सेक्शन में यह मंदिर वार्ट महा थाट के नॉर्थ में है वार्ट रचा बुराना की स्थापना 1424 में अयथा साम्राज्य के राजा बोरो मारा चती रथ द्वितीय या चाओ सैम फ्रा ने की थी उन्होंने ने इसे अपने दो बड़े भाइयों की क्रीमेशन साइट पर बनाया था दोनों भाइयों ने अपने पिता इथा राजा के शाही उत्तराधिकार के लिए आपस में युद्ध लड़ा और मारे गए जहां दो भाइयों का क्रीमेशन हुआ वहां दो पगोड़ा बनाए गए 1957 में मंदिर के तहखाने में बड़ी संख्या में बुद्धि की इमेज और गोल्ड की कलाकृतियों को लूट लिया गया बाद में चोरों को पकड़ लिया गया लेकिन कुछ ही खजाने बरामद किए जा सके जो चीजें बरामद हुई उन्हें नजदीक के चाओ सैम फाया म्यूजियम में रखा गया इन सभी वाट के बाहर टुकटुक की सवारी आपको मिलती है आप इन्हें भी बुक कर सकते हैं इसके जरिए आप सभी मॉन्यूमेंट्स घूम सकते हैं वैसे मैंने इस दिन के लिए साइकिल हायर की थी 50 भात पर डे के किराए पर यानी ₹1500000 [संगीत] चलूं अगर आप पहली बार हमारे चैनल पर हैं तो इसे सब्सक्राइब जरूर करें बेल आइकॉन पर बटन दबाना बिल्कुल ना भूलें हिंदी में ब्लॉग पढ़ने के लिए लॉग इन करें travel.com पर अब बात वाट महाथ हाट की वाट महाथ हाट के बारे में कुछ बात करें उसके पहले यह बता दें कि यहीं पर बुद्धा की मूर्ति का वह सिर भी है जो एक तरह से अयो थाया की आइकॉनिक इमेज बन चुकी है जड़ों के बीच बुद्धा हर टूरिस्ट को अपनी ओर आकर्षित करते हैं वाट महात हाट भी एक बौद्ध मंदिर है बात वाट थट के लोकेशन की करें तो यह फ्रा राम पार्क के नॉर्थ ईस्ट कॉर्नर पर ओल्ड अयो थाया में चीकन रोड और नरेशवादी में स्थित है वाट महाथा अयथा के सबसे महत्त्वपूर्ण मंदिरों में से एक था अयथा किंगडम के दौर में यह बौद्ध धर्म का केंद्र था वाट महा थाट महल के करीब मौजूद एक शाही मॉनेस्ट्री थी राजा यहां पर रॉयल कैथन समारोह जैसे अहम सेरेमनीज किया करते थे मंदिर का निर्माण साल 1374 में राजा बोरोमा जाति रत प्रथम ने किया था प्रांग 17वीं शताब्दी की शुरुआत में ढह गया था बाद में इसे नए सिरे से बनाया गया और बड़ा भी किया गया बाद के राजाओं के काल में असेंबली हॉल और चेदी जोड़ी गई जब बर्मी लोगों ने अय थाया पर आक्रमण किया और 1767 में बड़े पैमाने पर इसे नष्ट कर दिया तो इस वाट महा थाट में भी आग लगा दी गई थी 20वीं सदी की शुरुआत में सेंट्रल प्रांग फिर से ढह गया और इसके बाद इसे नहीं बनाया गया वाट महा थाट का डिजाइन कंबोडिया में अंकोर के प्राचीन खमेर माउंटेन मंदिरों के कांसेप्ट पर तैयार किया गया था सफर का अगला पड़ाव था वाट फ्रासी सनफिट अयो थाया में कुल 400 से ज्यादा प्राचीन मंदिर हैं खंड हर हो चुके इन मंदिरों में से सिर्फ दर्जन भर को ही रिस्टोर किया जा सका है वाट फ्रासी सनफिट अयथा या महल का अवशेष है हर साल दुनिया भर के टूरिस्ट यहां पहुंचते हैं यह मंदिर ऐतिहासिक वाट फ्रा राम वाट महाथा और वाट रचा बुराना जैसे मंदिरों के साथ है यह सब मिलकर इस जगह को हाई हिस्टोरिकल वैल्यू वाला कॉम्प्लेक्शन यानी किंग रमा बुधी फर्स्ट ने वाट फ्रासी सनफिट की जगह एक शाही महल बनाने का आदेश दिया था यह वह वक्त था जब अयथ को राजधानी बनाया जा रहा था महल 1351 में बनकर तैयार हुआ और राजा रमात्री बोधी ने अपने राज्य की राजधानी के रूप में अयोध्या की स्थापना की महल में लकड़ी की तीन इमारतें थी इनका नाम था पथु महाप्रसाद फिच होन महाप्रसाद और एवन महाप्रसाद 1300 51 में महल को अंतिम रूप देने पर उन्होंने अयथा को अपनी राजधानी के रूप में स्थापित किया और उन्हें राजा रमा बोधी प्रथम की उपाधि दी गई 1448 में राजा बरो मात्रा लोकन ने उत्तर में एक नया महल बनाया और पुराने महल के मैदान को एक पवित्र स्थल में बदल दिया यही जगह वाट फ्रासी सनफिट कही गई उनके बेटे राजा रमा बोधी द्वितीय ने दो स्तूप और जोड़े थाई भाषा में स्तूप को िद स के नाम से जाना जाता है यहां एक कतार में यही तीन स्तु बने हुए हैं जिनमें अयथा के तीन राजाओं की राख को रखा गया है इसे 1492 में बनाया गया इसमें राजा रमात्री बोधि द्वितीय उनके पिता राजा बोरोम मात लोकन और उनके भाई राजा बोरो मर्चा तृतीय की राख को दफन किया गया था सीधे नए महल से सटा वाट फ्रासी सनफिट अयथा का शाही मंदिर बन गया और यहां सबसे महत्त्वपूर्ण समारोह आयोजित किए जाने लगे थे यह शाही परिवार के निजी चैपल के रूप में भी काम करता था और शहर के ज्यादातर दूसरे धार्मिक केंद्रों से उलट कॉम्प्लेक्शन नहीं थी इसे राजा के मंदिर के रूप में जाना जाता था क्योंकि इसका इस्तेमाल शाही परिवार द्वारा समारोह के लिए किया जाता था साइट में ज्यादातर स्ट्रक्चर को रिस्टोर नहीं किया गया 1767 में बर्मी सेना द्वारा शहर को पूरी तरह से नष्ट किए जाने तक थाईलैंड की प्राचीन राजधानी अयो थाया में पुराने रॉयल पैलेस के स्थान पर वाट फ्रासी सनफिट सबसे पवित्र मंदिर था यह राजधानी का सबसे भव्य और सबसे सुंदर मंदिर था वाट कॉम्प्लेक्शन करके इसके बारे में जान भी सकते हैं वह भी मोबाइल पर चलते फिरते है ना कमाल की बात वाट फ्रासी सनफिट के बगल में है विहार फ्रा मंकन बफिट इस विहार में फ्रा मंग कोन बफिट बुद्ध की छवि है 1767 में बर्मी सेनाओं के बर्बर हमले से बची कुछ मूर्तियों में से यह एक है इसकी ऊंचाई 17 मीटर है इसे ईंट और कांसे से बनाया गया है मशहूर फोटोग्राफर और स्कॉलर माइकल प्रीमन ने बताया था कि इस मूर्ति पर सुखदाई प्रभाव है यह एक ऐसा स्टाइल है जो राजा बोरोम त्रिलोकनाथ के शासनकाल के दौरान प्रमुखता से मौजूद रहा था अयो थाया भर में जहां खंडहर ज्यादा दिखाई देते हैं यह मंदिर आपको एक नई ताजगी का एहसास कराता है यह एक एक्टिव टेंपल कंपाउंड है दिन भर में यहां कई लोग बुद्ध की पूजा के लिए पहुंचते हैं दिलचस्प बात यह कि यह वाट फ्रासी सनफिट के एकदम नजदीक है इसलिए पूरे एरिया को एक ही वक्त में देखा जा सकता है [संगीत] अब सफर बढ़ चला एक और मंदिर की ओर जिसका नाम है वाट फ्रा राम वाट फ्रा राम जैसा कि नाम से ही पता चलता है हिंदू देवता राम से जुड़ा एक मंदिर है वाट फ्रा राम अयथा हिस्टोरिकल पार्क में स्थित एक मंदिर का खंडहर है बूंग फ्रा राम नाम के एक दलदली क्षेत्र में ग्रैंड पैलेस और वाट फ्रासी सनफिट के करीब है इस मंदिर को अयथा के पहले राजा सम्राट रमात्री बोधी फर्स्ट के अंतेश स्थल पर तैयार किया गया था रमात्री बोधी फर्स्ट की आस्था हिंदू और बौद्ध धर्म में बराबर थी उनका धर्म बौद्ध था लेकिन हिंदू धर्म और प्रभु श्री राम में आस्था की वजह से ही उनके अंतेश स्थल पर यह मंदिर बनाया गया इसे बनाने की इजाजत उनके बेटे ने दी थी कहा जाता है कि किंग रामातीर्था इस मंदिर के खजाने को लंबे वक्त तक लूटा गया इस मंदिर का प्रांग काफी प्रभावशाली है हालांकि मंदिर के अन्य हिस्से बर्बाद हो चुके हैं यहां के दूसरे मंदिरों और महलों के निर्माण के लिए इस दलदल के नीचे की मिट्टी को खोदा गया था किंग यथोंगी 350 मीटर की दूरी है अब तक जो भी स्थल देखे थे वे सभी नजदीक थे लेकिन अभी लिस्ट में दो जगहें बाकी थी अब टिकट वसूल करने की मजबूरी कहिए या हिस्टोरिकल पार्क की यात्रा को पूरा करने का जुनून वाट छाई वतम और वाट माहि होंग भी जाना जरूरी था वाट प्राराम से वा छाई वतम की दूरी 35 किलोमीटर की है आपको रास्ते में कुछ फ्रूट और फूड ऑप्शंस भी मिलते हैं फ्रूट देखते ही मैंने झड़ से खरीद लिया जैकफ्रूट वह भी 20 भात [संगीत] में अयथा शहर के चारों ओर नदियां हैं तो शहर में है नहरें इससे बेहतर भला क्या [संगीत] होगा अ पीरियड में हाथियों को पकड़ने जैसी एक्टिविटीज को सम्राट या शाही परिवार के सदस्यों के लिए किसी फेस्टिव इवेंट जैसा लमहा माना जाता था अयो थाया में एलिफेंट पैलेस पार टन रोड पर स्थित है यह जगह हाथियों और महावत की आरामगाह के तौर पर भी काम करती है जो हाथी बीमारी या उम्र की वजह से रिटायर हो जाते हैं उन्हें रॉयल क्राल में रखा जाता है जो हाथी सेवा में रहते हैं उन्हें अयथा या फ्लोटिंग मार्केट के पास बने एलीफेंट विलेज में रखा जाता है अयोधा में एलीफेंट राइड करनी हो तो 350 से 450 बाद तक की टिकट लगती है सफर में खाते पीते छाव देखकर आराम करते-करते पहुंच गया वाट छाई वतम वाट छाई वतम चाओ फाया रिवर के पश्चिमी किनारे पर स्थित है यह अयथा का दक्षिणी पश्चिमी हिस्सा है अयथा हिस्टोरिकल पार्क की यात्रा में जब मैं यहां पहुंचा तो सबसे पहले मिले भारत के स्टूडेंट्स कमाल के बच्चे ये सभी आंध्र प्रदेश की एक यूनिवर्सिटी से थे स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत ये सभी कुछ हफ्तों की इंटर्नशिप के लिए किंग मडोल यूनिवर्सिटी आए हुए थे और वहां से वाट छाई वतर्म इन्होंने मुझे किंग मडोल यूनिवर्सिटी आने का ऑफर दिया और बाद में मैं वहां गया भी क्या कमाल का कैंपस है [संगीत] दोस्तों मुलाकात बात और फोटोग्राफी के बाद मैं चल दिया वाट छाई वतम के अंदर बच्चे शेर कर चुके थे तो यह चल दिए वापस अपने कैंपस की ओर वार छाई वतम अयथा हिस्टोरिकल पार्क का लार्ज कंपाउंड है हालांकि यह अय्याया में यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट का हिस्सा नहीं है यहां आप सड़क से या नाव के जरिए पहुंच सकते हैं शाम को मैंने चाओ फराया रिवर में बोट सफारी की तो यहां दो बार आना हुआ हालांकि तब मैं अंदर नहीं गया था मंदिर का निर्माण 1630 में राजा प्रसाद थोंग ने अपने शासनकाल के पहले मंदिर के रूप में की थी इन्होंने इसे अपनी मां के निवास के स्मारक के रूप में बनाया था दोस्तों थाईलैंड एक भाषा एक धर्म एक संस्कृति वाला देश है थाई लोग आज भी अपनी परंपराओं से गहराई से जुड़े हुए हैं वाट छाई व तनम के बाहर बाजार है और यहां शाही लिबाज मिलते हैं थाई लोग इन कपड़ों को खरीद कर पहनते हैं और यहां फोटो खिंचवाते हैं शाही दौर से जुड़ाव का अद्भुत तरीका आपको थाईलैंड में दूसरी जगह भी दिखाई देता [संगीत] है मैं सफर में बढ़ चला आगे थाईलैंड में अगर आपको पानी खरीदना हो कुछ चिप्स या कोल्डड्रिंक लेने हो शेक या मेडिसिन लेनी हो तो सबसे बेहतर ऑप्शन है 711 यहां चीजें बाहर से सस्ती भी मिलती हैं मैंने व छई नम से लौटते वक्त एक सनस्क्रीन खरीदा धूप बहुत ज्यादा थी हालांकि प्यास बुझाने के लिए कूल्ड ड्रिंक और वाटर मैं पहले ही एक दुकान से खरीद चुका था थाईलैंड में साइकिल किराए पर लेने में कोई समस्या नहीं है सस्ता और किफायती ऑप्शन है सड़क पर भी आसानी से चल सकते हैं लेकिन मुश्किल तब होती है जब आपको कोई पुल पार करना होता है वाट छाई वर्त नम आते हुए और यहां से लौटते वक्त नदी का पुल पार करना था और चढ़ाई में बहुत मुश्किल हुई यही हाल आगे तब हुआ जब वाट मायोंग गया वाट छाई तनम से वाट माहियां की दूरी 10 किमी की है दोनों अयथा के दो किनारों पर हैं एक और बात यह कि वाट माहियां में एक दिन पहले भी आया था जब स्कूटी से अयु थाया में घूम रहा था लेकिन तब मैं इसके अंदर नहीं गया था ना मुझे पता था कि इसकी टिकट हिस्टोरिकल पार्क की टिकटों के साथ मिलती है सो एक बार फिर यहां आना हुआ वाट मायोंग थाईलैंड के अयु थाया में एक बौद्ध मंदिर है यह मूल रूप से 1438 में राजा बोरो मारा चतिराम काल के दौरान बनाया गया था और 1711 में राजा थाई सा ने इसे रिस्टोर किया था वाट मायोंग के बाहरी हिस्से में रानगी सबसे ज्यादा थी लेकिन इससे लगा हुआ ही इसका एक्सटेंडेड पार्ट है और सच मानिए यहां आयुथा के सभी वाट से बेहतर महसूस हुआ यहां मेडिटेशन की क्लास होती है और इसमें हिस्सा लेने के लिए थाई गर्ल्स आती हैं मेडिटेशन की क्लास में गजब का नजारा दिखाई दिया सफेद वस्त्र पहने लड़कियां आंख बंद करके ध्यान में डूबी हुई दिखाई दी बगीचे की ठंडक ने मारो मेरी सारी थकान दूर कर दी थी [संगीत] यहां भी बुद्ध की दो प्रतिमाएं हैं यहां एक फिलिपींस के लड़के से मुलाकात हुई धर्म को लेकर काफी देर तक चर्चा हुई उसके साथ कैंपस में ही कैंटीन भी है वाट मायोंग से चल दिया गेस्ट हाउस पीयू की ओर जो यहां से 5 किमी दूर था इसी दिन मुझे बोट सफारी भी करनी थी जो 3:00 बजे से शुरू होती है सुबह गेस्ट हाउस से जल्दी निकलने का फायदा यह हुआ कि मैं 12:00 बजे तक अयोधा हिस्टोरिकल पार्क साइड को घूम चुका था अब साइकिल तेज चलाते हुए वापस लौटने लगा तभी रास्ते में कोई अपने जैसा दिखाई दिया मैंने तुरंत साइकिल घुमाई और उसे रोका बात हुई तो पता चला कि यह भिवानी के भानू थे कंबोडिया होते हुए यहां आए थे बताया कि कंबोडिया तो बहुत महंगा है बहुत लूट है वहां $ लर से कम में टूरिस्ट को कुछ भी नहीं देते हैं वे जहां ठहरे थे वहां ब्रेकफास्ट और डिनर दोनों इंक्लूड था कमाल ये कि भाई साहब पैदल ही जा रहे थे वाट मायोंग की ओर इन्होंने पूरी यात्रा पब्लिक ट्रांसपोर्ट के जरिए ही की हमने फोटो खींची और एक दूसरे को अलविदा कहा दोस्तों अयोधा हिस्टोरिकल पार्क की यात्रा यहीं पूरी होती है यह वीडियो आपको कैसा लगा मुझे जरूर बताइएगा अगले वीडियो में आप अयथा में मेरी बोर्ड सफारी को देखेंगे चाओ फाया रिवर में नाव की सवारी कैसे करें और अगर करें तो नाव आपको कहां-कहां घुमा है और इन सब में कितना खर्च होता है यह सब जानकारी आपको इस वीडियो में मिलेगी बूट सफारी मैंने अयथा या पहुंचने के तीसरे दिन की कमाल की बात यह कि इसमें 2 घंटे से कुछ ही ज्यादा वक्त लगता है और खर्च होते हैं कुल 200 बात यानी कि ₹5000000 इसके बाद गेस्ट से ही खरीद डाली बोट सफारी की टिकट 200 भा थाई करेंसी की टिकट थी है यह यात्रा दोपहर 3:30 बजे से शाम के 6:00 बजे तक होती है यात्रा के लिए आपको गेस्ट हाउस से पिकअप तो मिलता है लेकिन ड्रॉप नहीं वोट आपको अयोधा या नाइट मार्केट पर उतारती है और आपको वहां से गेस्ट हाउस तक पैदल ही आना होता है हां इसमें ज्यादा वक्त नहीं लगता आप शाम को एंजॉय करते-करते गेस्ट हाउस तक आसानी से पहुंच जाते हैं मैंने टिकट खरीद ली थी और गेस्ट हाउस के रिसेप्शन एरिया में ही आराम कर रहा था वहां इन दो प्यारे डॉगीज ने मानो दिल ही जीत लिया था बहुत देर तक इन्हें खेलते कूदते देखता रहा 3:00 बजे के थोड़ी देर बाद हमारी टुकटुक की सवारी आ गई इसमें बाकी सभी जर्मनी के नागरिक थे और मैं था अकेला इंडियन लगभग 10-15 मिनट में यह टुक टुक हमें उस पॉइंट पर ले गई जहां से बोट सफारी शुरू होनी थी यहां हम सब एक-एक करके बोट में बैठ गए यहां जापान की दो लड़कियां हमारे गप में और सवार हुई इसके बाद चल दी हमारी नाव अयथा या की सैर पर दोस्तों बात करें चाउ फ्रा या रिवर की तो यह नदी थाईलैंड के लिए उसी तरह की अहमियत रखती है जैसे भारत में गंगा नदी नक्शा देखकर ही आपको चाओ फराया रिवर की अहमियत का अंदाजा हो जाता है यह नदी भारत में गंगा की तरह ही थाईलैंड के बड़े हिस्से को कवर करती है यही वजह है कि थाईलैंड को ईस्ट का वेनिस भी कहा जाता है अयथा का ऐतिहासिक आइलैंड तीन नदियों के बीच बसा हुआ है नदियां हैं चाओ फ्रा या पासक नदी और लोप बुरी चाओ फाया रिवर बैंकॉक से होते हुए गल्फ ऑफ थाईलैंड में मिल जाती है यही वजह है कि गुजरे दौर में भारी-भारी जहाज समंदर के रास्ते होते हुए आसानी से अयथा या पहुंच जाया करते थे आपको बैंकॉक से अयथा या आना हो तो भी आप बोट के जरिए पहुंच सकते हैं यही चाओ फाया रिवर आपको बैंकॉक से अयु थाया पानी के रास्ते पहुंचाती है आप शाम को यहां पर ना सिर्फ बोट की सवारी कर सकते हैं बल्कि नदी किनारे बने किसी रेस्टोरेंट में डिनर करके भी यात्रा को यादगार बना सकते हैं दोस्तों अगर आप पहली बार हमारे चैनल पर हैं तो इसे सब्सक्राइब करना मत भूलिए का हमारा वादा है आपको हमेशा हमें सब्सक्राइब करने पर गर्व ही होगा अब बात हमारी बोट यात्रा की सबसे पहले मिलिए हमारी बूट के नन्हे कप्तान से मुंह पर मास्क लगाए चुपचाप सबसे आगे बैठे थे इंजन की कमान पीछे इनके पिता के हाथ में थी सफर शुरुआत से ही रोमांच से भरा हुआ था पहले आप भी जरा ट्रेलर को देख [संगीत] लीजिए सबसे पहले हमारी नाव रोकी वाट फनन चोइंग पर घूम कर आने के लिए 20 मिनट का वक्त दिया गया वाट फनन चाओ फाया और पासक नदियों के संगम पर स्थित एक बौद्ध मंदिर है यह दक्षिण पूर्वी हिस्से में है इसे 1324 में बनाया गया था यानी तब जब अयोध्या भी नहीं बनी थी अयोध्या के बनने से 27 साल पहले यहां सेटलमेंट बस चुकी थी यहां चीन की सोंग डायनेस्टी की 200 रिफ्यूजी कम्युनिटी भी रहती थी मंदिर के अंदर एक बड़ा विहान है और इसी में है 19 मीटर ऊंचे बुद्ध यह मूर्ति 1334 में बनाई गई थी वाट फनन चोइंग से लगा हुआ है जाओ माय सोई डोरक मार्क शाइन आइए इसके बारे में भी कुछ बातें जान लेते हैं चीनियों में यह मंदिर अनिया देवी शाइन के नाम से मशहूर है यह अयथा प्रांत की पुरानी जगहों में से एक है जाओ माई सोई डॉर्क मार्क की कहानी अयथा के लोगों के बीच सदियों से कहीं सुनी जाती है कहानी ऐसी है कि चीन के राजा ने अपनी बेटी राजकुमारी सोई डार्क मार्क की शादी सियाम के राजकुमार फ्रा जाओ साई नाम फिंग के साथ की थी थाईलैंड का ही पुराना नाम सियाम है राजा ने अपनी बेटी को खूबसूरती से सजाए गए जहाज में बिठाकर कंग श्री अय्याया भेजा वहां पहुंचकर सोई डॉर्क मार्क ने देखा कि उनके स्वागत के लिए कोई आया ही नहीं है वह उदास हो गई राजकुमार ना तो वहां खुद आए थे और ना ही किसी को लेने के लिए भेजा था इन सब के बीच राजकुमार ने राजकुमारी को परेशान करने के लिए एक संदेशा भी भिजवाया उन्होंने कहलवान तुम जहाज से बाहर नहीं निकलना चाहती हो तो वहीं रहो राजकुमारी ने यह सुनकर वहीं अपनी जान दे दी राजकुमार फ्रा जाओ साई नाम फिंग गहरे शोक में चले गए उन्होंने उसी जगह जाओ माई सोई डॉक मार् का मंदिर बनवाया जहां उन्होंने अपने प्राण त्यागे थे 20 मिनट में इस पूरे कॉप्लेक्स में कारीगरी भी कमाल की है आप बाहर नदी में मछलियों को भी देख सकते हैं खैर किसी तरह हमने 20 मिनट में इस मंदिर की यात्रा पूरी की यहां से हमारी नाव चली तो अगला स्टॉप आया वाट फोथा सावन का [संगीत] वाट फु थाई सावन मध्य थाईलैंड के अय्याया प्रांत में एक ऐतिहासिक बौद्ध मंदिर है यह अय्याया ऐतिहासिक पार्क का हिस्सा भी है यह मंदिर चाओ फाया नदी के पश्चिमी किनारे पर अयथा शहर की विपरीत दिशा में है मंदिर का निर्माण 1353 में राजा युथ होंग रमा बोधी फर्स ने किया था किंग युथ ही अयथा साम्राज्य के संस्थापक भी थे इस मंदिर का सबसे शानदार पहलू एक सफेद प्रांग है जो इस [संगीत] कॉम्प्लेक्शन नजारा होता है कतार में बनी भगवान बुद्ध की मूर्तियों को देखना इन्हें देखकर ऐसा लगता है मानो आप किसी शीशे में देख रहे हो मंदिर के दक्षिण क्षेत्र में विहान फुई सावन है इस बिल्डिंग में सिर्फ दीवारें ही बाकी हैं अंदर बुध की रिक्लाइड घोसा रेसिडेंस थ्री किंग मॉन्यूमेंट और द मरस भी यहां देखने लायक जगह हैं वाट फोथा सावन उन मंदिरों में से एक था जो 1767 में अयोधा साम्राज्य के दूसरे पतन के दौरान हुए विनाश में बच गया था यही वजह है कि यह मंदिर कुछ सही हालत में दिखाई देता है मंदिर सुबह 800 बजे से शाम 5:00 बजे तक खुला रहता है यहां एक मंदिर के बाहर रूस्टर या मुर्गे मुर्गियों की मूर्तियां रखी दिखाई दी इस परंपरा के पीछे की वजह तलाशी तो पता चला कि पहले लोग ईश्वर के प्रति समर्पण दिखाने के लिए असली मुर्गे या दूसरे जानवर लेकर आते थे लेकिन छोटे से मंदिर में हर किसी की भीड़ को ले पाना सुविधाजनक नहीं होता था बाद में कोशिश की गई और आगे चलकर श्रद्धालु मूर्तियां लेकर आने लगे यही वजह है कि आपको थाई मंदिरों के बाहर मुर्गे सहित दूसरे पशुओं की मूर्तियां दिखाई देती हैं अब नाव की सवारी बढ़ चली आगे रास्ते में नदी से सटकर बने घर दिखाई दे रहे थे नदियों के किनारे एक अलग थाईलैंड और एक अलग अयु थाया बसर करती है कहीं-कहीं ऐसा भी लगा [संगीत] [संगीत] अब सफर का आखिरी पड़ाव था वाड छाई वतम इसकी टिकट 50 भात की है और अगर आप अयु थाया हिस्टोरिकल पार्क की टिकट लेंगे तो 220 भात में आपको छह मॉन्यूमेंट घूमने के लिए मिलते हैं जिसमें से एक वाट छाई वतम भी है [संगीत] सुबह मैं इसे घूम चुका था और दोबारा इसमें जाने का अब कोई मतलब नहीं था वैसे चाओ फाया नदी के किनारे स्थित वाटछा वतम फोटो और वीडियोग्राफी के लिए सबसे शानदार लोकेशंस में से एक है वाटछा वतम अयथा आइलैंड के बाहर चाओ फाया नदी के पश्चिमी किनारे पर स्थित है यह युया के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है और एक प्रमुख पर्यटन आकर्षण भी है यहां फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के लिए कई शानदार मौके आपको मिलते हैं यह अयथा हिस्टोरिकल पार्क का हिस्सा तो है लेकिन यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट का हिस्सा नहीं है यहां सड़क या नाव से पहुंचा जा सकता है मंदिर का निर्माण 1630 में राजा प्रसाद थोंग ने अपने शासनकाल के पहले मंदिर के रूप में किया था उन्होंने इसे अपनी मां के निवास के स्मारक के रूप में तैयार कराया था मेरी यात्रा अब यहां से समाप्ति की ओर बढ़ चली [संगीत] थी अयो थाया नाइट मार्केट के पास बूट ने हमें उतार दिया और वहां से मुझे पैदल ही गेस्ट हाउस जाना था अयोधा या शिप बिल्डिंग इंडस्ट्री और टेक्नोलॉजी कॉलेज रास्ते में दिखाई दिया पुराने वक्त में शिप ही अयोधा की जान हुआ करते थे आज भी यहां बूट म्यूजियम और शिपयार्ड मिलते हैं जो सदियों पहले की कहानी कहते हैं रास्ते में एक मंदिर भी दिखाई दिया पैदल भी घूमने का अलग ही आनंद है आप अयथा नाइट मार्केट को भी एंजॉय कर सकते हैं मैं एक दिन पहले यहां पर घूम चुका था यहां खाने के लिए मुझे कोई ऑप्शन नहीं मिला था और इसीलिए मैं बढ़ चला था गेस्ट हाउस की ओर जब गेस्ट हाउस चंद कदम दूर रह गया तब कुछ नौजवान साथी टकरा गए बॉक्सिंग करते करते कुछ देर तक इन्हें देखता रहा और जब पता चला कि यह थाई बॉक्सिंग कर रहे हैं तो लगे हाथ कर डाली इस पर भी बात बॉक्सिंग के दूसरे स्टाइल्स में जहां सिर्फ पंच का इस्तेमाल होता है वहीं थाई बॉक्सिंग में एल्बो नीज और चेस्ट का भी यूज होता है साउथ कोरिया के इस लड़के ने थाई बॉक्सिंग के बारे में यही जानकारी दी बॉक्सिंग जस्ट यूजिंग टू आर्म्स ब ई बॉक्सिंग इइ यूसिंग नी एल्को लाइक [संगीत] दिस थाईलैंड यात्रा के चौथे दिन सुबह-सुबह हम निकल गए लोप बुरी के लिए इस जगह का थाई इतिहास में खासा महत्व है दोस्तों मैं खड़ा हूं लोप बुरी में यह जगह बैंकॉक से दो घंटे की दूरी पर है और कहा जाता है कि प्रभु श्री राम ने हनुमान के लिए इस नगर को बसाया था अब जहां पर प्रभु श्री राम और हनुमान का नाम है वहां पर उनकी सेना भी होगी तो देखिए यहां पर बंदरों की संख्या कितनी ज्यादा है आपको कहीं भी थाईलैंड में बंदर नहीं दिखाई देते हैं लेकिन यहां पर वानरों की बड़ी संख्या है और दिलचस्प बात यह है कि यह आप पर हमला नहीं करते हैं जिस तरह से मथुरा या वृंदावन में जो वानर है वह आपको तंग करते हैं आपका सामान छीन लेते हैं यहां पर यह आपको तंग नहीं करते हैं यह अपने सुकून से अपने काम में अपने चीजों में व्यस्त है लेकिन हां अगर कोई खाने का सामान आपके पास है तो यह जरूर झपटा मारेंगे लेकिन हां आपको नुकसान फिर भी नहीं पहुंचाएंगे ये इनका एक मिजाज है इन वानरों का यहां पर थाईलैंड के अंदर यह है लोकपुर जिसके बारे में कहा जाता है कि प्रभु श्री राम ने इस जगह को इस शहर को बसाया था अयोधा में यात्रा का तीसरा दिन गेस्ट हाउस में सामान रखकर मैं इस दिन चल दिया था लो बुरी की [संगीत] ओर अयु थाया की मॉर्निंग मार्केट सज चुकी थी लोग सब्जियां और ब्रेकफास्ट की चीजें खरीद रहे हे थे इसी मार्केट में मुझे दिखाई दिया ब्रह्मा जी का मंदिर भारत में ब्रह्मा जी का एक ही मंदिर बताया जाता है लेकिन थाईलैंड में ब्रह्मा मंदिर और त्रिदेव मंदिर आम है गेस्ट हाउस से कुछ ही दूरी पर था दिसंबर हाउस यहीं से मिलती है फेरी सर्विस अयथा रेलवे स्टेशन के लिए मैं दिसंबर हाउस पर खड़ा हूं यहां किंग यथोंगी में अय्याया में थाईलैंड और मुझे जाना है अयथा रेलवे स्टेशन तो सबसे इजी जो ट्रांसपोर्टेशन का माध्यम है इजी और कन्वेनिएंट वो है यह सामने जो बोट आ रही है यह है 10 बात है इसका फेयर और अगर मैं ग्रैब बुलाता कैब है यहां पर जो ग्रैब चलती है जैसे हमारे यहां u और ओला चलती है यहां पर ग्रैब चलती है तो उसका फेयर पड़ता 80 बाथ और अगर मैं टुकटुक करता तो उसका फेयर आता 100 बात और यह बोट मुझे 10 बाथ में उस किनारे पर छोड़ देगी और किनारे पर छोड़ने के बाद ठीक सामने रेलवे स्टेशन है अयो धया का तो सबसे इजी ट्रांसपोर्टेशन का माध्यम यही है अयु थाया में थाईलैंड के अंदर ये है छाओ फ्रॉम मार्केट पायर और यह नदी है पासक 10 बाद अयु थाया रेलवे स्टेशन पर दोबारा पहुंचा तो यह जगह अब अपनी सी लग रही थी [संगीत] लपु की ट्रेन सुबह 838 पर थी और इसके लो बुरी पहुंचने का वक्त 942 पर था नाश्ता मैं गेस्ट हाउस से करके निकला था सो कोई फिक्र नहीं थी ट्रेन में कई तरह के रंग दिखाई दिए फ्रूट्स फूड और यह प्यारी-प्यारी दो बच्चियां भी एक अपनी मम्मा की पूरी बात मान रही थी जबकि दूसरी प्यारी गुड़िया मां को खूब तंग कर रही थी दोस्तों आगे बढूं उसके पहले एक रिक्वेस्ट करता चलूं अगर आप पहली बार हमारे वीडियो को देख रहे हैं तो हमारे चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें अगर आप हिंदी में दिलचस्प जानकारी से भरे ब्लॉग पढ़ना चाहते हैं तो लॉग इन करें www.tv.com पर आ बढ़ते हैं सफर में आगे की ओर ट्रेन ने वक्त पर रेलवे स्टेशन पहुंचा दिया था लो बुरी को आज वानरों का शहर कहा जाता है लो बुरी रेलवे स्टेशन उतरते ही आपको इसका एहसास भी हो जाता है यहां जगह-जगह वानरों की मूर्तियां आपको दिखाई देती हैं [संगीत] लोप रेलवे स्टेशन और अयोध्या रेलवे स्टेशन एक जैसे ही नजर आते हैं लेकिन लो बुरी रेलवे स्टेशन पर आपको ऐतिहासिक धरोहर दिखाई देती हैं और दिखाई देते हैं स्टेशन पर बनाए गए वानर भी लो बुरी स्टेशन पर ही मीटिंग रूम मिनी माट फर्स्ट एड की फैसिलिटी मिलती है स्टेशन के नजदीक कई ऐतिहासिक स्थल हैं और वह भी 1 से 2 किलोमीटर के अंदर ही लेकिन मैंने यात्रा की शुरुआत उस मंदिर से की जिसकी वजह से इस शहर को आज भी हनुमान जी के शहर के रूप में जाना जाता है और यहीं पर हर साल मनाया जाता है मंकी फेस्टिवल थाई लोग तो हर रोज ही वानरों की खिदमत करते हैं लेकिन इस फेस्टिवल में वानरों के फुल मजे होते हैं थाईलैंड का लोब बुरी अपने वानर मंदिर के लिए मशहूर है और इसीलिए इसे अक्सर बंदरों का शहर कहा जाता है मैंने लोब बुरी घूमने के लिए रिक्शा किराए पर बुक किया गनीमत यह रही कि रिक्शा चला रहे अंकल अंग्रेजी जानते थे और इसी वजह से मैं उन को काफी चीजें समझा भी पाया लोबी को लैंड ऑफ द वाइट क्ले और वानरों की जमीन कहा जाता है इस शहर से जुड़ी दो कहानियां हैं और यह भारत का रिश्ता थाईलैंड के साथ गहराई से जोड़ती हैं ऐसा कहा जाता है कि जब प्रभु श्री राम ने रावण को हराया तो हनुमान को पुरस्कार के तौर पर लावो थानी का राजा बनाया थाईलैंड में भगवान राम को फ्रा राम और रावण को टॉस्मिक किया जाता है समय बीतने के साथ यहां वानरों की संख्या भी बढ़ती गई और आज इनकी संख्या हजारों में है एक दूसरी कहानी भी है और वह यह कि रावण को हराने के बाद राम ने पुरस्कार के रूप में हनुमान को एक भूमि भेंट की उन्होंने एक बाण चलाया और जहां वह बाण गिरा वह भूमि हनुमान को दे दी तब राम का जादुई तीर आज के लबरी पर गिरा था और तब इस तीर की वजह से यहां आग भी लग गई थी हनुमान ने तब इसे अपनी पूंछ से बुझाया था वजह जो भी हो लेकिन यह सच है कि यहां वानरों की पूजा भगवान की तरह होती है हर रोज उन्हें भोग लग गाने के लिए खाने-पीने की कई चीजें थाई लोग लेकर आते हैं और हर साल नवंबर में मंकी फेस्टिवल भी यहीं पर होता है नवंबर के आखिरी रविवार को यह फेस्टिवल आयोजित होता है इस फेस्टिवल में प्रसाद के रूप में लोबी के बंदरों के लिए एक विशाल भोज तैयार किया जाता है इस ऑल यू कैन ईट बुफे में फलों और मिठाइयों की भरमार होती है और यह सब होता है इन्हीं बंदरों के लिए फेस्टिवल में वानरों की कॉस्ट्यूम पहनकर लोग डांस करते हैं और इवेंट में शामिल होते हैं आधुनिक दौर में 1351 में किंगडम ऑफ अयथा की स्थापना के बाद यह एक एक्टिव सेंटर बन गया और अयोध्या किंग नाराय के शासनकाल 1657 से 1688 के दौरान यह ग्रीष्मकालीन राजधानी रही लेकिन इसके बाद शहर का पतन हो गया और इसकी सभी धरोहर नष्ट होती चली गई पुराने शहर के चारों ओर घूमते हुए आपको प्राचीन खमेर शैली के मंदिरों के खंडहर बुद्ध के मंदिर मिलेंगे और आप थाई माहौल और संस्कृति में गहराई से डूब जाएंगे लोप में वानर मंदिर का नाम प्रांग सैम यूट है यह सुबह 8:30 बजे से शाम के 6:00 बजे तक खुला रहता है और इसकी टिकट है 50 भात पर पसन लो बुरी में प्रांग सैम योट सबसे आकर्षक मंदिर है यहां दो पवित्र प्रांग हैं और सामने है सन फ्रा कां शाइन जो कि एक विष्णु मंदिर है थाईलैंड में किसी भी दूसरे शहर के बीचोबीच आपको इतने वानर नहीं दिखाई देते हैं लेकिन प्रांग सैम यूट में वानरों की भरमार है 13वीं सदी में बना यह मंदिर एक हिंदू मंदिर है यहां वैसे तो वानर शांत रहते हैं लेकिन अगर आपके पास खाने पीने की चीजें हैं तो हो सकता है यह आपसे उसे छीन कर भी ले जाएं अब सफर बढ़ चला सन फ्रा कान शाइन की ओर प्रांग सैम योट यानी वानर मंदिर के सामने यह एक और हिंदू मंदिर [संगीत] है यहां मंदिर के गेट पर वानरों की मूर्तियां हैं मंदिर परिसर को दो अलग-अलग समय पर बनाया गया और इसीलिए यहां पुराने और नए दोनों खंड हैं पहले यह मंदिर खमेर काल में बनाया गया 1951 में फिर नया हिस्सा तैयार किया गया यह एक विष्णु मंदिर है लेकिन यहां पूजा का तरीका भारत के मंदिरों से बिल्कुल अलग है यहां आपको भेट के रूप में पशुओं के कटे हुए सिर दिखाई देते हैं और अंडे भी ऐसा लगता है मानो थाईलैंड में आप हिंदू धर्म का नया वर्जन देख रहे हो और वह यही है दो बुरी में एक और मंदिर वाड फ्रा श्री रत्न महाथा यह मंदिर रेलवे स्टेशन के ठीक सामने है रेलवे स्टेशन के सामने ही आपको खाने पीने के अच्छे ऑप्शन भी मिलते हैं लेकिन सिर्फ नॉन वेजीटेरियंस के लिए वाट फ्रासी रत्ना महा थाट एक बेहतरीन जगह है यहां आपको थाई संस्कृति और थाई तरीके से होने वाली पूजा को करीब से देखने का मौका मिलता है यह जगह रेलवे स्टेशन के सामने है तो यहां तक पहुंचने के लिए आपको सिर्फ सड़क को ही पार करना होता है इस प्राचीन मंदिर में लो बुरी का सबसे ऊंचा प्रांग यानी पवित्र शिखर है मंदिर के सामने लो बुरी शैली के प्रांग को 1157 ईसवी के आसपास तब बनाया गया था जब शहर खमेर शासन के अधीन था कई दूसरे डिस और प्रांस पर सुखताल और अयथा शैली का प्रभाव दिखता है अंदर कक्ष है यानी वो कमरा जहां खमेर लोग शिवलिंग की पूजा किया करते थे मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही विजिटर्स सबसे पहले साला क्रुंग को देखते हैं जहां राजा अपनी पोशाक को बदला करते थे मंडप में अभी सिर्फ स्तंभ बाकी हैं मंदिर वा फासी रत्ना महा थाट बुधवार से रविवार तक सुबह 7:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक खुला रहता है 8 एकड़ के इस कॉम्प्लेक्शन टूरिस्ट बहुत ही कम संख्या में आते हैं इस मंदिर का सबसे पुराना प्रांग लगभग 800 साल पुराना है मंदिर का जीर्णोधार थाई फाइन आर्ट्स डिपार्टमेंट ने किया [संगीत] था आइए अब आपको लेकर चलते हैं फ्रा नाराई रचा नि वेट पर यह किंग नाराई का पैलेस है राजा नाराई के महल को आधिकारिक तौर पर फ्रा नाराई रचा निवेट्टी ने लोु को अयथा साम्राज्य की दूसरी राजधानी बनाया था उन्होंने लोु नदी के पास एक नए महल का निर्माण करने का आदेश दिया और यहीं पर वह साल के ज्यादातर वक्त बिताते थे महल को फ्रांसीसी वास्तुकार ने डिजाइन किया था इसका निर्माण 1665 में शुरू हुआ और 12 साल बाद 1677 में पूरा हुआ 1688 में राजा नाराय की मृत्यु के बाद महल वीरान होता चला गया लेकिन लगभग दो शताब्दियों के बाद किंग मोंगकुट ने महल के जीर्ण उधार और कई नई इमारतों के निर्माण का आदेश दिया लो बुरी म्यूजियम के एग्जिबिशन हॉल के रूप में इस्तेमाल किया जाता है जिस दिन मैं यहां गया कॉम्प्लेक्शन चल रहा था आर्टिस्ट परफॉर्मेंस दे रहे थे थाई लोग इसे एंजॉय कर रहे थे गार्डन में यों की भरमार थी आप भी देखें इसकी एक झलक [संगीत] बात करें लो बुरी म्यूजियम की तो राजा नाराई के महल की कई इमारतें लो बुरी म्यूजियम के एग्जिबिशन रूम के तौर पर इस्तेमाल होती हैं म्यूजियम को ऑफिली सोम डेड फ्रा नाराय नेशनल म्यूजियम के नाम से जाना जाता है इसमें प्राचीन काल की ऐसी कई चीजें हैं जो आपको और हिस्ट्री लवर्स को हैरान कर सकती हैं इसमें द्वारावती खेर लोबी और अयथा के दौर की वस्तुओं को सही जा गया है यह जगह लोरी ट्रेन स्टेशन से लगभग 500 मीटर की दूरी पर है और यहां की एंट्री टिकट है 150 थाई भार [संगीत] वचन हाउस भी लो बुरी में इतिहास का एक जीता जागता नमूना है विजन हाउस फ्रा नाराई रच निवेट्टी की दूरी पर विजयन रोड पर है यह लोब बुरी में राजा नाराय द ग्रेट से शिष्टाचार भेंट करने वाले राजदूतों का निवास हुआ करता था राजदूत यहीं ठहरा करते थे 1685 में पहुंचे फ्रांसीसी राजदूतों का पहला समूह इस स्थान पर रुका था इस कंपाउंड में तीन सेक्शन हैं इस बिल्डिंग में सबसे खास था एक चर्च का होना इस चर्च का निर्माण राजदूतों के लिए किया गया था इसे बौद्ध मंदिर शैली से सजाया गया था और यह इस तरह का पहला चर्च माना जाता है आइए अब आपको लेके चलते हैं वार्ड नखो कोसा पर इस प्राचीन हिंदू मंदिर में अब सिर्फ अवशेष ही बाकी हैं द्वारावती काल का एक भव्य स्तूप है इसके सामने लोबी काल का एक प्रांग यानी शिखर है पहले जब इसे खमेर ने बनाया तब यह एक हिंदू मंदिर था लेकिन बाद में अयोध्या काल में इसे बौद्ध मंदिर में बदल दिया गया हॉल में अब सिर्फ दीवारें और ईटों के अवशेष ही बाकी है यह मंदिर लपु रेलवे स्टेशन के उत्तर में है वाटन खन कोसा के पास भी युवाओं की एक मंडली दिखाई दी ऐसा लगा मानो यह किसी प्रोग्राम की तैयारी कर रहे थे यहां पर एक आइसक्रीम खाई और कुछ फ्रूट भी लिए [संगीत] अब मैं पहुंचा वाट इंद्रा वाट इंद्र भगवान इंद्र का मंदिर है थाईलैंड और कंबोडिया में आपको इंद्र के कई मंदिर दिखाई देते हैं किंग नाराय के शासन काल में इस मंदिर को बनाया गया था यह इनर सिटी वॉल यानी शहर की भीतरी दीवार के अंदर स्थित है पूर्व में वाट नखो कोसा है और उत्तर में सनफ्रा कान मिट्टी के टीले के ऊपर अब सिर्फ एक विहार बचा है स्थापत्य शैली अयथा की है साइट को 2 अगस्त 1936 को फाइन आर्ट्स डिपार्टमेंट ने रजिस्टर किया था अब सफर में आखिरी डेस्टिनेशन था वार्ड बंधाई इन वार्ड बंधाई हिन को भी किंग नाराई द गेट के शासनकाल के दौरान बनाया गया था इसमें एक असेंबली हॉल है और एक लंबी छेदी है लेकिन आज यह भी थाईलैंड के सैकड़ों ऐतिहासिक मंदिरों की तरह वीराना और जरजर है दोस्तों बात करें लोक बुरी में मार्केट की तो अगर आपको लो बुरी में शॉपिंग करनी है तो थाई नाइट मार्केट जरूर जाएं नान प्रखंड स्ट्रीट पर शाम 4:00 बजे से नाइट मार्केट लग जाती है वॉकिंग स्ट्रीट मार्केट भी पर्यटक जरूर [संगीत] जाएं आइए अब जानते हैं कि आप लबरी कैसे पहुंच सकते हैं बैंकॉक से लबरी की दूरी सिर्फ 150 किमी की है और यहां बस या ट्रेन से आसानी से पहुंचा जा सकता है लोबोर थाई उत्तरी रेलवे से जुड़ा हुआ है और बैंकॉक अय थाया फिट सानु लोक या चियांग माई से ट्रेन के जरिए आप यहां आसानी से पहुंच सकते हैं छोटा और सुंदर ट्रेन स्टेशन पुराने शहर में है और पैदल दूरी में ही आप कई ऐतिहासिक धरोहरों को देख सकते हैं यह सब जगह घूमकर मैं लपु रेलवे स्टेशन पहुंच गया रिक्शे वाले अंकल को 200 थाई भाद दिए अब मुझे जोरों की भूख लगी थी बड़ी कोशिश के बाद जो हाथ लगा वह था आलू के चिप्स और कूल्ड ड्रिंक इसी के सहारे अयथा तक का सफर गुजरने वाला था अभी ट्रेन आने में वक्त था तो मैं फिर स्शन से बाहर गया रेलवे स्टेशन के बाहर मुझे झाड़ू लगाती हुई एक महिला दिखाई दी दोस्तों थाईलैंड में मैंने एक बात ऑब्जर्व की और वह यह कि यहां हर कोई अपने काम से खुश दिखाई देता है और यही चीज मैंने इन मोहतरमा के चेहरे पर भी देखी लो बुरी रेलवे स्टेशन पर अनाउंसमेंट कर रही महिला की ड्रेस भी कमाल की थी यह थाई संस्कृति से जुड़ा हुआ परिधान है अनाउंसमेंट कर रही महिला के साथ कुछ और लोगों का ग्रुप था इन सभी ने एक खास प्रोग्राम के लिए तस्वीर क्लिक कराई तो मैंने भी इस पल को कैमरे में सहेज लिया लो बुरी की यात्रा में गर्मी ने बहुत परेशान किया खैर ट्रेन आ गई थी और मैं अय्याया जाने के लिए उसमें सवार हो गया अयो थाया में ट्रेन से उतरकर फिर कुछ फ्रूट खाए और चल दिया गेस्ट हाउस की ओर रात को भूख लगी और खाने का वक्त हुआ तो बड़ी कोशिशों के बाद यह डिश हाथ लगी यह नूडल्स वाली एक वेजिटेरियन डिश थी जिसे मैंने [संगीत] google2 से पटाया तक की यात्रा की पूरी जानकारी दूंगा अगर आप भी अयथा या से पटाया तक की यात्रा कर रहे हैं तो यह वीडियो आपके बहुत काम का होने जा रहा है इस वीडियो में आप जानेंगे कि ट्रेन बस के जरिए आप अय्याया से पटाया तक की यात्रा कैसे कर सकते हैं और साथ ही इस दौरान आपको किन चीजों को ध्यान में रखने की जरूरत है आइए इस सफर की शुरुआत करते हैं सुबह-सुबह मैंने पेट भरकर ब्रेकफास्ट कर लिया था बैग में कुछ फ्रूट्स भी रख लिए थे होटल में दो दिन एक्स्ट्रा रुकने की पेमेंट मैं पिछली रात ही कर चुका था गेस्ट हाउस में 300 बात पर डे की कीमत पर मुझे स्टे मिला था ब्रेकफास्ट भी इसमें इंक्लूड था क्या गजब की डील थी अब सुबह-सुबह पैदल चलकर दिसंबर हाउस पहुंचा यहां से फेरी सर्विस ली 10 बात में पासक नदी को पार किया अब अयथा रेलवे स्टेशन मुझसे चंद कदमों की दूरी पर था अयथा स्टेशन के सामने वाली रोड पर खाने पीने के अच्छे ऑप्शंस हैं लेकिन यह सिर्फ नॉन वेजीटेरियंस के लिए हैं वापसी में जो ट्रेन में पकड़ने जा रहा था वह बैंक कॉक के लिए लगभग दो घंटे लगाने वाली थी मतलब बोरियत भर भर कराने वाली थी यह सस्ती टिकट मुझे बहुत महंगी पड़ने वाली थी दोस्तों आगे बढूं उससे पहले एक रिक्वेस्ट करता चलूं अगर आप पहली बार हमारा वीडियो देख रहे हैं तो हमारे youtube2 या रेलवे स्टेशन पर वक्त से पहले पहुंच गया था इसलिए स्टेशन पर ल लगभग एक घंटे ट्रेन का इंतजार भी करना पड़ा थाईलैंड में ट्रेनें एकदम वक्त पर आती हैं यह ट्रेन भी 826 पर अयथा स्टेशन पर उपस्थित हो गई इसमें बैठा और फिर लगभग दो घंटे बाद उतरा बांग सू स्टेशन पर बांग सू स्टेशन के बगल में रोड के दूसरी ओर है बांसू ग्रैंड स्टेशन यहां बहुत देर तक तो कुछ समझ ही नहीं आया लेकिन फिर गल किया तो मालूम हुआ कि बैंकॉक में बसें पकड़ने का एक ही ठिकाना है मोचित बस टर्मिनल बांसू ग्रैंड स्टेशन के बाहर से बस ली सात भात के किराए में इसने मुझे पहुंचा दिया मोचित बस टर्मिनल के नजदीक यहां से थोड़ी दूर चलकर मैं मोचित बस टर्मिनल पहुंच गया था मोचित बस टर्मिनल पर अलग-अलग जगह जाने की सर्विस देने वाले काउंटर बने हुए हैं जैसे नखो रच समा चियांग माई और पटाया आपको टिकट उसी काउंटर से लेना होता है जहां से उस जगह की बस चलने वाली होती है यहां आपको एक पीले रंग की टिकट और एक पिंक कलर का पास दिया जाता है आपको इसे तब तब तक संभाल कर रखना होता है जब तक बस में बैठने के बाद आपसे इसे ले ना लिया जाए मेरा काउंटर नंबर था 43 और मैंने बैंकॉक से पटाया की इस यात्रा के लिए लगभग 150 भात चुकाए थे यह एक मिनी बस थी मैंने रास्ते में ही थी जब बस पटाया स्टीट की ओर जाने वाले रास्ते पर आगे बढ़ी तो मुझे भारतीय रेस्टोरेंट दिखाई देने लगे पा दिन से मैं इंडियन फूड से दूर था और बस रुकते ही सबसे पहले मैंने इसी की ओर रुख किया पुणे से आए एक शख्स यहां बासमती नाम का रेस्टोरेंट चलाते हैं यहां खाना तो ठीक-ठाक ही था लेकिन रेट बहुत ज्यादा 500 बात मुझ जैसे सिंगल आदमी के लिए यानी यह भारतीय करेंसी में 50 हुए खाने के बाद होटल लिया 400 भात में सामान रखकर फ्रेश हुआ नहाया और थोड़ा सो भी गया शाम को निकला पटाया घूमने के लिए दिन में पटाया की एक अलग तस्वीर दिखाई देती है और रात को बिल्कुल अलग रात को यहां हर गली गुलजार हो उठती है रंगी नियत मौज मस्ती का पूरा कारोबार चलता है यहां और दुनिया इसी की तो दीवानी है पटाया बार क्लब रेड लाइट एरिया के लिए जाना जाता है पटाया का संबंदर से लगा इलाका शाम को इस वजह से खासा मशहूर है जिस्म की नुमाइश सौदे बाज और नशे के कारोबार के बीच रात को जो एक खूबसूरत तस्वीर दिखाई दी व यह [संगीत] थी अगले वीडियो में हम आपको बताएंगे पटाया में घूमने की जगहों के बारे में तो अगर आप भी पटाया घूमना चाहते हैं तो किस तरह अपनी यात्रा पूरी कर सकते हैं इसकी जानकारी आपको अगले वीडियो में मिलेगी चलते चलते एक रिक्वेस्ट फिर से दोस्तों वीडियो पसंद आया हो तो सब्सक्राइब जरूर करें और अगर आप इस वीडियो को क रहे और किस ट्रांसपोर्ट मोड से ट्रेवल करें यह सब जानकारी हम आपको देंगे इस वीडियो में पटाया की पूरी जानकारी के लिए वीडियो को आखिर तक जरूर देखें तो देर कैसी आइए यात्रा की शुरुआत करते हैं दोस्तों आगे बढूं उससे पहले एक रिक्वेस्ट करता चलूं अगर आप पहली बार हमारे चैनल पर हैं तो ट्रेवल जुनून को सब्सक्राइब करना बिल्कुल ना भूलें बेल आइकन पर बटन जरूर दबाएं थाईलैंड के पूर्वी समुद्र किनारे पर बसा है पटाया यह शहर अपनी नाइट लाइफ सेक्स सींस के लिए मशहूर है पटाया आज जिस चमक धमक के साथ दिखाई देता है उसकी शुरुआत हुई थी वियतनाम युद्ध के दौरान तब यह जगह मछुआरों के गांव से ज्यादा कुछ भी नहीं थी युद्ध में हिस्सा ले रहे अमेरिकी सैनिक यहां छुट्टियां बिताने आया करते थे खुद को तरोताजा करने के लिए पटाया ही उनकी पसंद बन गया क्योंकि तब यहां नजदीक ही अमेरिकी सेना का एयर बेस भी हुआ करता था अमेरिकी सैनिकों के रेस्ट और रिक्रिएशन सेंटर के तौर पर काम करने वाला पटाया आज 1960 के उस दौर से पूरी तरह बदल चुका है आज यह एक महानगर है यहां वर्ल्ड क्लास के शॉपिंग मॉल होटल्स हैं गगनचुंबी इमारतें हैं पटाया की नाइट लाइफ की दुनिया क्रेजी है थाई बार गर्ल्स बियर बार गोगो क्लब डिस्को हर किसी को अपनी ओर खींचते हैं हाल के दिनों में पटाया को फैमिली फ्रेंडली डेस्टिनेशन के तौर पर भी डेवलप किया गया है और यहां पर कई ऐसी जगहें हैं जहां आप परिवार के साथ घूम सकते हैं आप मॉडर्न दौर के पटाया को हर किसी के लिए एक परफेक्ट डेस्ट नेशन मान सकते हैं दोस्तों के साथ आएं फैमिली के साथ आएं कपल्स आएं या फिर आप अकेले ही क्यों ना आएं इस शहर में हर किसी के लिए बहुत कुछ है आइए अब जरा एक नजर डालते हैं पटाया के फैक्ट्स एंड फिगर्स पर पटाया लगभग 26 किमी लंबा समुद्री तट है नॉर्थ में क्रेटिंग लाइ बीच से शुरू होकर ये दक्षिण में ना जोमट बीच तक फैला हुआ है पटाया का डाउन टाउन यानी मध्य इलाका पूर्व में सुखमीत हाईवे पश्चिम में पटाया बीच उत्तर में पटाया रोड और दक्षिण पटाया रोड तक तक है पटाया बीच से सुकमित हाईवे लगभग 2 किलोमीटर से कुछ ज्यादा की दूरी पर है और उत्तर पटाया रोड से दक्षिण पटाया रोड लगभग 3 किलोमीटर से कुछ ज्यादा दूरी पर है पटाया बीच और डाउनटाउन पटाया के ठीक नॉर्थ में नकलुआ और वोंग माट है दक्षिण में प्रतम खेल जोमट और ना जोमट है पटाया सेंट्रल बैंकॉक से लगभग 150 किमी दक्षिण में स्थित है बैंकॉक के स्वर्ण भूमि हवाई अड्डे से इसकी दूरी 120 किमी और बैंकॉक के डन मुआंग हवाई अड्डे से इसकी दूरी 160 कमीटर की है उता पाव हवाई अड्डा यहां का नजदीकी एयरपोर्ट है जिसे पटाया हवाई अड्डे के नाम से भी जाना जाता है यह रियांग में स्थित है आइए अब जानते हैं पटाया में घूमने की कौन-कौन सी जगहें हैं नोंग नूज ट्रॉपिकल बोटेनिकल गार्डन की सैर करें नोंग नूच या नंग नट गांव में एक विशाल पार्क है और यहां पूरी फैमिली के लिए कई तरह की एक्टिविटीज हैं रंग बिरंगे थीम वाले बगीचों के बीच वॉकवे विंड है जिसमें टॉपी गार्डन भी शामिल है साथ ही 17वीं सदी का फ्रेंच गार्डन यूरोपियन रेजिडेंस गार्डन और स्पेशियस स्पेसिफिक गार्डेंस जिसमें ट्रॉपिकल पाम्स स्कूट्स और बोनसाई जैसे पौधे शामिल हैं शानदार ऑर्चर्ड गार्डन आपके अंदर के प्रकृति प्रेमी को जगा देता है थाई कल्चरल हॉल में लाइव शो देखें जिसमें पारंपरिक थाई नृत्य तलवारबाजी थाई किक बॉक्सिंग का मजा ले सकते हैं आप पार्क को एक्सप्लोर करने के लिए साइकिल भी किराए पर ले सकते हैं यहां डोर टू डोर ट्रांसपोर्ट भी अवेलेबल है इसकी ऑफिशियल वेबसाइट है नटकल garden.com अब चलते हैं जमन बीच की ओर 6 किमी तक फैला जमन बीच पटाया में घूमने की बेस्ट जगहों में शामिल है आप इस सुनहरे तट पर धूप सेख सकते हैं या समंदर किनारे मौजूद पेड़ों की छाव में आराम कर सकते हैं वाटर लवर्स के लिए यहां नेरो एक्टिविटीज हैं जैसे जेड स्कीइंग काइट सर्फिंग पैरासेलिंग और विंड सर्फिंग यहां रिफ्रेशमेंट के लिए इंडियन फूड और सी फूड परोसने वाले ढेरों रेस्टोरेंट और कैफे मिल जाएंगे यहां से नजदीक ही फैमिली फ्रेंडली कार्टून नेटवर्क amazon2 को विजिट करते समय आप थाई सांस्कृतिक शो और थाई मुक्केबाजी का आनंद ले सकते हैं स्पीड बोट की सवारी भी कर सकते हैं इसकी ऑफिशियल वेबसाइट है सेंचरी ऑफ ट्रथ म्यूम कॉ चौथे नंबर पर है वाट नसंग वाराम वाट यंसंग वाराम ना सिर्फ थाई डिजाइन और स्थापत्य परंपराओं को दिखाता है बल्कि समाज के मूलियो पर भी प्रकाश डालता है ताड़ के बगीचों से घिरे इस मंदिर को 1988 में राजा भूमि बोल अदल दज को उनके शासनकाल के 42 वें वर्ष के उपलक्ष में समर्पित किया गया था कीमती बौद्ध अवशेष मुख्य परिसर में रखे गए हैं और मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग के दाई ओर प्रभावशाली चीनी मंडप वाली एक झील है जो प्राचीन वस्तुओं और कलाकृतियों से भरी हुई है वाट यन सिंगवाराम का मंदिर एक पहाड़ी पर स्थित है जहां 299 सीढ़ियां चढ़कर पहुंचा जा सकता है पांचवें नंबर पर है बिग बुद्धा यानी वाट फ्रा वाई बुद्ध की 18 मीटर ऊंची सुनहरी मूर्ति पटाया के दक्षिण में प्राक पहाड़ी के ऊपर है मूर्ति को करीब से देखने के लिए आपको कुछ सीढ़ियां चढ़ने होती हैं थाईलैंड में धार्मिक स्थलों तक जाने के लिए सीढ़ियां नागा सांपों से सजी होती हैं यहां भी कुछ वैसा ही है कई स्थानीय लोग यहां अच्छे स्वास्थ्य सुख और समृद्धि की प्रार्थना करने आते हैं आप पहाड़ी की चोटी से पटाया और घाटी के सुंदर नजारे भी देख सकते हैं अगर आप पहाड़ी पर नहीं चढ़ सकते तो बाइक की सवारी या टैक्सी भी दे सकते हैं छठे नंबर पर है कोरल आइलैंड पटाया से 30 मिनट की स्पीड बोट की सवारी या 45 मिनट की फेरी की सवारी आपको कोरल आइलैंड लेकर जाती है यह जगह पर्यटकों से गुलजार रहती है लेकिन पटाया की अपेक्षा यहां पर काफी शांति है यहां पर आप कई वाइट सैंड बचेस देख सकते हैं यहां फूड स्टॉल है और बहुत सारी वाटर एक्टिविटीज भी हैं पैरासेलिंग बनाना बोट राइड और अंडर वाटर सी वॉकिंग सबसे फेमस है टीएन सबसे सुंदर बीचेस में से एक है नवाल बीच पर आपको बंदरों की की मस्ती दिखाई देती है आप आइलैंड की यात्रा पर मोटर बाइक भी किराए पर ले सकते हैं यहां आप रिजॉर्ट्स में रुक भी सकते हैं सातवें नंबर पर है आर्ट इन पैराडाइज फैमिली फ्रेंडली डेस्टिनेशन आर्ट इन पैराडाइस एक इल्यूजन आर्ट म्यूजियम है अगर आप कमाल की फोटोग्राफी करना चाहते हैं तो यह जगह आपके लिए परफेक्ट है अगर आप गर्मी से राहत चाहते हैं तो भी आप यहां विजिट कर सकते हैं आप यहां वेल के पेट को गुदगुदा सकते हैं गैंडे को स्पर्श कर सकते हैं और ढेर सारी तस्वीरें क्लिक कर सकते हैं यहां कई थीम जन है जिसमें क्लासिक आर्ट इजिप्ट अंडरवाटर वर्ल्ड सफारी डायनासोर और फैंटेसी शामिल है रेनी डे में यह जगह एक शानदार आकर्षण बन जाती है इसकी ऑफिशियल वेबसाइट है र् इ paradise.com आठवें नंबर पर है रामायना वटर पार्क थाईलैंड के सबसे बड़े और सबसे अच्छे वाटर पार्क के रूप में मशहूर है रामायना वाटर पार्क रामायना वटर पार्क में 21 अलग-अलग वाटर थीम वाली राइड्स हैं और यह हर उम्र के लोगों के लिए परफेक्ट है पार्क के चारों ओर रंगीन सरपेंटाइन स्लाइट्स हैं डबल वेव पूल फाउंटेन वाला एक्वा प्लश पार्क और भूल बुलैया भी कमाल की हैं इसकी ऑफिशियल वेबसाइट है राव park.com थाईलैंड के कई हिस्सों में आपको फ्लोटिंग मार्केट दिखता है और पटाया में भी फ्लोटिंग मार्केट है पटाया में पहला और एक मात्र फ्लोटिंग मार्केट कई सेक्शन में बटा हुआ है यहां से आप स्मृति चिन्ह कला और शिल्प और कपड़ों की खरीदारी कर सकते हैं अगर आप परदेश के पकवानों का मजा लेना चाहते हैं तो आपकी यह मुराद भी यहां जरूर पूरी होगी लेकिन यहां के पकवान कुछ हटकर हैं यहां बिच्छू से लेकर झींगूर और मगरमच्छ के मांस तक आजमाने के लिए बहुत कुछ मिलता है मार्केट को एक्सप्लोर करने का एक शानदार तरीका नाव को किराए पर लेना है यहां एंट्री के लिए एक फीस भी चुकानी होती है ऑफिशियल वेबसाइट है p फि market.com 10वें नंबर पर है नकलुआ फिश मार्केट लोकल फूड और रसीले सीफूड का निवाला चखने के लिए नकलुआ के छोटे से शहर में फिश मार्केट जरूर जाएं यह जगह पटाया के नॉर्थ में 10 मिनट की टैक्सी सवारी की दूरी पर है यहां ताजा सी फूड मिलता है और ऑन साइड बारबीक्यू भी आप ताजे फल और स्थानीय लोगों द्वारा बनाए गए फूड को भी खरीद सकते हैं क्षेत्र में कई अच्छे रेस्टोरेंट भी हैं आप ग्रुप टैक्सी करके जाएंगे तो आपके लिए यह शेयर काफी कॉस्ट इफेक्टिव भी रहेगी 11वें नंबर पर है मिनी सीएम थाईलैंड और दुनिया के अजूबों को देखने की मजेदार जगह है मिनी सीएम मिनी सीएम में आप दुनिया के फेमस स्थलों के मॉडल देख सकते हैं बैंकॉक का विजय स्मारक और वाट अरुण न्यूयॉर्क की स्टैचू ऑफ लिबर्टी लंदन का टावर ब्रिज सिडनी ओपेरा हाउस आप यहां देख सकते हैं बच्चे यहां आकर खुश हो जाएंगे आप अगर यहां विजिट करते हैं तो लेट आफ्टरनून में आएं सनसेट को देखना भी कमाल का अनुभव रहता है 12वें नंबर पर है अंडरवाटर वर्ड पटाया अंडरवाटर वर्ल्ड पटाया अलग-अलग अंडरवाटर एनवायरनमेंट के सी क्रिएचर्स का ठिकाना है यह थाईलैंड का पहला मॉडर्न एक्वेरियम है आप यहां बॉटल से कोई फिश को फीड करा सकते हैं शार्क के नजदीक जा सकते हैं और थाईलैंड में जेली फिश के लार्जेस्ट कलेक्शन को देख भी सकते हैं इसकी ऑफिशियल वेबसाइट है अंडर रव pay.com 13वें नंबर पर है तेव प्रास नाइट मार्केट शुक्रवार से रविवार तक चलने वाला यह बाजार शाम पाच से रात 11:00 बजे तक खुला रहता है यह स्थानीय लोगों और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है थेप पासी जाने के लिए टुकटुक की सवारी लेना बेस्ट ऑप्शन है यहां इंडोर और आउटडोर दोनों तरह के स्टॉल हैं लेकिन बाजार का इंडोर हिस्सा सबसे प्रभावशाली है 14वें नंबर पर है खाव ची चांद में जं बुद्ध एन ग्रेविंग को देखना बुद्ध पर्वत के रूप में जाना जाने वाला खाव ची चान एक चूना पत्थर की पहाड़ी है जिस पर दुनिया की सबसे बड़ी बुद्ध की छवि खुरी हुई है बुद्ध की सुनहरी नकाशी 109 मीटर लंबी और 70 मीटर चौड़ी है और विशाल चट्टान के ज्यादातर हिस्से को घेरे हुए हैं 1996 में राजा को श्रद्धांजलि के रूप में स्थानीय बौद्धों की यात्रा के लिए इसे बनाया गया था तब लेजर तकनीक के इस्तेमाल से इसे उकेरा गया था फिर सोने की पत्तियां इसमें जड़ी गई थी एक छोटी सी झील पक्के रास्ते और कमल के फूलों से भरे कई पानी के कुंडों वाला एक शांत बगीचा इस जगह की सुंदरता को और बढ़ा देते हैं यह जगह पटाया से सिर्फ 15 किलोमीटर की दूरी पर है आप विहार सीन मंदिर और म्यूजियम की यात्रा भी यहां पर कर सकते हैं [संगीत] दोस्तों यह तो हुई पटाया में घूमने की जगहों के बारे में काम की जानकारी आइए अब पटाया से जुड़े कुछ सवालों के जवाब भी जान लेते हैं इन सवालों को अक्सर ही इंटरनेट पर यूजर पूछते हैं अक्सर लोग पूछते हैं कि पटाया में फैमिली के साथ घूमने की जगह कौन-कौन सी हैं हम आपको बता दें कि पटाया में सबसे बेस्ट फैमिली स्पॉट्स में सेंचरी ऑफ ट्रुथ आर्ट इन पैराडाइज पटाया रामायण वाटर पार्क अंडर वाटर वर्ड पटाया मिनी सीएम और बिग बुद्धा टेंपल शामिल हैं इंटरनेट पर लोग यह भी पूछते हैं कि पटाया में दोस्तों संग घूमने की जगहें कौन-कौन सी हैं दोस्तों हम आपको बता दें कि दोस्तों संग मस्ती के लिए पटाया में अनलिमिटेड स्पॉट्स हैं आप ट एक्सो इल्यूशन हॉल पटाया बीच फ्लोटिंग मार्केट और अंडर वाटर वर्ल्ड पटाया जाकर थिल का एहसास ले सकते हैं बात करें कपल्स के लिए पटाया में बेस्ट प्लेसेस की तो इनमें नोंग नूच ट्रॉपिकल गार्डन जोमट बीच डोंगटान बीच सिल्वर वाइ नट्स एंड कपल्स स्पा बेस्ट ऑप्शंस हैं दोस्तों अब जानते हैं कि पटाया में कहां ठहरा जाए पटाया में जब ठहरने की बात आ आती है तो आप यह जान लें कि शहर में हर बजट में होटल्स हॉस्टल अवेलेबल हैं लग्जरी स्टे के लिए भी यहां होटल्स की भरमार है आप पटाया स्टेट के नजदीक रहना चाहते हैं तो यहां आपको 400 भात में स्टे की सुविधा मिल जाती है स्टे जितना बेहतर और कंफर्ट से भरा होगा रेट भी उसी तरह बढ़ते जाते हैं आइए अब जान लेते हैं कि पटाया तक की यात्रा किस तरह से की जा सकती है सबसे पहले बात करते हैं हवाई यात्रा की भारत की राजधानी नई दिल्ली से पटाया का फ्लाइंग डिस्टेंस 3032 किमी है कोलकाता से पटाया का फ्लाइंग डिस्टेंस 1758 किमी चेन्नई से पटाया का फ्लाइंग डिस्टेंस 3668 किमी और मुंबई से पटाया का फ्लाइंग डिस्टेंस 3085 किमी है पटाया का नजदीकी एयरपोर्ट उतपाओ एयरपोर्ट है जो पटाया से 30 किमी दूर सता हिब में है हालांकि इस एयरपोर्ट के लिए लिमिटेड कनेक्टिविटी ही मिलती है भारत से थाईलैंड जाने वाली ज्यादातर फ्लाइट्स बैंकॉक के स्वणभूमि हवाई अड्डे तक की कनेक्टिविटी उपलब्ध कराती हैं बैंकॉक से पटाया की दूरी 120 किमी है और टैक्सी या बस से इस यात्रा को एक से डेढ़ घंटे में पूरा किया जा सकता है आप स्वर्ण भूमि एयरपोर्ट से पटाया तक के लिए टैक्सी बुक कर सकते हैं बैंकॉक के मोच बस टर्मिनल से भी पटाए के लिए मिनी बसें मिल जाती हैं ईस्टर्न बैंकॉक में एमाई बस टर्मिनल से भी पटाए के लिए बसें मिलती हैं सुखम वित रोड साई ताई माई सदन टर्मिनल से भी पटाए के लिए बसें मिलती हैं अब बात करते हैं कि भारत से आप सड़क मार्ग के जरिए किस तरह पटाया पहुंच सकते हैं दोस्तों अगर आप भारत से थाईलैंड तक की यात्रा सड़क मार्ग से करना चाहते ते हैं तो हम आपको बता दें कि यह काफी मुश्किल भरा होगा हालांकि नामुमकिन बिल्कुल नहीं इंडिया म्यांमार थाईलैंड हाईवे रोड के जरिए आप भारत के मणिपुर से पटाया तक की यात्रा कर सकते हैं दोस्तों अब जानते हैं कि आप ट्रेन से किस तरह से पटाया पहुंच सकते हैं बैंकॉक के हुआ लाम फंग स्टेशन से आपको पटाया तक की सीधी ट्रेनें मिल जाती हैं यह सबसे सस्ती और सबसे सुरक्षित यात्रा भी है बैंकॉक से पटाया तक की रेल यात्रा में 3 घंटे का वक्त लगता है और इसके लिए 40 भाज से भी कम किराया चुकाना होता है दोस्तों पटाया पर दी गई हमारी यह जानकारी आपको कैसी लगी कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर [संगीत] दें दोस्तों अगर आप थाईलैंड में पटाया और बैंकॉक के अलावा कुछ बेहद शांत जगहों को एक्सप्लोर करना चाहते हैं तो इसमें या लोप बुरी फेर चा बुरी रचा बुरी नखो रच समा सुरीन उबन रच थानी जैसे शहर हैं अपनी थाईलैंड यात्रा में अयो थाया और लो बुरी को तो मैं विजिट कर चुका था लेकिन अब तैयारी थी बुरी राम जाने की बूरीराम की पटाया से कुल दूरी 417 किमी से ज्यादा की है और इसमें 6 घंटे से ज्यादा का वक्त लगता है मेरी प्लानिंग अयोध्या से भी बूरीराम जाने की थी लेकिन ऐसा हो ना सका इस वीडियो में आप देखेंगे कि किस तरह मैं बूरीराम पहुंचा वो भी एक की जर्नी में आइए इस सफर की शुरुआत करते हैं थाईलैंड के दक्षिणी पूर्वी हिस्से में है बूरीराम यह बूरीराम प्रोविंस की राजधानी है आपको यह जानकर हैरानी होगी कि यहां हजारों साल पहले एक शिव मंदिर बनाया गया था और वो भी खमेर काल में इन्हीं खमेर ने कंबोडिया में विश्व प्रसिद्ध अंकोरवाट मंदिर का भी निर्माण किया था बूरीराम भी कंबोडिया बॉर्डर के नजदीक है 300 से भी कम आबादी वाले इस शहर की नीव किंग रामा फर्स्ट ने रखी थी लगभग 1000 साल पहले बूरीराम हमेर एंपायर का हिस्सा था उस समय के खंडहर आज भी इसके इतिहास की गवाही देते हैं इन धरोहरों में सबसे प्रसिद्ध धरोहर का रिश्ता भारत के हिंदू धर्म से है इसे दुनिया फेनोम रंग हिस्टोरिकल पार्क के रूप में जानती है यह शिवजी का मंदिर है मेरे बूरीराम जाने की वजह इसी मंदिर को देखना था फेनोम रंग हिस्टोरिकल पार्क के नजदीक इंद्र का भी एक मंदिर है मैं पटाया में दो दिन बिता चुका था और अब बारी थी बूरीराम निकलने की अगर आप पटाया से बूरीराम या थाईलैंड के किसी भी दूसरे शहर की यात्रा करना चाहते हैं तो ट्रेन के अलावा दूसरा बेहतरीन ऑप्शन है बस नख चाई एयर इसके लिए सर्विस देता है आप नख चाई एयर की बस लेकर थाईलैंड के किसी भी हिस्से में जा सकते हैं नखो चाई एयर को एनसीए के नाम से भी जाना जाता है इस बस कंपनी का हेड क्वार्टर बैंकॉक में है नखो चाई एयर फर्स्ट क्लास बस ऑपरेटर है और इसके पास थाईलैंड भर में लग्जरी बसेस की लंबी कतार है दिन में स्कूटी से पटाया घूमते घूमते अचानक इसका ऑफिस नजर आया पता करके तुरंत रात की टिकट ले ली बूरीराम जाने के लिए रात 8 8 बजे की बस थी और मैंने इसी में सीट बुक की रूम में लौटकर फ्रेश हुआ और डिनर पैक कराकर चल दिया नखो चाई एयर के बस स्टेशन पर बस स्टेशन तक के लिए बाइक का सहारा लिया 35 बात का खर्च आया पटाया में नखो चाई एयर के बस स्टेशन पहुंचकर सबसे पहले डिनर किया 750 पर बस आ गई सामान रखवाया गया और मैं बस में सवार हो गया थाई लोग बेहद ही टूरिस्ट फ्रेंडली होते हैं यह आपको किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने देते नखो चाई एयर की बस में आप म्यूजिक सुनते मूवीज देखते हुए सफर का आनंद ले सकते हैं बस में बैठते ही मुझे यह ब्लैंकेट मिला और साथ में वाटर बॉटल और नमकीन का एक पैकेट नमकीन मुझ जैसे वेजिटेरियन के लिए फिट नहीं थी तो मैंने इसे लौटा दिया इस पूरे सफर में ना कोई झटका लगा और ना ही एक बार भी दिक्कत हुई पूरे 6 घंटे में बस ने हमें पहुंचा दिया बूरीराम लेकिन बूरीराम पहुंचते ही रात को एक समस्या मेरे सामने आ गई आधी रात को 2:30 बजे जब आप बस स्टेशन पर अकेले बैठे हो तो मन में यही ख्याल आता है कि सबसे पहले होटल को बुक किया जाए अब क्यों क्योंकि इंडिया में मैंने बुरी राम में स्टे के लिए कोई बुकिंग नहीं की थी इसलिए आधी रात को अगोड़ा से बुकिंग कराने के लिए मुझे अपना इंडियन नंबर एक्टिवेट कराना पड़ा ऐसा इसलिए ताकि क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करते वक्त ओटीपी को हासिल किया जा सके इस पूरे प्रोसेस में आधा घंटा और लग गया जिस होटल में बुकिंग की उसका एक रात का खर्च 250 बाद था यह होटल बस स्टेशन से कुछ ही मीटर दूर था और रात को 2:30 बजे मैं यहां पैदल ही पहुंच गया कई बार बेल बजाने के बाद पास की दुकान से एक शख्स बाहर आया उसने मेरी द की और रिसेप्शन पर सो रहे शख्स को जगाया रिसेप्शन पर सो रहे शख्स ने बाहर आकर मुझे मेरा रूम दिखाया जैसे ही मैं रूम में दाखिल हुआ मानो आधी थकान दूर हो गई थी बेड पर ऐसे लेटा कि सुबह 8 बजे ही आंख खुली इस दिन मुझे बुरी राम को एक्सप्लोर करना था अगले वीडियो में आप बुरी राम की इसी यात्रा का वीडियो देखेंगे दोस्तों यह वीडियो था पटाया से बुरी राम पहुंचने के बारे में अगर आप भी बुरी राम घूमना चाहते हैं तो नखो चाई एयर की बस लेकर वहां पहुंच सकते हैं आपको यह वीडियो कैसा लगा हमें जरूर जरूर [संगीत] [संगीत] बताए पुरी राम जाने की बड़ी वजह हजारों साल पहले बनाए गए शिव जी के मंदिर को देखना था इस मंदिर के पूरे रंग हिस्टोरिकल पार्क है इसे खमेर डायनेस्टी ने बनाया था कंबोडिया बॉर्डर के नजदीक स्थित इस मंदिर की यात्रा को मैं कभी नहीं भूल सकता इस वीडियो में आप ना सिर्फ फैनोम रंग हिस्टोरिकल पार्क के बारे में जानेंगे बल्कि नजदीक ही स्थित एक और मंदिर प्रसाद मुआंग टाइम तक भी मैं आपको लेकर जाऊंगा आइए इस सफर की शुरुआत करते हैं दोस्तों सफर की शुरुआत करें उसके पहले एक रिक्वेस्ट आपसे करता चलूं अगर आप पहली बार हमारे चैनल पर आए हैं तो हमें सब्सक्राइब जरूर करें बेल आइकन पर बटन दबाना बिल्कुल ना भूलें आइए बढ़ते हैं सफर में आगे मैं पटाया से 6 घंटे की यात्रा के बाद बूरीराम पहुंचा था थाईलैंड और कंबोडिया बॉर्डर पर बूरीराम स्थित है पटाया से यहां आने के लिए मैंने नखो चाई एयर की बस में टिकट बुक की थी आधी रात को बूरीराम पहुंचकर मैंने होटल बुक किया होटल नजदीक ही था सो वहां पैदल ही पहुंचा और सो गया सुबह आंख खुली तो सबसे पहले स्कूटी हायर की 300 ब पर डे के रेंट पर ऑयल खुद ही डलवाना होता है इस स्कूटी से चल दिया फेनोम रंग हिस्टोरिकल पार्क की ओर बूरीराम शहर से इस पार्क की दूरी लगभग 70 किमी की है सड़कें शानदार है मजेदार रास्ते पर स्कूटी चलाते हुए मैं इस ऐतिहासिक स्थल की ओर बढ़ चला था फेनोम रंग हिस्टोरिकल पार्क को प्रसाद फनोम रंग के नाम से भी जाना जाता है यह स्थल फेनोम रंग माउंटेन के शिखर पर बनाया गया है [संगीत] इस पहाड़ में एक विलुप्त ज्वालामुखी है बात करें इसकी लोकेशन की तो यह बूरीराम प्रोविंस में एंफो चालो फ्रा कियाड के टोन टा पैक में स्थित है यह खमेर शैली का एक अद्भुत नमूना है और थाईलैंड के सबसे खूबसूरत और महत्त्वपूर्ण स्थलों में से भी एक है यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है यह बताता है कि बौद्ध होने के बावजूद खमेर हिंदू धर्म से किस कदर प्रभावित थे उन्होंने सैकड़ों शिव मंदिर बनवाए थे खमेर पर हिंदू धर्म का प्रभाव तमिलनाडु से साउथ ईस्ट एशिया में कारोबार करने पहुंचे चोल साम्राज्य ने डाला पहाड़ी की चोटी पर स्थित फेनोम रंग पर्वत और प्रसाद फनोम रंग की तुलना कैलाश पर्वत शिव के सिंहासन कक्ष और ब्रह्मांड के केंद्र के प्रतीक के रूप में की जाती है फनोम रंग का नाम खमेर भाषा के मनांग रंग से लिया गया है इसका मतलब एक विशाल पर्वत से है प्रसाद फैनो रंग में ऐसे खमेर इंक्रिप्शन पाए गए हैं जिन पर यह लिखा हुआ है इन्हीं खमेर इंस्क्राइनॉक्स को 10वीं से 13वीं शताब्दी तक बनाया गया और रिनोवेट भी किया गया फेनोम रंग हिस्टोरिकल पार्क में मेरी यात्रा के दौरान यहां एक खास उत्सव भी चल रहा था लोग शिव की अनूठे तरीके से आराधना कर रहे थे नित्य शैली के माध्यम से भगवान शिव की इस पूजा को देखना कभी ना भूलने वाला लम्हा था [संगीत] [संगीत] [संगीत] फ फोम रंग हिस्टोरिकल पार्क के नजदीक ही प्रसाद मुआंग टैम है फेनोम रंग हिस्टोरिकल पार्क से प्रसाद मुआंग टैम की दूरी लगभग 8 किलोमीटर की है प्रसाद मुआंग टैम की लोकेशन की बात करें तो यह बूरीराम प्रोविंस के एमफाई रखन चाई में टोन चरकय मैक के अंदर खक मुआंग विलेज में स्थित है प्रसाद मुआंग टाम एक धार्मिक स्थल है और इसे हिंदू मान्यता के अनुसार ही बनाया गया है यह भी भगवान शिव को समर्पित मंदिर है एक आर्कियोलॉजिकल रिसर्च के अनुसार इस क्षेत्र में प्राचीन समुदाय की बड़ी बस्तियां पाई गई हैं जैसे बैनकॉक मुआंग खक याई कैन खक सालोंगा मिल हैं इन एविडेंसेस से पता चलता है कि यह सभी क्लंग और बफन खमेर कला से संबंधित हैं इसे 16वीं सदी के अंत में या लगभग 1000 साल पहले की उम्र का बताया जाता है हालांकि सही काल की जानकारी अभी भी नहीं है प्रसाद मुआंग टैम का स्थान कंबोडिया के फ्रा नखो शहर से खमेर सिविलाइजेशन के रास्ते में है जो उत्तर की ओर जाने वाले सुरीन प्रोविंस में फेनोम डोंग रक रेंज के प्रसाद टाम मोइन समूह और प्रसाद मुआंग टैम और प्रसाद फेनोम रंग से नाखून रसमा प्रोविंस के प्रसाद फमा तक जाता [संगीत] है यहां मिले मुझे स्कूली बच्चे और मैंने खिंचवाई उनके साथ खूब सारी तस्वीरें कई बार भाषा न जानते हुए भी प्यार का एहसास ते को गढ़ देता है और यहां भी वैसा ही हुआ आइए अब जानते हैं कि आप इन दोनों जगहों से क्या खरीद सकते हैं अगर आप फनोम रंग हिस्टोरिकल पार्क या प्रसाद मुआंग टाम आते हैं तो यहां से सिल्क की आइटम खरीद सकते हैं 100 बात में सिल्क से बनी शॉल कपड़े आप यहां से खरीदकर अपनों को गिफ्ट कर सकते हैं यह जगह इसके लिए खासी मशहूर है फेनोम नंग हिस्टोरिकल पार्क या प्रसाद मुआंग टैम कैसे पहुंचे अब यह भी जान लेते हैं आपको इन दोनों स्थलों तक आने के लिए सबसे पहले बुरी राम पहुंचना होगा थाईलैंड में किसी भी जगह से आपको बुरी राम के लिए बस मिल जाएगी आप ट्रेन के जरिए भी बुरी राम पहुंच सकते हैं बुरी राम रेलवे स्टेशन के लिए बैंकॉक से सीधी ट्रेन है एक बार बूरीराम पहुंच जाने के बाद आपको वहां से फेनोम रंग हिस्टोरिकल पार्क और प्रसाद मुआंग टाइम तक जाने के लिए टैक्सी का ऑप्शन मिल जाता है आप स्कूटी किराए पर लेकर भी इन दोनों धरोहरों को विजिट कर सकते हैं आइए अब आपको बताते हैं कि फेनोम रंग हिस्टोरिकल पार्क और प्रसाद मुआंग टैम की टिकट कितने की है दोस्तों आपको फेनोम रंग हिस्टोरिकल पार्क पर दोनों स्थलों की टिकट एक साथ खरीदने का ऑप्शन मिलता है फेनोम रंग हिस्टोरिकल पार्क और प्रसाद मुआंग टाम की एक साथ की टिकट 150 बाद की आती है आप इस टिकट में दोनों स्थलों में दिन भर घूम सकते हैं और इतिहास को अपनी आंखों के सामने देख सकते हैं यह इमारत ऐसी है कि एक बार देखें तो देखते ही रह जाएं एक बात और बूरीराम आए तो कहां ठहर यह बात भी हम आपको बताते हैं बुरी राम में आपको हॉस्टल होटल की भरमार मिलती होटल के यहां सस्ते और बेहतरीन ऑप्शंस हैं आप बुकिंग साइट्स या ऐप के जरिए होटल बुक कर सकते हैं 250 बा से इनका प्राइस शुरू होता है आप अपने हिसाब से कोई भी होटल चुन सकते हैं साथियों आपको यह वीडियो कैसा लगा हमें जरूर बताएं थाईलैंड यात्रा के इस ब्लॉग में हम आपको बताएंगे कि बूरीराम की यात्रा में हमने क्या-क्या किया कहां-कहां घूमे और कैसे इस यात्रा को पूरा किया हम आधी रात के बाद पटाया से बूरीराम पहुंचे होटल लेकर सो गए सुबह आंख खुली तो फ्रेश होकर सबसे पहले चल दिए स्कूटी रेंट पर लेने लेकिन होटल से बाहर निकले ही थे कि कॉम्प्लेक्शन में कई घर या प्रतिष्ठानों के आगे आपको इस तरह के ब्रह्मा जी के मंदिर दिखाई देते हैं गणेश जी की पूजा का भी यहां रिवाज है कमाल की संस्कृति है यहां की इसके बाद हम फिर आगे बढ़े अपनी स्कूटी रेंट पर लेने के लिए लैंग्वेज प्रॉब्लम थी तो सहारा लिया googleapis.com हमारे चैनल पर हैं तो इसे सब्सक्राइब करना ना भूले बेल आइकन पर क्लिक जरूर करें स्कूटी से निकले तो सबसे पहले पहुंचे किंग रामा फर्स्ट के मॉन्यूमेंट पर अगर आप बुरी राम शहर में हैं तो यकीन मानिए इस जगह पर आप जरूर विजिट करना चाहेंगे किंग रामा फर्स्ट का मॉन्यूमेंट शहर के प्रवेश द्वार पर एक चौराहे पर स्थित है इस मन मेंट पर किंग रामा फर्स्ट की कांसे की प्रतिमा और न्हे हाथी पर सवार होकर युद्ध करते दिखाया गया है किंग रामा फर्स्ट थाईलैंड के चक्री राजवंश के संस्थापक हैं साथ ही बुरी राम शहर को भी इन्होंने ही बनाया था आपको इस मनु मेंट पर आने के लिए खास सावधानी बरतनी होती है ऐसा इसलिए क्योंकि यह शहर के व्यस्त चौराहे पर स्थित है इस पूरे मॉन्यूमेंट को सुंदर लाइटों से सजाया गया है अब हमारा अगला ठिकाना था बुरी राम इंटरनेशनल सर्किट जिसे एक कमर्शल नाम चांग इंटरनेशनल सर्किट से भी जाना जाता है बूरीराम यूनाइटेड इंटरनेशनल सर्किट बैंकॉक से 400 किमी दूर है इस सर्किट को बेहतरीन स्टैंडर्ड्स के हिसाब से तैयार किया गया है यहां छह सर्किट वेरिएशंस हैं और इनमें से तीन पर एक ही वक्त में रेस ऑर्गेनाइज हो सकती है सर्किट की शुरुआत 4 और 5 अक्टूबर 2014 को जापानी सुपर जीटी सीरीज के के साथ हुई थी तब यहां 130000 स्पेक्टर्स जुटे थे यहां आसपास रेस्टोरेंट मिलते हैं हैंगआउट के लिए यह एक परफेक्ट प्लेस है हां अगर आप वेजिटेरियन फूड ही खाते हैं तो फिर नाश्ता लंच और डिनर भूल जाइए मैकडोनाल्ड से लेकर हर छोटे-बड़े रेस्टोरेंट में वेजिटेरियन फूड किसी दूसरे ग्रह से आया शब्द दिखाई देता है हमने mcdonald’s में जाकर वेज फूड के बारे में पता किया तो जवाब मिला नहीं यही नजदीक बुरी राम कैसल भी है यहां आपको दो पीरियड मानो एक साथ दिखाई देते हैं एक और खमेर सभ्यता को दिखाता फेनोम रंग हिस्टोरिकल पार्क का रिप्लिका तो दूसरी ओर आई मोबाइल स्टेडियम बुरी राम इंटरनेशनल सर्किट और हैंगआउट की बेहतरीन जगह बुरी राम कैसल में आपको अद्भुत शांति का एहसास होता है यहां आप इतिहास को आंखों के सामने देख सकते हैं दोस्तों मैं चांग इंटरनेशनल सर्किट है उसके जस्ट सामने खड़ा हूं वो एंट्री गेट है उसका आपको दिख रहा होगा पीछे देखिए ये मैं दिखा दूं वो देखिए वो लिखा हुआ है चांग इंटरनेशनल सर्किट और डेस्टिनेशन ऑफ स्पीड और इसके पास यह कैसल है जो फेनोम रंग है उसका रिप्लिका बनाया गया है यहां पर सामने देखिए मंदिर है एक हिंदू मंदिर की तर्ज पर ही वो मेन मंदिर वो है और उसकी एक नकल यह बनाया गया है और ये पूरा जो एरिया है यह एक हब है एक तरह से पार्टी का खाने पीने का यहां कई आउटलेट्स हैं स्कूल भी है और लेकिन भीड़ देखिए भीड़ ना के मतलब कोई इक्का दुक्का लोग ही दिखते हैं तो यह आबादी का रेशियो है यहां पर बूरीराम के अंदर 30 से 35000 के बीच आबादी है शहर की बहुत ही खूबसूरत शहर है छोटा शहर है प्यारा शहर है बहुत ही अच्छे ढंग से बनाया गया है दोस्तों किसी जमाने में जो घोड़ा गाड़ी हुआ करती थी उसी की एक जो कह लीजिए कि वही घोड़ा गाड़ी यहां पर रखी हुई है लेकिन घोड़ा नहीं है इसके आगे तो यह थाईलैंड में हूं मैं बूरीराम में और इस घोड़ा गाड़ी ने मुझे बीते दौर की याद दिला दी है बहुत ही क्यूट पिक्चर है वेरी नाइस आप भी देखेंगे तो आपको भी लगेगा कि कमाल की चीज रही होगी यह भी मनुष्य ने कितनी प्रगति कर ली है य बच्चे यहां पर देखिए खेल रहे हैं वो ब्रेन स्कूल है सामने और उसी के बच्चे हैं ये बरी राम में हम यहां से निकले तो रास्ते में दिखाई दिया थाईलैंड का कटहल यह है थाईलैंड का कटहल हमारे यहां जो कटहल होता है वह अलग तरह का होता है और यहां के जो काटे हैं वह कहीं ज्यादा नखले हैं और देखिए काटने की प्रक्रिया भी हो रही है मैं आपको दिखाता हूं कि कैसा है यह अंदर से कैसा दिखता है इसके जो फल निकलते हैं वो भी बड़े-बड़े निकलते हैं अंदर से वो कुछ ऐसे निकलते हैं मैं आपको दिखाऊं अगर वो इस तरह के निकलते हैं जो ये लोग निकाल के भी भेजते भ है ये देखिए अब हम बुरी राम शहर में दोबारा दाखिल हो चुके थे यहां हमें दिखाई दी वह खाई जो कभी बुरी राम शहर की दीवार के साथ-साथ बनाई गई थी आज दीवार का कोई निशान नहीं है सिर्फ यह खाई ही बची है जो दीवार के साथ-साथ बनाई गई थी बूरीराम शहर की दीवार के बाद में कहा जाता है कि यह मिट्टी की ऊंची दीवार थी जिसे शहर की सुरक्षा के लिए बनाया गया था शहर के चारों ओर बनी इस खाई को अंग्रेजी में मोट और स्थानीय भाषा में लोम कहा जाता है यह 1800 साल से भी ज्यादा पुरानी है आज यह किसी नदी की तरह दिखाई देती है इसकी औसत चौड़ाई 80 मीटर और लंबाई लगभग 5000 मीटर है है ना कमाल की बात इसके बाद हम पहुंचे सिटी पिलर श्राइन पर सिटी पिलर श्राइन बूरीराम प्रोविंस के मिंग डिस्ट्रिक्ट में स्थित है पहले यह एक छोटा मंदिर था जिसे 2005 2007 के बीच में ध्वस्त कर दिया गया था फिर से बनाया गया इसका आर्किटेक्चरल स्टाइल फनोम रंग हिस्टोरिकल पार्क से मेल ता है एक और अजीब बात यहां बुरी राम के दो सिटी पिलर्स दिखाई देते हैं अब हम चल दिए फेनोम रंग हिस्टोरिकल पार्क और प्रसाद मिंग टैम के सफर पर वो भी बूरीराम शहर से 65 से 70 किलोमीटर दूर कंबोडिया बॉर्डर पर थाईलैंड की कमाल की सड़क पर यह सफर कभी ना भूलने वाला रहा आप इन दोनों प्राचीन हिंदू मंदिरों के बारे में वीडियो को पिछले ब्लॉग में देख सकते हैं फेनोम रंग हिस्टोरिकल पार्क और प्रसाद म टम की यात्रा यादगार रही यहां शिव साधना का अद्भुत नृत्य दिखाई दिया यह हजारों साल पुराना शिव मंदिर है दोस्तों अगर हम मैं अपने अनुभव बया करूं तो देखिए सुबह जब मैं निकला स्कूटी लेकर तो मैं जब डिस्टेंस को मैंने चेक किया तो डिस्टेंस 65 किलोमीटर से ज्यादा का दिखा रहा था यहां से और फिर मैंने सोचा कि कल मैं टैक्सी करूंगा और तभी जाऊंगा क्योंकि बहुत ज्यादा डिस्टेंस है और एक अनजान शहर में ठीक नहीं लगा मुझे ऐसा लेकिन फिर अचानक से मेरे मन में ख्याल आया कि चलो चलते हैं और जब मैं गया तो यकीन मानिए दोस्तों मैंने जिंदगी में ऐसी टू व्हीलर की राइड नहीं की थी गजब का एकदम अनुभव है गजब का एक्सपीरियंस रहा मेरा ऐसा हाईवे एक्सप्रेस पे जो भी कह लीजिए मैंने ऐसी जगह आज तक स्कूटी नहीं चलाई थी थाईलैंड में गजब की सड़कें हैं गजब के रोड हैं आपको कहीं भी परेशानी नहीं होती है और उतना ही गजब का लोगों का ट्रैफिक सेंस भी है मैंने युथा में साइकिल राइड की और मैंने अनुभव किया एक्सपीरियंस किया कि पीछे जब गाड़ी वाले आ रहे थे ना वो हॉर्न मारते हैं और वो खड़े रहते हैं पीछे आराम आराम से आते रहते हैं अगर बीच में है तो जब आप साइड होते हैं तब वो आपसे आगे निकलते हैं तो हॉर्न नाम की चीज भी यहां मैंने सुनी नहीं और लोगों का सेंस तो है ही कमाल का और यही वजह है कि आपको गाड़ियों पर कोई भी डेंट नहीं दिखता है तो यह हाल है यहां थाईलैंड का अगर आप भी टू व्हीलर का शौक रखते हैं तो मैं कहूंगा कि इस हाईवे पर एक बार जरूर आप राइड करें इन दोनों मंदिरों की यात्रा के बाद जब हम वापस बुरी राम की ओर लौटे तो दिखाई दिए थाईलैंड के खेत एक बार तो ऐसा लगा कि मानो हम भारत में ही किसी जगह पर हो हमें ऐसा क्यों लगा यह भी जान लीजिए दोस्तों मैं आपको थाईलैंड के खेत और थाईलैंड के गांव दिखाता हूं देखिए यह गन्ने का खेत है और कैसे यहां पर जो गन्ने है गन्ने की फसल की कटाई हो रही है और किस तरह मजदूर इस काम में जुटे हुए हैं गन्ने की कटाई हो रही है और जब मैं जा रहा था तो गन्ने की कटाई वहां से शुरू हो रही थी लेकिन जब मैं लौट रहा हूं तो पूरा गन्ने की कटाई हो चुकी है अभी यह लोग आराम कर रहे हैं और देखिए यह लोग कोई भी हिंदी नहीं जानते सब थाई स्पीकिंग लोग हैं इनको थाई भाषा ही आती है और पूरे थाईलैंड में लोग सिर्फ थाई ही जानते हैं और कोई भाषा नहीं जानते हैं तो यह है देखिए गन्ने का खेत थोड़े से काले गन्ने हैं क्योंकि ये जलाए गए हैं और इसलिए थोड़ा सा रंग इनका बदला हुआ दिख रहा है तो यह है थाईलैंड का गांव और थाईलैंड का गन्ने का खेत दोस्तों देखिए थाईलैंड में जो गाय होती हैं वो भी भारत की तरह ही होती है यूरोप में जैसे आप देखते हैं ना ब्रीडिंग थोड़ी सी अलग हो जाती है ब्रीड उनकी वैसा नहीं होता यहां पर जो गाय है वो भारत की तरह ही होती है वापसी में एक जगह फिर से फ्यूल लिया फेनोम रंग हिस्टोरिकल पार्क और प्रसाद मंग टैम में तो टूरिस्ट दिखाई दिए मगर गिनती के रास्ते में कई बार ऐसा लगा कि शहर में अकेले ही घूम रहे हैं फ्यूल भरवा हुए भी ऐसा ही एहसास हुआ रास्ते में एक ऐसा घर दिखाई दिया जिसे देखकर लगा कि किसी हॉरर मूवी की हवेली हो बुरी राम शहर और इससे बाहर घूमते घूमते भूख तेज लग आई थी वेजिटेरियन फूड का कोई ऑप्शन नहीं मिला लेकिन कहते हैं ना जहां चाह वहां राह तो मिल गया फूड चाट 20 बात में फ्रूट चाट खाया इसके बाद कुछ एनर्जी का एहसास हुआ जहां फ्रूट चाट खाया वहीं से एक रास्ता नखो रच सीमा के लिए और उबन रच थानी के लिए निकलता है आप इन दोनों शहरों को भी घूम सकते हैं थाईलैंड में यह भी कमाल की जगह हैं रास्ते में एक बुद्ध मंदिर पर कुछ देर हम और रुके यहां से आगे चले तो आया खाओ क्रा दोंग फॉरेस्ट पार्क खाओ कदो फॉरेस्ट पार्क बुरी राम शहर के बाहर 6 किलोमीटर की दूरी पर दक्षिण में है इसमें 265 मीटर ऊंचा एक विलुप्त ज्वालामुखी है जिसका गड्ढा आज भी दिखाई देता है इस जगह को पहले फाम क्रा दोंग के नाम से जाना जाता था इसका खमेर अर्थ कछुआ शैली का पर्वत है यह नाम इसलिए दिया गया क्योंकि इस पर्वत का आकार कछुए जैसा ही है इसके शिखर पर फ्रास उप थारा बफिट बुद्ध है जिसके शिखर पर एक मंच है जहां से आप पूरे शहर को देख सकते हैं विलुप्त ज्वालामुखी का गड्ढा अक्सर पानी से भरा रहता है यहां आप सड़क मार्ग से आसानी से पहुंच सकते हैं अंदर विजिट करने के लिए 1969 में एक लंबी सीढ़ी बनाई गई थी जिसके जरिए आप पहाड़ी पर चढ़कर बुद्ध की मूर्ति को देख सकते हैं इसमें 297 सीढ़ियां हैं सीढ़ियां बेहद खू खूबसूरत दिखाई देती हैं खाओ रा दोंग वोल्केनो फॉरेस्ट पार्क में हर साल दो फेस्टिवल होते हैं खाओ रा दोंग फेस्टिवल और वोल्केनो फेस्टिवल बुरी राम जो आमतौर पर क्रिसमस और नए साल के बीच मनाया जाता है भाई इस गन्ने के रस में ना तो इन्होंने नमक मिलाया है और ना ही कोई भी बाहर से चीज ऐड की है सिर्फ रस है हां आइस ये लोग बहुत मिलाते हैं बट मैंने मना किया कि आइस चुटकी भर डालिए चुटकी भर माने तो एक चम्मच के लिए लगभग वरना वो तो पूरा आधा जो यह ग्लास आप देख रहे हैं पूरा आइस से भर देते हैं वो लोग और थाई लोग ऐसे ही पीते हैं कोई भी ड्रिंक होती है तो लोग ऐसे ही आधा जो गिलास होता है उसको आइस से भर देते हैं बाकी कॉफी हो या जो भी चीज हो जो भी फ्लेवर हो वो मिलाते हैं खैर मैंने आइस नहीं मिलाया है बट टेस्ट सिंपल है सादा है अच्छा है कुछ नहीं तो कुछ तो सही और यह देखिए बड़ा ही एक इंटरेस्टिंग है कि पकड़ने के लिए ये लगाते हैं ये लोग ताकि आप यू कैन कैरी इट वेरी इजली मैंने इसको यहां पर देखिए स्कूटी में यहां मैंने टांग दिया है इस जगह जगह पर तो अग रास्ते में जहां-जहां मन करेगा मैं इसको पीते रह सकता हूं बीच-बीच में ठीक है नाइस ना तो यह है स्टाइल यहां का थाई स्टाइल ड्रिंक्स को कैरी करने का और पीने का भी स्टाइल अब शाम ढलने को थी हम वापस बुरी राम शहर लौटने लगे मोबाइल पर ग मैप लगाकर बहुत हेल्प मिले शहर लौटे तो भूख फिर से लग गई अब पूछते पूछते एक रेस्टोरेंट पहुंचे यहां रिक्वेस्ट करने पर उन्होंने ने राइस और वेजिटेबल का ये कमो तैयार किया कीमत लगी 50 बात स्वाद कमाल का था लेकिन तो बड़ी मुश्किल से इनको समझाया है ट्रांसलेटर टूल की मदद से और काफी देर बाद इनको समझ में आया कि नो एग और नो मीट सिर्फ वेजिटेबल्स मिलाना है इसमें फ्राइड राइस बनाना है अगला दिन आया तो सुबह एक बार फिर बुरी राम घूमने निकले लेकिन सुबह होटल से निकलने पर जब स्कूटी स्टार्ट की तो वह स्टार्ट ही नहीं हो रहे थे उसे घसीटते घसीटते हम पहुंचे उसी जगह जहां से उसे रेंट पर लिया था रास्ते में कुछ थाई लोगों ने पूछा कि क्या वे मेरी मदद कर सकते हैं तो मैंने बताया कि नजदीक से ही इसे हायर किया था अब वापस करूंगा थाई लोग टूरिस्ट को कोई परेशानी नहीं होने देना चाहते पूरा देश टूरिज्म पर ही टिका है एक घंटे से ज्यादा हो गए थे यहां इंतजार करते जब ऑफिस खुला तो उन्होंने दूसरी स्कूटी दी यहां से हम चले तो पहुंचे बुरी राम मनस्टर फिशिंग पार्क बुरी राम मनस्टर फिशिंग पार्क हाल में बना थाईलैंड का सबसे नया फिशिंग पार्क है यहां की मछलियों में सियामी जाइंट कार्प एलिगेटर गार आरा पिया मेंे मिकांग जाइंट कैटफिश रेड टेल कैटफिश शामिल है यह फिशिंग पार्क एक प्राइवेट प्रॉपर्टी है और शहर से बाहर है इसके ओनर है मिस्टर विंटी यहां मछलियां पकड़ने के के पांच स्टेशन हैं इन सभी में शैडो बिजली का बंदोबस्त है यहां सुंदर लकड़ी से बना शैलट्स शवर शौचालय और एक बेड हर चीज का बंदोबस्त है यहां पार्क के मैदान बहुत अच्छे से बनाए गए हैं और बच्चों के लिए एक छोटा सा प्लेइंग एरिया भी है अगर आप यहां फूड ट्राई करना चाहते हैं तो इसे पहले ही ऑर्डर करना पड़ता है अगर आप खुद से फिश पकाना चाहते हैं तो माइक्रोवेव और बारबीक्यू भी अवेलेबल है दो लोग दो छड़ों सैलेड और 24 घंटे मछली पकड़ने का मौका चाहते हैं तो आपको 5000 बाद चुकाने होंगे आपको यहां टेंट भी मिलते हैं जिसकी कीमत 500 बात है इसमें नाश्ता भी शामिल होता है अब वक्त था बुरी राम से विदा होने का जहां से स्कूटी हायर की थी वहीं के ओनर ने हमारे लिए खास तौर पर वेजिटेरियन फूड मंगवाया और बस स्टेशन तक ड्रॉप भी करवाया इनका खुद का रेस्टोरेंट है बार और स्कूटी कार रेंटल सर्विस का बिजनेस है रेस्टोरेंट में बीफ से लेकर जाने क्या-क्या भरा हुआ था इसलिए उन्होंने बाहर से सेवाएं ली बुरी राम से हम चल दिए थे बैंकॉक की ओर रात में बैंकॉक पहुंचने के लिए हम नाखून चाई एयर की बस में सवार हो चुके थे ढेर सारी यादों को लेकर आइए अब जान लेते हैं कि अगर आप बुरी राम आना चाहते हैं तो कैसे पहुंच सकते हैं बुरी राम पहुंचने के लिए आपको एयरपोर्ट सड़क और ट्रेन की सुविधाएं मिलती हैं बूरीराम में एक एयरपोर्ट है जहां बैंकॉक के डॉन मंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट से फ्लाइट मिलती है बात करें सड़क यातायात की तो हाईवे 218 219 226 और 2074 से आप यहां आ सकते हैं बुरी राम में रेलवे स्टेशन भी है और यहां आने के लिए आप थाईलैंड के अलग-अलग हिस्सों से ट्रेन ले सकते हैं आप बैंकॉक से भी ट्रेन के जरिए यहां आ सकते हैं नेशनल बस कंपनी ट्रांसपोर्ट को लिमिटेड बूरीराम बस स्टेशन तक के लिए बसें चलाती है बस स्टेशन से लगा हुआ है नाखून चाय एयर का भी टर्मिनल है आप यहां के लिए भी बस ले सकते हैं दोस्तों आपको यह वीडियो कैसा लगा हमें जरूर बताइए थाईलैंड यात्रा में हमारा आखिरी पड़ाव था बैंकॉक इस वीडियो में मैं आपको बताऊंगा कि थाईलैंड के बैंकॉक शहर में अगर आप जाएं तो कहां ठहर सकते हैं और बैंगकॉक की यात्रा में कितना खर्च आता है बैंकॉक में कहां आपको वेजिटेरियन फूड मिल सकता है बैंकॉक में सस्ती शॉपिंग कहां से करें यह भी मैं आपको बताऊंगा साथ ही इस वीडियो में आप देखेंगे कि मैंने इस शहर में कुछ हटकर क्या किया कुछ भारतीय स्टूडेंट्स के बुलावे पर मैं पहुंचा महिदोल यूनिवर्सिटी यहां वह सभी इंटर्नशिप के लिए आए थे और हां बैंकॉक की ट्रेन बस की जानकारी भी मैं आपसे इस वीडियो में शेयर करूंगा मैं आपको बैंगकॉक में जगह-जगह मौजूद जापानीज कैरोकी के बारे में भी बताऊंगा जिसे अक्सर ही लोग मसाज पार्लर समझने की गलती कर बैठते हैं आइए बढ़ते हैं इस सफर में आगे जब 1767 में अय्याया साम्राज्य को बर्मी सेना ने तबाह कर दिया तो श्याम ने तकन द ग्रेड के नेतृत्व में खुद को फिर से खड़ा किया 1768 में ताजपोशी के बाद राजा तक सन ने चाओ फाया नदी के पश्चिमी तट पर थोनबुरी में एक नई राजधानी की स्थापना की हालांकि नए राजा आगे चलकर मानसिक संतुलन खो बैठे तकन के बाद एक जनरल ने बागडोर संभाली जिन्हें रामा फर्स्ट के नाम से जाना गया उन्होंने 1782 में जिस जगह अपनी राजधानी स्थापित की उसे ही आज हम बैंकॉक के नाम से जानते हैं दोस्तों यह तो रहा बैंकॉक और थाईलैंड का छोटा सा इतिहास आइए अब जानते हैं हमारी यात्रा के बारे में और यह भी कि आप बैंकॉक में क्या-क्या कर सकते हैं हम बुरी राम से बैंकॉक पहुंचे थे बैंकॉक को दुनिया भर के टूरिस्टो का संगम कहा जाए तो गलत नहीं होगा बेहतरीन नाइट लाइफ पार्टी प्लेसेस फूड के मल्टीपल ऑप्शंस शॉपिंग सेंटर्स और बड़ी-बड़ी इमारतें इस बिजी शहर में वह सब है जिसकी ख्वाहिश किसी भी टूरिस्ट को होती है हम जब बैंकॉक पहुंचे तो बैंकॉक के बस स्टेशन पर कुछ समझ ही नहीं आया youtube2 वेजिटेरियन फूड भी मिलता है और इंडियंस भी बहुत आते हैं तो वहीं तक की कैप बुक कर ली यहां पहुंचकर एक हॉस्टल बुक किया बूरीराम में लगभग 250 बात और अयथा या में 300 बात में होटल और हॉस्टल मिल गए थे दोनों ही जगह वाटर बॉटल टावल शैंपू भी दिया गया था अयोधा में तो इसी प्राइस में ब्रेकफास्ट भी इंक्लूड था लेकिन बैंकॉक में इतनी कीमत में मिला सिर्फ यह बिस्तर हॉस्टल में ही बैंकॉक का एक रोड मैप भी था लेकिन जितना आसान यह लग रहा था बैंकॉक में घूमना उतना आसान है नहीं भारी ट्रैफिक है यहां बसें सस्ती हैं और मेट्रो महंगी लेकिन सच मानिए वक्त बचाना है तो बीटीएस यानी मेट्रो से ही यात्रा करिए सुखम वित 30 जहां मैं रुका था उसके नजदीक कहीं भी जाना हो तो आप फ्रॉम फंग बीटीएस स्टेशन या अशोक बीटीएस स्टेशन से यात्रा करें बात करें सुखम वित रोड की तो बता दें कि इसे हाईवे थ के नाम से भी जाना जाता है यह थाईलैंड की एक मुख्य सड़क है यह बैंकॉक को दूसरे कई शहरों से जोड़ती है यह बैंकॉक के कोस्टल एरिया से खलोंग याई डिस्ट्रिक्ट होते हुए कंबोडिया तक जाती है सुखम रोड पर ही कई देशों की एंबेसी भी है रात को हॉस्टल में सामान रखकर सुकुम वित एरिया में मार्केट की सैर पर निकल गया यहां एक रेस्टोरेंट में वेजिटेरियन फूड खाया खर्च हुए 560 भात यानी लगभग ₹ वेजिटेरियन फूड के लिए बैंकॉक में ढेरों ऑप्शंस हैं लेकिन यहां पर उसके लिए थोड़ी ज्यादा कीमत चुकानी पड़ती है रात को हॉस्टल आकर सो गया और इंटरनेट पर इसी रात एक दूसरा हॉस्टल सर्च कर लिया यह था बोगा हॉस्टल मैंने अगली सुबह बगा हॉस्टल जाने का मन बना लिया था एस3 सुखम से बडगा हॉस्टल तक की पैदल यात्रा बेहद मजेदार रही इस यात्रा में मैंने हर कदम पर बैंकॉक और थाईलैंड के माहौल को और वहां के कल्चर को देखा और महसूस कियान [संगीत] [संगीत] मैया ऊवा थाई लोग बेहद बिजी रहते हैं ज्यादा कम्युनिकेट भी नहीं करते हैं हां टूरिस्ट की मदद करने से वह कभी पीछे नहीं रहते सुबह-सुबह स्ट्रीट फूड खाकर काम पर निकल जाते हैं बैंकॉक देर रात तक जागता है सुबह-सुबह नौकरी पेशा लोग तो काम पर निकल जाते हैं लेकिन मार्केट देर से ही खुलती है रास्ते में हॉस्टल जाते हुए मुझे कॉन और फ्रूट के ऑप्शंस दिख थे तो उसे मैंने झटपट ब्रेकफास्ट कर लिया मार्केट में मार जवाना की भी एक दुकान दिखाई दी थाईलैंड में कभी मारी जवाना को लेकर कठोर कानून हुआ करते थे लेकिन सरकार ने जून 2022 में मारी ज्वाना के फूलों को अपनी प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की सूची से हटा लिया इसके बाद थाईलैंड में मार जुवाना का एक डोमेस्टिक मार्केट रातों-रात उभर आया 1 साल से भी कम वक्त में मार जुवाना की लगभग 12000 रजिस्टर्ड डिस्पेंसरीज हो गई यह अमेरिका में मौजूद संख्या से भी ज्यादा थी दोस्तों ए3 सुखम वित जो होटल था वो मैंने छोड़ दिया है और अभी मैं बढ़ रहा हूं बगा सेंटर करके एक हॉस्टल है वहां पर और लगभग दो किलोमीटर दूर है यह जगह उस जगह से मैंने जो बाइक राइडर है उनसे मैंने पता किया तो एक जो थे वो तैयार नहीं हुए फिर मैंने पैदल चलने का फैसला किया और अभी 800 मीटर की दूरी जो है वो बाकी है और थोड़ा यह भी अनुभव लिया जाए यह बैंकॉक है और काफी शांत होता है यहां का सुबह और रातें काफी यहां की चका चौन से भरी होती है तो सुबह इतनी ट्रैफिक सुबह बहुत ट्रैफिक भी नहीं है और आप आसानी से चल सकते हैं फुटपाथ बना हुआ है और ट्रैफिक भी काफी स्मूथ रहता है तो अभी बस आइए अब 750 मीटर बाकी है आपसे बात करते करते मैंने 50 मीटर की दूरी और तय कर ली रास्ते में देखिए ये दुकाने है शॉप्स रहती है आप यहां खा सकते हैं लेकिन ये मोस्टली नॉनवेज के लिए सही होता है इफ आर इफ यू आर वेजिटेरियन तो आप फ्रूट चाट कॉर्न यह सब ले सकते हैं और वो कहीं कहीं मिलता है आपको हर जगह नहीं मिलता है मैंने सुबह कॉर्न खा लिया था थोड़ी देर में बैठ लेता हूं बहुत थक गया थोड़ी देर देखिए मैं यहां पर बैठ गया हूं मेरा बैग काफी भारी है यह बच्चों का स्कूल यह स्कूल है और देखिए राजा की फोटो यहां भी लगी हुई है जितने भी पब्लिक प्लेसेस है हर जगह आपको राजा की फोटो जरूर दिखाई देती है पूरे थाईलैंड भर में यहां पर आप फ्रेंच रेस्टोरेंट देख रहे हैं और जहां मैं ठहरा हुआ था सुखम 30 के पास वहां जपनीज कैरोकी और जपनीज रेस्टोरेंट की भरमार थी 711 है आप कोई भी सामान यहां से खरीद सकते हैं कोई भी सामान इ सस की आपको कुछ पैकेट फ्रूड खरीदना हो नॉनवेज में बेसिकली बहुत आइटम्स होते हैं आप वो भी खरीद सकते हैं बियर भी खरीद सकते हैं यहां से ड्रिंकिंग वाटर आपको काफी चीप पड़ता है एस कंपेयर टू आउटसाइड मार्केट में मार्केट में जो बॉटल आपको 24 बाद की मिलती है वो यहां पर अराउंड 14 15 बाद की मिल जाती है तो यह फायदा है 711 का और ये जो जगह है इस यहां देखिए लगा हुआ है यंग पैलेस यंग प्लेस लिखा हुआ है तो यहां पर कई सारे बार हैं और पार्टी प्लेस है खूब सारे यंग प्लेस है इस जगह का नाम यहां भी राइडर लोग बैठे हुए हैं देखिए बैंकॉक में इस दूसरे हॉस्टल तक के सफर में मैंने कई जगह ब्रह्मा मंदिर और गणेश मंदिर देखे ऐसे मंदिर मैं बीते एक हफ्ते से थाईलैंड भर में देख रहा था थाईलैंड में बौद्ध आबादी है लेकिन फिर भी वह हिंदू देवताओं की पूजा करते हैं इसकी वजह है खमेर अंपायर जो कंबोडिया से यहां आया और अपने साथ वो संस्कृति भी लेकर आया जिसे भारत के तमिलनाडु से कंबोडिया पहुंचे चोल साम्राज्य ने उसे सिखाया था वह संस्कृति यही थी बड़गांव हॉस्टल के बारे में मैंने ऑनलाइन चेक किया था वहां पहुंचा तो कुछ पाकिस्तानी भी मिले मैंने उन्हें अपना परिचय दिया बात तो हुई थी शाम को मुलाकात करने की लेकिन जब मैं लौटा तो वह रूम खाली करके जा चुके थे यह मामला थोड़ा समझ के बाहर था खैर बोडका हॉस्टल में मैंने अपना सामान रखा सिक्योरिटी के तौर पर मुझसे मेरा पासपोर्ट रखवाया गया यहां भी आपको सिर्फ सोने के लिए एक बेड ही मिलता है बैंकॉक में मेरा अगला पड़ाव था किंग महिदोल यूनिवर्सिटी इस यूनिवर्सिटी तक का रूट पता करने और यहां पहुंचने के लिए मैंने इंटरनेट की मदद ली हालांकि इस बीच काफी समय मेरा बस स्टॉप पर बस का इंतजार करते-करते बीत गया बैंकॉक से किंग महिदोल यूनिवर्सिटी कैसे पहुंचना है इसकी जानकारी को आप नोट कर लीजिए दोस्तों अयु थाया में जो हिस्टोरिकल साइट है उसमें एक टेंपल है वाड छाई वतम वहां पर भारतीय छात्र मुझे मिले थे और यह सभी इंडियन स्टूडेंट्स आंध्र प्रदेश से थे और उन्होंने मुझे इनवाइट किया था अपने यूनिवर्सिटी आने के लिए जो मडोल यूनिवर्सिटी है और मैं अभी यहां पर खड़ा हूं पहले मैं जो फ्रॉम फंग बीटीएस स्टेशन है वहां से मैं पहुंचा पिया मरा विलेज तक के लिए और वहां तक के लिए मेरे जो खर्च हुए पैसे वो खर्च हुए 23 थाई बाद फिर पिया मलाक विलेज से मैंने बस ली 515 की उससे पहले जो बस मैंने फ्रॉम फंग बीटीएस स्टेशन से प्रिया मक विलेज तक के लिए ली थी वो 511 थी और फिर पिया ब्रक विलेज से मैंने जो मडोल यूनिवर्सिटी तक के लिए बस ली है वो 515 है इन दोनों में जो टिकट खर्च हुए पहले खर्च हुए 23 बात फिर खर्च हुए 25 थाई बात और अभी मैं यहां पहुंच चुका हूं आपको दिखाता हूं कैसा है यूनिवर्सिटी का कैंपस देखिए मेरे पीछे बहुत ही सुंदर कैंपस है और शानदार नजारा है बच्चे बस आने ही वाले होंगे मैंने उनको मैसेज कर दिया है यहां पहुंचकर सबसे पहले मैंने पेट पूजा की बात करें महिदोल यूनिवर्सिटी की तो मडोल यूनिवर्सिटी थाईलैंड की सबसे प्रेस्टीजियस यूनिवर्सिटीज में शामिल है यूनिवर्सिटी का सलाया कैंपस नखो पथोम प्रोविंस के पुथम मंथम डिस्ट्रिक्ट में है महिल यूनिवर्सिटी थाईलैंड में एक ऑटोनोमस पब्लिक रिसर्च यूनिवर्सिटी है इसकी शुरुआत 1888 में श्रीराज अस्पताल की स्थापना के साथ हुई थी 1943 में इसे यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंस के रूप में बदल दिया गया बाद में 1969 में किंग भूमि डोल अदल देजा उनके पिता सोंगखला के प्रिंस महिदोल थे और उन्हें थाईलैंड के मॉडर्न मेडिसिन और पब्लिक हेल्थ के जनक के रूप में जाना जाता है यूनिवर्सिटी का फोकस हेल्थ साइंस पर है लेकिन आज इसमें अलग-अलग तरह के 629 कोर्स चलाए जाते हैं 17 फैकल्टीज छह कॉलेज नौ रिसर्च इंस्टिट्यूट और छह कैंपस के साथ महिदोल यूनिवर्सिटी का दायरा बहुत बढ़ चुका है अगर बात करें यूनिवर्सिटी के आर्किटेक्चर और इसकी खूबसूरती की तो आपको बता दें कि यह यूनिवर्सिटी एक नहर के किनारे पर है अंदर पानी में आपको मछलियां और बड़ी-बड़ी लिजर्ड देखने को मिलती हैं पूरे कैंपस में ट्राम चलती है और वो भी एकदम मुफ्त कैंपस बेहद खूबसूरत है आप यहां पूरा दिन भी आराम से बिता सकते हैं इस कैंपस में मुझे एक साथ कई एक्टिविटीज होती हुई दिखाई दी कहीं बच्चों के लिए स्पेशल क्लास तो कहीं म्यूजिक कंसर्ट अब वक्त था बैंकॉक की ओर वापस चलने का आधे रास्ते तक मैं बस से आया और फिर मैंने बोल्ट ऐप से बाइक बुक की अगर आप भी बैंकॉक में हैं तो बोल्ट ऐप को डाउनलोड करें इस ऐप से आपको बाइक या कैप बुकिंग के लिए बहुत मदद मिलेगी वापस बैंकॉक आने में मैंने जिस बोल्ट ऐप से बाइक बुकिंग की उसका खर्च 80 भाज से ज्यादा का था शुरुआत में तो बाइक हवा से बातें कर रही थी लेकिन बैंकॉक आते ही हालात बदल गए थे बैंकॉक पहुंचते पहुंचते रात हो चुकी थी और शहर अपने पूरे शबाब पर पहुंच चुका था शहर में गाड़ियों की भरमार है सो जाम तो मिलना ही था राइडर ने मुझे ड्रॉप किया तब तक भूख बहुत ज्यादा लग चुकी थी तो सबसे पहले पिछली रात वाले स्टे सुकम 30 के नजदीक स्थित एक साउथ इंडियन रेस्टोरेंट में जाकर भूख मिटाई हालांकि इसके लिए मुझे काफी चलना पड़ा बैंकॉक और पटाया थाईलैंड के दो ऐसे शहर हैं जो मसाज पार्लर के लिए भी जाने जाते हैं बात करें मसाज के रेट्स की तो यह जान लीजिए कि आपको थाई मसाज का ऑप्शन 250 बात में मिल जाता है फुट मसाज भी 250 बात में मिलती है और ऑयल मसाज 500 बात में बैंकॉक में ही आपको जपनीज कैके भी दिखाई देते हैं कई जगह आपको जपनीज कैके का ऑप्शन मिलता है अब ट्रेवल करेंगे तो रिफ्रेशमेंट की भी जरूरत होगी आप बैंकॉक पटाया या थाईलैंड के किसी दूसरे शहर में हो आपको पानी खरीदना हो जूस कू ड्रिंक बियर शैंपू साबुन तेल या फूड पैकेट्स 711 इसके लिए बेस्ट ऑप्शन है यहां चीजें बाहर की तुलना में बहुत सस्ती मिलती हैं आप यहां से नॉन वेजिटेरियन फूड भी खरीद सकते हैं देर रात तक बैंकॉक की सैर के बाद वापस बोगा हॉस्टल आकर सो गया अब अगला दिन मेरा इंतजार कर रहा था यह थाईलैंड में मेरा आखिरी दिन था और इस दिन मुझे शॉपिंग प्लेस एक्सप्लोर करने थे सुबह हॉस्टल में मौजूद विदेशी लोग जब सो ही रहे थे तब तक मैं नहा धोकर तैयार हो चुका था तो बीटीएस एमआरडी और ए आरएल एयरपोर्ट रेल लिंक तीन मेट्रो सर्विसेस हैं शहर के अंदर बीटीएस पकड़कर सबसे पहले पहुंचा सेंट्रल वर्ड बैंगकॉक में सेंट्रल वर्ल्ड एक शॉपिंग प्लाजा और सबसे बड़ा शॉपिंग कॉम्प्लेक्टेड और ऑफिस टावर भी है इसका मालिकाना हक सेंट्रल पटाना कंपनी के पास है यहां मैंने कॉफी की अलग-अलग किस्में देखी और साथ ही देखा कि apple-app-site-association यहां आकर तो ऐसा लगा कि मानो मैं भारत में ही किसी जगह पर हूं हिंदी बोलने वाले दुकानदार वेजिटेरियन फूड की इंडियन दुकानें आपको एहसास ही नहीं होने देती कि आप थाईलैंड में हैं इंदिरा स्क्वायर थाईलैंड के प्रतुनाम एरिया में स्थित है इसके नजदीक ही इंदिरा रिजेंट होटल और सेकंड बायो के टावर है सेकंड बायो के टावर एक रेजिडेंशियल बिल्डिंग है यहां कई दूसरे टूरिस्ट स्पॉट्स भी हैं जिसमें बैंकॉक डॉल्स म्यूजियम पाया थाई पैलेस सुवान पक्कड़ पैलेस थाई लेबर म्यूजियम विक्ट्री मॉन्यूमेंट जैसी जगह शामिल हैं इंदिरा मार्केट की बात करें तो यहां 300 से ज्यादा होलसेल की दुकानें हैं यहां हर आइटम होलसेल रेट पर ही मिलता है यहां आपको पाकिस्तानी टूरिस्ट भी खूब मिलते हैं पाकिस्तान से आए टूरिस्टो के एक ग्रुप से मेरी भी मुलाकात हुई हालांकि बात अगर सामान खरीदने की हो तो मैं आपको सुझाव दूंगा कि इंदिरा स्क्वायर पर आप कम दाम देखकर टॉफियां बिल्कुल ना खरीदें खरीदने से पहले किसी एक टॉफी का स्वाद जरूर चख लें प्रथम एरिया में इंदिरा मार्केट पहुंचने के लिए आपको रेल रोड प्लेन और एक्सप्रेस बोट के ऑप्शन मिलते हैं इंदिरा स्क्वायर को दूसरे लोकेशन से जोड़ने वाली एक बड़ी सड़क भी है जिसका नाम राजा प्रारूप रोड है आप प्रतुनाम पायर के जरिए बोट से भी यहां तक पहुंच सकते हैं बोट में बैठकर नहर में यात्रा का रोमांच यादगार होता है इंदिरा मार्केट में महिलाओं पुरुषों बच्चों के लिए शॉपिंग के ढेरों ऑप्शन मिलते हैं पहले फ्लोर पर फास्ट फूड कॉर्नर और फैशन प्रोडक्ट मिलते हैं जिनमें फैशन वियर सिल्क के कपड़े और एक्सेसरीज की दुकानें हैं दूसरे फ्लोर पर आपको प्रोडक्ट की और भी रेंज मिलती है इसमें खिलौने मोबाइल फोन आर्ट एंड क्राफ्ट शामिल है अगर आपको भूख लगती है तो आप सेकंड फ्लोर पर फूड सेंटर को विजिट कर सकते हैं वैसे इंदिरा स्क्वायर के बाहर भी ढेरों इंडियन रेस्टोरेंट हैं बैंकॉक में सस्ती शॉपिंग का यह सबसे बड़ा अड्डा है अब वक्त हो चला था वापस हॉस्टल की ओर लौटने का फटाफट हॉस्टल आकर सामान पैक किया कैप बुक की और चल दिया एयरपोर्ट की ओर मेरी फ्लाइट बैंकॉक के स्वर्ण भूमि हवाई अड्डे से थी दोस्तों एक बेहतरीन देश है थाईलैंड और यहां के लोग भी बहुत ही बेहतरीन हैं बहुत ही टूरिस्ट फ्रेंडली कंट्री है यह फाइनली 15 दिनों की अपनी यात्रा के बाद मैं निकल रहा हूं भारत की ओर फिर से वापस और अद्भुत यात्रा रही मेरी अद्भुत सफर रहा कई यादें जुड़ी बहुत ही भावुक लमहा भी है मेरे लिए ये स्वर्ण भूमि हवाई अड्डा बैंकॉक का प्रमुख हवाई अड्डा है यह मानो अपने आप में कोई एयरपोर्ट ना होकर जैसे कोई शहर हो यह थाईलैंड का सबसे बिजी एयरपोर्ट भी है बैंकॉक के पूर्व में 39 किमी दूर ये एयरपोर्ट मौजूद है स्वर्ण भूमि हवाई अड्डे की शुरुआत 2006 में हुई थी आज दुनिया की हर बड़ी एयरलाइन स्वर्ण भूमि हवाई अड्डे तक के लिए सर्विस देती है थाईलैंड में कुछ बजट एयरलाइन डॉन मुंग हवाई अड्डे का भी इस्तेमाल करती हैं स्वर्ण भूमि हवाई अड्डे पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की सर्विस के लिए एक बड़ी टर्मिनल बिल्डिंग है इसे मेन टर्मिनल कहा जाता है वहीं एक सैटेलाइट टर्मिनल भी है जिसे सेट वन कहा जाता है दोस्तों देखिए बैंकॉक के स्वर्ण भूमि हवाई अड्डे पर यह एक विशाल जो आकृति है यह समुद्र मंथन को दिखा रही है और यह गवाही देती है कि किस तरह से जो थाईलैंड है यहां की संस्कृति हिंदुस्तान भारत की संस्कृति से प्रभावित है स्वर्ण भूमि को लेकर प्लानिंग तो यह थी कि यही बैंकॉक का एकमात्र कमर्शियल हवाई अड्डा बनेगा लेकिन एयर ट्रैफिक में आए बूम की वजह से 2007 में डॉन मुंग हवाई अड्डे को फ्लाइट्स के लिए फिर से खोलना पड़ा स्वर्ण भूमि हवाई अड्डे से शहर में आने के बहुत सारे रास्ते हैं बहुत से लोग एयरपोर्ट रेल लिंक का ऑप्शन भी चुनते हैं क्योंकि यह शहर में आने का अब तक का सबसे तेज तरीका है हालांकि टैक्सियों के दाम भी ठीक-ठाक हैं आप उसे भी चुन सकते हैं आइए जानते हैं कि आप स्वर्ण भूमि एयरपोर्ट पर ट्रेन का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं स्वर्ण भूमि हवाई अड्डे के बेसमेंट में एयरपोर्ट रेल लिंक की सर्विस है जिससे आप आसानी से बैंकॉक शहर पहुंच सकते हैं बैंकॉक के मुश्किल ट्रैफिक से बचने का यह सबसे बेहतर तरीका है बैंकॉक के एयरपोर्ट रेल लिंक पर ट्रेनें सुबह 6:00 बजे से चलना शुरू हो जाती हैं और आधी रात तक चल चती रहती हैं सिटी लाइन एक कम्यूटर रेल लाइन है जो सभी स्टेशनों पर रुकती है इस रूट पर ट्रेनें हर 10 से 13 मिनट में मिलती हैं मकास स्टेशन के बाद ट्रेनें रक्षा प्रारूप और पाया थाई स्टेशन के रास्ते पर बढ़ जाती हैं स्वर्ण भूमि हवाई अड्डे से पाया थाई तक पहुंचने के लिए इस ट्रेन से कुल 26 मिनट लगते हैं और किराया होता है 50 भात से भी कम अगर आप स्वर्ण भूमि एयरपोर्ट से बैंकॉक शहर की ओर जा रहे हैं तो एयरपोर्ट रेल लिंका पाया थाई में बीटीएस स्काई ट्रेन से अच्छा कनेक्शन है हालांकि बीटीएस की सवारी के लिए आपको एक नया टिकट खरीदना होगा अगर काओ सैन रोड आपका स्टेशन है तो आप मुख्य सड़क से टैक्सी ले सकते हैं या बस में बैठ सकते हैं यह बस सेंट्रल वर्ड बीटीएस सियाम और बीटीएस नेशनल स्टेडियम से निकलती है और काओ सैन रोड के दोनों किनारों पर सर्विस देते हुए रच्चा डम नोइन क्लांग रोड और चकरा बंग से रोड तक जाती है यहां आपको यह बता दूं कि एयरपोर्ट लाइन और बीटीएस दो अलग-अलग रूट हैं फुटओवर ब्रिज के जरिए मकास स्टेशन पर एमआरटी मेट्रो स्टेशन में भी बैठ सकते हैं एमआरटी मेट्रो स्टेशन का फेर चा बुरी स्टेशन यहां कनेक्ट होता है मेट्रो सुखम वित रोड पर अशोक इंटरसेक्शन से सिलम और पूर्वी यवत यानी चाइना टाउन तक जाती है आइए अब जानते हैं कि बैंकॉक के स्वर्ण भूमि वाइड पर बस की कौन-कौन सी सर्विस मिलती है प्राइवेट एक्सप्रेस बस s1 एयरपोर्ट टर्मिनल बिल्डिंग से खाओ सैन रोड तक जाती है इसका किराया 60 बाद का होता है और यह फर्स्ट फ्लोर पर गेट नंबर सेवन से हर 30 मिनट पर मिलती है सुबह 6:00 बजे से रात 8 बजे तक इसकी सर्विस मिलती है बस बैंकॉक तक के लिए सराट एक्सप्रेसवे से गुजरती है और सिर्फ यमारा जंक्शन लैन लुवांग रोड फैन फा डेमोक्रेसी मॉन्यूमेंट वार्ड बावने विट खाओ सन रोड और वर्ल्ड वॉर फर्स्ट मॉन्यूमेंट के नजदीक सनम लंग पर रुकती है यह एक घंटे से भी कम वक्त में आपको बैंकॉक सिटी में पहुंचा देती है अगर आप सरकारी बस या मिनी बस की सवारी करना चाहते हैं तो आपको सबसे पहले शटल बस की फ्री सर्विस लेनी होगी जो मिलती है स्वणभूमि एयरपोर्ट के सेकंड फ्लोर के बाहर गेट नंबर फाइव से यह बस आपको कुछ किलोमीटर दूर स्थित पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेंटर तक लेके जाती है यहां से आप एक्सप्रेस शटल ले सकते हैं आइए इन एक्सप्रेस शटल के नंबर भी जान लेते हैं 554 नंबर स्वर्ण भूमि से डॉन मिंग एयरपोर्ट तक 555 नंबर स्वर्ण भूमि से रैंक सट एक्सप्रेसवे के जरिए 558 नंबर स्वर्ण भूमि से सेंट्रल रामा 2 559 स्वर्ण भूमि से फ्यूचर पार्क रैंक सट आउटर रिंग रोड के जरिए यह सर्विस आपको एक से दो घंटे में आपके डेस्टिनेशन तक पहुंचा देती है हालांकि यह पूरी तरह से ट्रैफिक पर भी डिपेंड करता है यह बसें हर 20 मिनट पर मिलती हैं नाइट में यह 20 मिनट से लेकर 1 घंटे के अंतर पर मिलती हैं ग्रेटर बैंकॉक के कई हिस्सों जैसे डॉन मुंग हवाई अड्डे बैंक कपी रंग सिट और सेमुर प्राक के लिए प्राइवेटली ओड बीएमटी ए मिनी बसेस भी हैं इसमें 50 बात का फ्लैट रेट होता है और यह सीधे डेस्टिनेशन तक जाती हैं इसलिए वे सरकारी बसों की तुलना में तेज पहुंचाती हैं लंबी दूरी की फर्स्ट क्लास बस सर्विस स्वर्ण भूमि हवाई अड्डे को चा चोएंग साओ नोंगखाई पटाया रियोंग और ट्रेट से सीधे जोड़ती हैं स्वणभूमि हवाई अड्डे और डॉन मोएंग हवाई अड्डे के बीच सुबह 5:00 बजे से रात 12:00 बजे तक निशुल्क बसें मिलती हैं सुबह 10:00 बजे तक यह बसें 1 घंटे के अंतराल पर इसके बाद रात 10 बजे तक 20 से 40 मिनट के अंतराल पर और इसके बाद फिर 1 घंटे के अंतराल पर मिलती हैं इन बसों की यात्रा के लिए आपके पास बोर्डिंग पास या ई टिकट की रिसिप्ट होना जरूरी है स्वर्ण भूमि हवाई अड्डे पर आपको गेट नंबर तीन से ये बसें मिलती हैं डॉन मंग एयरपोर्ट पर ये बसें आपको अराइवल टर्मिनल के ग्राउंड फ्लोर पर मिलती हैं बात करें टैक्सी की तो बता दें कि आपको सिर्फ स्वर्ण भूमि एयरपोर्ट के फर्स्ट फ्लोर पर मीटर टैक्सी मिलती है ये अलग-अलग रंगों की होती है लेकिन आप इनकी पहचान इनके रूफ पर लिखी गई टैक्सी से कर सकते हैं आप पब्लिक टैक्सी के साइन को फॉलो करके एयरपोर्ट बिल्डिंग के एक और एरिया में आ सकते हैं यहां वेंडिंग मशीन से आप दो तरह की टैक्सियों की यात्रा की पची ले सकते हैं एक स्टैंडर्ड टैक्सी और दूसरी बड़ी टैक्सी टैक्सी में आपसे सिर्फ थाई बात लिए जाते हैं और वह भी कैश पेमेंट में ड्राइवर्स के पास ज्यादा चेंज नहीं होते हैं तो आप सहूलियत के लिए चेंज लेकर चलें सण भूमि के टर्मिनल बिल्डिंग में 50 डाइनिंग वेन्यू हैं यहां कीमत थोड़ी ज्यादा रहती है एयरपोर्ट पर ही एक पोस्ट ऑफिस भी है अगर आपको शॉपिंग करनी है तो उसका रियल एक्सपीरियंस इमीग्रेशन के दूसरी साइड डिपार्चर एरिया में है जहां ढेरों दुकानें हैं और आप वहां से ड्यूटी फ्री कई आइटम खरीद सकते हैं यहां की चीजें देखकर आपको महसूस होगा कि आप किसी एयरपोर्ट पर नहीं बल्कि किसी शॉपिंग मॉल में है अगर आप स्वर्ण भूमि एयरपोर्ट पर हैं और आपको सिम कार्ड चाहिए तो सेकंड फ्लोर पर तीन मोबाइल ऑपरेटर कस्क से आप इसे खरीद सकते हैं सिम पैकेज में आपको डाटा मिलता है आप सिम लेते हैं तो एयरपोर्ट स्टाफ आपके मोबाइल में उसे सेटअप भी कर देता है आपको सिम खरीदने के लिए अपना पासपोर्ट भी दिखाना होता है एयरपोर्ट से अगर आप बैंकॉक की ओर जा रहे हैं तो तो बेसमेंट लेवल पर कन्वीनियंस स्टोर से कुछ खरीद ले ताकि आपके पास चेंज हो जाए एटीएम और करेंसी एक्सचेंज कॉस्क पर आपको 1000 बाद के नोट ही मिलते हैं दोस्तों थाईलैंड के बैंकॉक शहर पर दी गई हमारी यह जानकारी आपको कैसी लगी हमें जरूर बताएं हम ऐसे ही वीडियोस आपके लिए लेकर आते रहेंगे ऐसे ही वीडियोस देखने के लिए हमें सब्सक्राइब जरूर करें मिलते हैं अगली बार एक नई वीडियो में अपना ध्यान रखिएगा

Thailand Tour Vlog: Complete Travel Information of Ayutthaya Bangkok Pattaya and Buriram

Thailand, officially the Kingdom of Thailand and historically known as Siam (the official name until 1939), is a country in Southeast Asia on the Indochinese Peninsula. With a population of 66 million, it spans 513,120 square kilometres (198,120 sq mi). Thailand is bordered to the northwest by Myanmar, to the northeast and east by Laos, to the southeast by Cambodia, to the south by the Gulf of Thailand and Malaysia, and to the southwest by the Andaman Sea; it also shares maritime borders with Vietnam to the southeast and Indonesia and India to the southwest. Bangkok is the state capital and largest city.

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